नालंदा में घरेलू विवाद ने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। कल्याणबिगहा थाना क्षेत्र के कोलावां गांव में गुरुवार देर शाम एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को पकड़ने के दौरान उसके पास से कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल किया गया कट्टा भी बरामद हुआ। मृतका की पहचान 26 वर्षीय कांति देवी के रूप में हुई है। वह छह बेटियों की मां थी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और सबसे बड़ा सवाल अब उन छह बच्चियों की परवरिश को लेकर खड़ा हो गया है, जिन्होंने अपनी मां को खो दिया है।
बताया जा रहा है कि कांति देवी और उसके पति मन्नू कुमार उर्फ लड्डू मांझी के बीच पिछले कुछ समय से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। परिवार के अनुसार आरोपी पति करीब दो महीने पहले दरभंगा स्थित ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने के बाद घर लौटा था। मजदूरी से मिले पैसों का इस्तेमाल किस तरह किया जाए, इसी बात को लेकर पति-पत्नी में अक्सर कहासुनी होती थी। पति कथित तौर पर बाइक खरीदने के लिए पैसे खर्च करना चाहता था, जबकि पत्नी घर बनाने में रकम लगाने की बात कह रही थी। इसी विवाद को लेकर दोनों के बीच तनाव बना हुआ था।
गुरुवार को भी घर में इसी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ। परिजनों के मुताबिक आरोपी पति देर शाम घर पहुंचा था और उसके शराब के नशे में होने की बात भी सामने आई है। पत्नी ने उसके लिए दरवाजा खोला। इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि कहासुनी बढ़ने के बाद पति ने कट्टे से कांति देवी के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही महिला जमीन पर गिर गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार के सामने हुई इस वारदात के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी पति की तलाश शुरू की और उसे भागते समय पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल किया गया कट्टा बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों को समझने के लिए परिवार के सदस्यों तथा अन्य लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।
कांति देवी की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह छह बेटियों की मां थी और परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। रिपोर्ट के अनुसार उसकी सबसे छोटी बेटी अभी महज नौ महीने की है। मां की मौत के बाद इन बच्चियों के सामने अब जीवन की सबसे बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। एक तरफ उन्होंने अपनी मां को खो दिया, वहीं पिता की गिरफ्तारी के बाद उनकी देखभाल और भविष्य की जिम्मेदारी परिवार के बुजुर्गों पर आ गई है।
परिजनों के मुताबिक परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी और घर का खर्च मजदूरी के सहारे चलता था। ऐसे में मजदूरी से मिले पैसों को लेकर पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि बात कथित हत्या तक पहुंच गई। एक तरफ पति बाइक खरीदने की इच्छा रखता था, जबकि पत्नी घर बनाने के लिए पैसे बचाने या खर्च करने की बात कर रही थी। दोनों की जरूरतें अपनी जगह थीं, लेकिन विवाद ने जिस तरह हिंसक रूप लिया, उसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार पति-पत्नी के बीच इस मुद्दे को लेकर पहले भी कहासुनी होती रही थी। हालांकि किसी घरेलू विवाद का इस स्तर तक पहुंच जाना परिवार और आसपास के लोगों के लिए भी चिंता का विषय बन गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले दोनों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था, क्या पहले से कोई तनाव था और घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था।
इस मामले में शराब के नशे की बात भी परिजनों की ओर से सामने आई है। परिवार का कहना है कि आरोपी देर शाम शराब के नशे में घर पहुंचा था। इसके बाद पत्नी से विवाद हुआ और कथित तौर पर उसने हथियार निकालकर गोली चला दी। हालांकि इस दावे की पुष्टि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य बयानों से होगी। पुलिस के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटना के समय आरोपी की वास्तविक स्थिति क्या थी और गोली चलाने की परिस्थितियां क्या थीं।
