'प्रेमिका के घरवालों ने बुलाया, फिर भाई को मार डाला PG स्टूडेंट की हत्या में 2 लोग नामजद, सिर के पिछले हिस्से पर चोट के निशान

नालंदा में 25 वर्षीय PG छात्र शिवम रेक्स का शव नहर में मिला। परिजनों ने प्रेमिका के पिता-भाई पर हत्या का आरोप लगाया, सिर पर चोट के निशान मिले।
'प्रेमिका के घरवालों ने बुलाया, फिर भाई को मार डाला PG स्टूडेंट की हत्या में 2 लोग नामजद, सिर के पिछले हिस्से पर चोट के निशान
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नालंदा में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। तेल्हाड़ा थाना क्षेत्र के गोवाल बिगहा निवासी 25 वर्षीय पीजी छात्र शिवम रेक्स का शव चार दिन बाद नहर में मिला। मृतक के परिजनों ने प्रेमिका के पिता और भाई पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि शिवम का करीब छह महीने से एक युवती के साथ प्रेम संबंध था और इसी रिश्ते को लेकर विवाद चल रहा था। परिजनों के मुताबिक शिवम को बातचीत के बहाने प्रेमिका के घरवालों की ओर से बुलाया गया था, जिसके बाद वह लापता हो गया और कुछ दिन बाद उसका शव नहर में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक शिवम रेक्स के बारे में बताया गया है कि वह पीजी प्रथम वर्ष का छात्र था। उसके माता-पिता दोनों हिलसा कोर्ट में अधिवक्ता हैं। परिवार के लिए शिवम की मौत इसलिए भी बड़ा सदमा है क्योंकि जिस युवक के भविष्य को लेकर परिवार ने सपने देखे थे, उसकी जिंदगी अचानक खत्म हो गई। शव मिलने के बाद परिवार ने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार किया और शरीर पर मिले चोट के निशानों के आधार पर हत्या की आशंका जताई। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शिवम की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव नहर तक कैसे पहुंचा।

परिवार के अनुसार शिवम का एकंगरसराय थाना क्षेत्र के एकंगरडीह गांव की एक लड़की के साथ प्रेम संबंध था। मृतक के दोस्त के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक दोनों एसयू कॉलेज में पीजी प्रथम वर्ष के छात्र थे और करीब छह महीने से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शुरुआत में यह रिश्ता सामान्य बातचीत और मुलाकात तक सीमित था, लेकिन बाद में दोनों के बीच नजदीकी बढ़ गई थी। परिजनों का आरोप है कि इसी प्रेम संबंध को लेकर लड़की के घरवालों से विवाद की स्थिति बनी और आखिरकार शिवम की मौत हो गई। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने तक इन आरोपों को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।

शिवम के पिता ओम प्रकाश ने आरोप लगाया है कि लड़की के भाई ने उनसे संपर्क किया था। पिता के मुताबिक उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि मामले को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा और शिवम को कोई नुकसान नहीं होगा। परिवार का कहना है कि इसी भरोसे के कारण उन्हें यह आशंका नहीं हुई कि शिवम के साथ कोई गंभीर घटना हो सकती है। बाद में जब उसका शव नहर में मिला तो परिवार के सामने पूरा मामला बिल्कुल अलग रूप में सामने आया।

मृतक के बड़े भाई सत्यम केशवा के मुताबिक 14 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे शिवम से उनकी आखिरी बातचीत हुई थी। भाई का कहना है कि उस समय शिवम ने खुद को बिहारशरीफ में बताया था। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिवार के अनुसार बाद में यह जानकारी सामने आई कि शिवम एकंगरसराय इलाके में लड़की के परिजनों के संपर्क में था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे बातचीत और भरोसे के जरिए बुलाया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के जरिए की जानी बाकी है।

