नालंदा में रक्षाबंधन की धूम: भगवान की आकृति से ब्रेसलेट तक राखियों की भरमार, 10% तक बढ़े दाम

नालंदा में रक्षाबंधन को लेकर बाजार सज गए हैं। भगवान की आकृति, ब्रेसलेट, फूल और कार्टून वाली राखियों की मांग बढ़ी, दाम भी 10% तक बढ़े हैं।
नालंदा में रक्षाबंधन की धूम: भगवान की आकृति से ब्रेसलेट तक राखियों की भरमार, 10% तक बढ़े दाम
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रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही नालंदा के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक माने जाने वाले इस पर्व को लेकर शहर और आसपास के बाजारों में राखियों की दुकानें सज गई हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। इस बार बाजार में पारंपरिक राखियों के साथ-साथ आधुनिक डिजाइन वाली राखियों की भी बड़ी रेंज उपलब्ध है। भगवान की आकृतियों वाली राखियों से लेकर ब्रेसलेट स्टाइल, फूल डिजाइन, मोती, स्टोन और बच्चों के पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।

रक्षाबंधन को लेकर बहनों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजार पहुंच रहीं महिलाएं और युवतियां अपने भाइयों की पसंद के हिसाब से राखियां खरीद रही हैं। कोई पारंपरिक धागे वाली राखी पसंद कर रहा है तो कोई ऐसी राखी की तलाश में है, जिसे पहनने के बाद वह ब्रेसलेट जैसी दिखाई दे। दुकानदारों ने भी ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग कीमत और डिजाइन की राखियां दुकान पर सजाई हैं।

बाजार में भगवान की आकृतियों वाली राखियों की भी विशेष मांग बनी हुई है। गणेशजी, श्रीकृष्ण और अन्य धार्मिक प्रतीकों वाली राखियां लोगों को काफी पसंद आ रही हैं। इन राखियों में रंगीन धागों के साथ मोती, स्टोन और सजावटी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। धार्मिक भावनाओं से जुड़ी होने के कारण ऐसी राखियों को कई लोग अपने भाई के लिए खास मानकर खरीद रहे हैं।

वहीं युवाओं के बीच ब्रेसलेट वाली राखियों का क्रेज देखने को मिल रहा है। देखने में यह राखियां सामान्य राखियों से अलग होती हैं। इनमें कई तरह के बीड्स, मोती, धातु के छोटे डिजाइन और आकर्षक सजावटी सामान लगाए गए हैं। इन्हें कलाई पर बांधने के बाद यह लंबे समय तक ब्रेसलेट की तरह पहनी जा सकती हैं। यही वजह है कि कॉलेज जाने वाली युवतियां और युवा भाइयों के लिए इस तरह की राखियों को पसंद कर रहे हैं।

बच्चों के लिए भी बाजार में कई तरह की राखियां उपलब्ध हैं। कार्टून कैरेक्टर, रंगीन मोतियों और छोटे खिलौने जैसी डिजाइन वाली राखियां बच्चों को खास तौर पर आकर्षित कर रही हैं। कुछ राखियों में चमकीले रंगों और अलग-अलग आकार के सजावटी सामान का इस्तेमाल किया गया है। बच्चों के लिए राखी खरीदने पहुंच रहे अभिभावक उनकी पसंद के कार्टून और रंग के हिसाब से राखियां चुन रहे हैं।

नालंदा के बाजारों में फूल वाली राखियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। अलग-अलग रंगों में तैयार की गई इन राखियों में फूल की डिजाइन को प्रमुखता दी गई है। कुछ राखियों में कपड़े या फोम से बने फूल लगाए गए हैं, जबकि कुछ में मोती और स्टोन से फूल का आकार तैयार किया गया है। देखने में आकर्षक होने के कारण ऐसी राखियों की मांग भी लगातार बनी हुई है।

दुकानदारों के अनुसार इस बार राखियों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में करीब 10 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। राखी बनाने में इस्तेमाल होने वाले धागे, मोती, स्टोन, पैकिंग और दूसरी सजावटी सामग्री की कीमत बढ़ने का असर बाजार में दिखाई दे रहा है। हालांकि सभी राखियों के दाम एक समान नहीं हैं। साधारण राखियां कम कीमत में उपलब्ध हैं, जबकि डिजाइनर और ब्रेसलेट स्टाइल की राखियों की कीमत उनके डिजाइन और इस्तेमाल की गई सामग्री के आधार पर अधिक है।