गोली महिला के सिर में लगने की बात सामने आई है। गंभीर चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोट की प्रकृति और मौत के कारण से संबंधित चिकित्सकीय जानकारी सामने आएगी। इसके आधार पर जांच में आगे की कानूनी प्रक्रिया को दिशा मिल सकती है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को घटना के बाद भागते समय गिरफ्तार किया गया। उसके पास से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल कट्टा बरामद होने की बात कही गई है। हथियार की बरामदगी और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस यह भी देखेगी कि हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा और घटना में उसकी भूमिका क्या रही। मामले में उपलब्ध प्रत्यक्ष एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को एकत्र करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद सबसे ज्यादा असर छह बच्चियों पर पड़ा है। जिस घर में उनकी मां उनका पालन-पोषण कर रही थी, उसी घर में अब उनकी मां नहीं है। परिवार के सामने बच्चियों की पढ़ाई, भोजन, सुरक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी का सवाल खड़ा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अब उनकी बूढ़ी दादी के सामने इन बच्चियों की देखभाल की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि आर्थिक तंगी और घरेलू विवाद जब लंबे समय तक बने रहते हैं तो परिवार के भीतर तनाव बढ़ सकता है। हालांकि किसी भी विवाद को हिंसा में बदलने को उचित नहीं ठहराया जा सकता। यहां भी बाइक खरीदने और घर बनाने को लेकर पैसों का विवाद बताया जा रहा है, लेकिन कथित गोलीकांड ने पूरे परिवार को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
कोलावां गांव में घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। छह बच्चियों की मां की मौत की खबर ने गांव के लोगों को भी झकझोर दिया। एक तरफ महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, वहीं दूसरी तरफ परिवार के सामने बच्चियों के भविष्य को लेकर चिंता खड़ी हो गई।
पुलिस की शुरुआती जांच में घरेलू विवाद के दौरान पति द्वारा पत्नी को गोली मारने की बात सामने आई है। थानाध्यक्ष के अनुसार आरोपी को हत्या में इस्तेमाल किए गए कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
इस घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और कुछ ही समय में हिंसक घटना में बदल गया। परिवार के अनुसार पैसों के इस्तेमाल को लेकर पति-पत्नी में पहले से मतभेद थे। पति बाइक खरीदना चाहता था और पत्नी घर बनाने के पक्ष में थी। यह घरेलू स्तर का आर्थिक विवाद था, लेकिन आरोप है कि इसी बहस के दौरान हथियार का इस्तेमाल किया गया।
मजदूरी कर लौटे पति के पास जो पैसे थे, वे परिवार के लिए महत्वपूर्ण थे। ऐसे परिवारों में सीमित आमदनी होने के कारण हर बड़े खर्च का फैसला घर के भविष्य से जुड़ा होता है। बाइक खरीदना हो या मकान बनाना, दोनों के लिए रकम चाहिए। इसी वजह से परिवार में इस बात को लेकर मतभेद हो सकता है कि पैसे किस जरूरत पर पहले खर्च किए जाएं। लेकिन नालंदा की इस घटना में यही विवाद कथित तौर पर जानलेवा हिंसा में बदल गया।
अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की जिम्मेदारी है कि घटना का पूरा क्रम क्या था। आरोपी और मृतका के बीच विवाद कब शुरू हुआ, किसने क्या कहा, गोली किस परिस्थिति में चली और घटना के बाद आरोपी कहां भागा, इन सभी सवालों के जवाब जांच के दौरान सामने आएंगे। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और लोगों के बयानों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
मृतका के परिवार के लिए अब न्याय के साथ-साथ बच्चियों की जिंदगी सबसे बड़ा सवाल है। छह बच्चियों में सबसे छोटी अभी इतनी छोटी है कि उसे अपनी मां के जाने का अर्थ भी पूरी तरह समझ नहीं होगा। बाकी बच्चियों के सामने भी अचानक ऐसा जीवन आ गया है जिसमें मां की जगह हमेशा खाली रहेगी। पिता की गिरफ्तारी के बाद परिवार के अन्य सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी संभालनी होगी।
घटना के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। अंतिम संस्कार और उसके बाद परिवार के सामने रोजमर्रा की जिंदगी में लौटने की चुनौती होगी। लेकिन जिस परिवार ने एक साथ मां और पत्नी को खोया है, उसके लिए सामान्य स्थिति में लौटना आसान नहीं होगा।
नालंदा के कोलावां गांव की यह घटना घरेलू विवादों को समय रहते सुलझाने की जरूरत की ओर भी ध्यान खींचती है। हालांकि इस घटना की कानूनी जिम्मेदारी जांच और अदालत की प्रक्रिया के तहत तय होगी, लेकिन परिवार के भीतर बढ़ते तनाव को नजरअंदाज करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस मामले में भी परिजनों के अनुसार पैसों को लेकर विवाद पहले से चल रहा था और गुरुवार को मामला इतना बढ़ गया कि महिला की जान चली गई।
फिलहाल आरोपी पति पुलिस की गिरफ्त में है और कथित हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस आगे की जांच में घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जुटा रही है। कांति देवी की मौत के बाद छह बेटियों के सिर से मां का साया उठ गया है और परिवार के सामने उनके पालन-पोषण तथा भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।