शिवम के अचानक गायब होने के बाद परिवार को उसकी चिंता होने लगी। उसका मोबाइल भी रात करीब 8 बजे के बाद बंद बताया गया है। कुछ समय तक परिवार को यह उम्मीद रही कि वह वापस लौट आएगा, लेकिन जब उसका कोई पता नहीं चला तो मामले की तलाश शुरू हुई। इसी बीच पुलिस को नहर में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। शव की पहचान तत्काल नहीं हो सकी थी, क्योंकि मोबाइल पानी में भीगकर बंद हो चुका था।

पुलिस ने शव की पहचान के लिए मृतक के पास मिले मोबाइल के सिम का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के अनुसार एफएसएल टीम की मौजूदगी में सिम को दूसरे फोन में लगाया गया, जिसके बाद हिलसा के एक अधिवक्ता का नंबर सामने आया। इसी नंबर के जरिए पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया और बाद में शव की पहचान शिवम रेक्स के रूप में हुई। इस तरह मोबाइल फोन और सिम ने पुलिस को मृतक के परिवार तक पहुंचने में मदद की।

शिवम का शव राढ़ील छिलका और खड्डी लोदीपुर गांव के बीच स्थित नहर में बहता हुआ मिला। शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। परिजनों के मुताबिक शिवम के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान थे और शरीर पर भी चोट के निशान दिखाई दिए। इन्हीं चोटों के आधार पर परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है ताकि मौत की वास्तविक वजह और चोटों की प्रकृति के बारे में चिकित्सकीय जानकारी मिल सके।

परिवार का आरोप है कि अगर शिवम की मौत किसी दुर्घटना में हुई होती तो उसके शरीर पर मिले चोटों की स्थिति और घटनाक्रम की अलग तस्वीर सामने आती। परिजन इसे प्रेम प्रसंग से जोड़ रहे हैं और लड़की के पिता तथा भाई को नामजद किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि अभी यह जांच का विषय है कि शिवम की मौत हत्या के कारण हुई, दुर्घटना के कारण या किसी अन्य परिस्थिति में। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इस मामले में सबसे अहम कड़ी 14 सितंबर की शाम मानी जा रही है। परिवार के मुताबिक इसी समय शिवम से आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि उस शाम शिवम किन लोगों के संपर्क में था, वह बिहारशरीफ से कहां गया, उसके साथ कौन था और नहर तक वह कैसे पहुंचा। मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल और दूसरे डिजिटल साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि शिवम को बातचीत के नाम पर बुलाया गया था। परिवार के अनुसार लड़की के भाई की ओर से पहले संपर्क किए जाने के कारण उन्हें किसी गंभीर खतरे की आशंका नहीं थी। इसी वजह से वे कहते हैं कि शिवम वहां गया। बाद में जब उसकी मौत की जानकारी सामने आई तो परिवार ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध माना। पुलिस अब इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

शिवम के परिवार की ओर से प्रेमिका के पिता और भाई पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। लेकिन इस मामले में यह भी जरूरी है कि जांच पूरी होने से पहले आरोपियों को दोषी न माना जाए। पुलिस को यह देखना होगा कि आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य मौजूद हैं, घटनास्थल से क्या मिला, मृतक के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से क्या जानकारी सामने आती है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या बताती है।

शव मिलने के बाद गांव और आसपास के इलाके में भी चर्चा तेज हो गई। 25 वर्षीय युवक की इस तरह मौत की खबर से लोग हैरान हैं। परिवार का कहना है कि शिवम पढ़ाई कर रहा था और उसका भविष्य सामने था। पीजी की पढ़ाई के साथ वह अपने करियर को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा था। लेकिन प्रेम संबंध से जुड़े विवाद के बाद उसकी जिंदगी खत्म होने का आरोप सामने आया है।

मृतक के माता-पिता दोनों अधिवक्ता हैं। ऐसे में परिवार के लिए इस घटना का कानूनी पक्ष भी महत्वपूर्ण है। परिजन अब चाहते हैं कि शिवम की मौत की पूरी जांच हो और अगर किसी ने उसकी हत्या की है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। दूसरी तरफ पुलिस के सामने चुनौती यह है कि भावनात्मक आरोपों के बीच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक घटनाक्रम को सामने लाया जाए।