बाजार में राखी खरीदने के साथ-साथ त्योहार की दूसरी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। लोग राखी के साथ पूजा की सामग्री, मिठाई और भाइयों के लिए उपहार भी खरीद रहे हैं। मिठाई की दुकानों पर भी रक्षाबंधन को देखते हुए अलग-अलग तरह की मिठाइयां और गिफ्ट पैक तैयार किए जा रहे हैं। कई परिवार त्योहार पर भाई-बहन के लिए विशेष उपहार खरीदने की तैयारी में जुटे हैं।

रक्षाबंधन के नजदीक आने के साथ बाजार में भीड़ बढ़ने लगी है। सुबह की तुलना में शाम के समय राखी की दुकानों पर ज्यादा ग्राहक पहुंच रहे हैं। नौकरी और कारोबार करने वाले लोग शाम को बाजार पहुंचकर राखी और उपहार की खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि त्योहार से एक-दो दिन पहले बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद है।

कई दुकानदारों ने राखियों को अलग-अलग डिजाइन और कीमत के हिसाब से सजाकर रखा है, जिससे ग्राहक आसानी से अपनी पसंद की राखी चुन सकें। कुछ दुकानों पर एक ही जगह बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग डिजाइन की राखियां उपलब्ध कराई गई हैं। इससे ग्राहकों को राखी खरीदने में आसानी हो रही है।

रक्षाबंधन के मौके पर बाजार में सिर्फ राखी की खरीदारी ही नहीं बढ़ी है, बल्कि भाई-बहन के लिए गिफ्ट खरीदने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। बहनें जहां भाइयों के लिए राखी के साथ पसंदीदा मिठाई और उपहार खरीद रही हैं, वहीं भाई भी बहनों को देने के लिए कपड़े, कॉस्मेटिक, ज्वेलरी, गिफ्ट आइटम और दूसरी चीजें खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों से भी लोग नालंदा के प्रमुख बाजारों में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। त्योहार को लेकर गांवों में भी उत्साह है। कई परिवार एक साथ बाजार पहुंचकर राखी, मिठाई और पूजा सामग्री खरीद रहे हैं। दूर रहने वाले भाई-बहनों के घर आने की तैयारी के कारण बाजार में खरीदारी का माहौल और ज्यादा बढ़ गया है।

दुकानदारों का कहना है कि इस बार ग्राहकों की पसंद पहले की तुलना में काफी बदल गई है। पहले जहां ज्यादातर ग्राहक पारंपरिक राखियां खरीदते थे, वहीं अब युवा वर्ग डिजाइन और लुक को ज्यादा महत्व दे रहा है। ब्रेसलेट राखी, स्टोन वर्क, मोती वाली राखी और विशेष डिजाइन वाली राखियों की मांग इसी बदलाव को दिखाती है। इसके बावजूद पारंपरिक लाल, पीले और कलावे वाली राखियों की अपनी अलग जगह बनी हुई है।

रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर बाजारों में बढ़ती चहल-पहल से कारोबारियों में भी उत्साह है। राखी विक्रेताओं को उम्मीद है कि त्योहार के अंतिम दिनों में बिक्री अपने चरम पर पहुंचेगी। कई दुकानदारों ने मांग को देखते हुए अलग-अलग डिजाइन की अतिरिक्त राखियां भी मंगाई हैं, ताकि अंतिम समय में आने वाले ग्राहकों को पसंद के पर्याप्त विकल्प मिल सकें।

नालंदा में रक्षाबंधन की तैयारियां सिर्फ बाजार तक सीमित नहीं हैं। घरों में भी त्योहार को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। बहनें भाइयों के लिए राखी चुन रही हैं और परिवारों में मिठाई व पूजा सामग्री की खरीदारी की योजना बनाई जा रही है। दूर रहने वाले भाई-बहनों के आने-जाने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।

रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह और विश्वास का त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। यही वजह है कि त्योहार के करीब आते ही बाजार से लेकर घरों तक उत्साह का माहौल दिखाई देने लगता है।

नालंदा के बाजारों में सजी रंग-बिरंगी राखियां इसी उत्साह की तस्वीर पेश कर रही हैं। भगवान की आकृतियों से लेकर फूल, मोती, स्टोन और ब्रेसलेट डिजाइन तक राखियों की बड़ी रेंज ग्राहकों को अपनी पसंद के मुताबिक विकल्प दे रही है। कीमतों में करीब 10 फीसदी तक बढ़ोतरी के बावजूद राखियों की खरीदारी को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है। दुकानदारों को उम्मीद है कि रक्षाबंधन के दिन तक बाजार में खरीदारी का सिलसिला और तेज होगा और इस बार राखी कारोबार अच्छा रहने की संभावना है।

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