इस घटना में मोबाइल फोन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस के अनुसार मृतक का मोबाइल पानी में भीगने के कारण बंद था। इसके बावजूद सिम के जरिए उसकी पहचान की जा सकी। यह जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू है क्योंकि मोबाइल रिकॉर्ड से शिवम के आखिरी संपर्कों और घटनास्थल तक पहुंचने से संबंधित कुछ जानकारी मिल सकती है। हालांकि किसी भी डिजिटल साक्ष्य का निष्कर्ष पुलिस की तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा।

परिवार के अनुसार शिवम का लड़की के साथ करीब छह महीने से संबंध था। दोनों की पढ़ाई भी एक ही कॉलेज में होने की बात सामने आई है। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान दोनों के बीच संपर्क बढ़ा। इस रिश्ते के बारे में परिवारों को कब और किस तरह जानकारी हुई, इसके बाद क्या बातचीत हुई और विवाद किस स्तर तक पहुंचा, यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है।

परिजनों का आरोप है कि प्रेम संबंध ही हत्या की वजह बना। हालांकि पुलिस ने अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। नहर में शव मिलना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। अगर यह हत्या का मामला है तो हत्या कहां हुई, शव को नहर तक कैसे ले जाया गया और इसमें कितने लोग शामिल थे, इन सवालों का जवाब जांच से मिलेगा। वहीं अगर मौत किसी अन्य परिस्थिति में हुई है तो उसकी भी वैज्ञानिक तरीके से पुष्टि करनी होगी।

सिर के पिछले हिस्से पर चोट का निशान मिलने की बात ने परिवार की आशंका को और मजबूत किया है। शरीर पर दूसरे जख्मों का भी जिक्र किया गया है। लेकिन चोट की प्रकृति, उसकी गंभीरता और मौत से उसका संबंध पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए अधिक स्पष्ट होगा। पुलिस इसी रिपोर्ट का इंतजार करेगी और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।

परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों से पूछताछ, लड़की और उसके परिवार से जुड़े लोगों की जानकारी, मोबाइल रिकॉर्ड, घटनास्थल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जैसे सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया जा सकता है। अगर पुलिस को हत्या के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उसी के अनुसार कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

शिवम के परिवार के लिए यह सिर्फ एक आपराधिक जांच का मामला नहीं है। उन्होंने एक जवान बेटे को खोया है, जिसके बारे में परिवार का कहना है कि वह पढ़ाई कर रहा था और उसके सामने पूरा भविष्य था। एक दिन वह परिवार से बात करता है और उसके बाद अचानक गायब हो जाता है। कुछ दिनों बाद उसकी लाश नहर से मिलने की खबर परिवार तक पहुंचती है। इस पूरे घटनाक्रम ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

फिलहाल इस मामले में दो लोगों पर नामजद आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। परिवार ने प्रेमिका के पिता और भाई को जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और लिखित आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही है। इसलिए अभी मामले में आरोप और जांच के स्तर की जानकारी उपलब्ध है; अदालत या जांच एजेंसी की अंतिम पुष्टि के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिवम की मौत के लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार था।

नालंदा के इस मामले ने प्रेम संबंध, पारिवारिक विरोध और युवक की संदिग्ध मौत से जुड़े कई सवाल खड़े किए हैं। एक तरफ परिवार इसे हत्या बता रहा है और प्रेमिका के घरवालों पर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं पुलिस साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। 14 सितंबर की आखिरी बातचीत से लेकर नहर में शव मिलने तक की कड़ियां जोड़ना जांच की सबसे अहम कड़ी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से ही यह पता चलेगा कि उस रात शिवम के साथ वास्तव में क्या हुआ था।

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