भारतीय लोकतंत्र के सबसे विवादित दौरों में से एक माने जाने वाले ‘आपातकाल’ को अब स्कूली पाठ्यक्रम में भी प्रमुखता से शामिल किया गया है. एनसीईआरटी ने नौवीं कक्षा के लिए जारी नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल पर विस्तृत सामग्री शामिल की है।
NCERT: भारत में लागू किए गए 1975 के आपातकाल को अब स्कूलों में पहले से कम उम्र के छात्रों को पढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 9वीं कक्षा की नई सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक में आपातकाल (Emergency) को प्रमुखता से शामिल किया है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के तहत किए गए व्यापक पाठ्यक्रम सुधारों का हिस्सा है।
अब तक आपातकाल से संबंधित विषय मुख्य रूप से 11वीं और 12वीं कक्षा में राजनीतिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाता था। नई व्यवस्था के तहत छात्रों को भारतीय लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण अध्याय के बारे में माध्यमिक स्तर से ही जानकारी दी जाएगी।
नई पुस्तक में क्या पढ़ाया जाएगा?
NCERT की नई पुस्तक “Understanding Society: India and Beyond” में लोकतंत्र के सामने आने वाली चुनौतियों के संदर्भ में आपातकाल का उल्लेख किया गया है। इसमें छात्रों को बताया जाएगा कि:
- आपातकाल कब लागू किया गया था।
- यह कितने समय तक प्रभावी रहा।
- उस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर क्या प्रभाव पड़ा।
- लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका कैसे प्रभावित हुई।
- जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन का महत्व क्या था।
पाठ्यपुस्तक में मीडिया को लोकतंत्र के “चौथे स्तंभ” के रूप में भी समझाया गया है और यह बताया गया है कि स्वतंत्र प्रेस किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए क्यों आवश्यक है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम
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NCERT के अनुसार यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप तैयार की गई है। नए पाठ्यक्रम में भारतीय सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय ज्ञान परंपरा को अधिक महत्व दिया गया है। इसके साथ ही कुछ ऐसे अध्यायों को हटाया गया है जो लंबे समय से इतिहास की पुस्तकों का हिस्सा थे। इनमें शामिल हैं:
- फ्रांसीसी क्रांति
- यूरोप में समाजवाद का उदय
- रूसी क्रांति
- नाजीवाद
- एडोल्फ हिटलर
- उपनिवेशवाद से जुड़े कुछ अध्याय
प्राचीन सभ्यताओं पर बढ़ा फोकस
नई पुस्तक में विश्व की प्राचीन सभ्यताओं को विस्तार से शामिल किया गया है। छात्रों को निम्नलिखित विषयों के बारे में पढ़ाया जाएगा:
- हड़प्पा सभ्यता
- मेसोपोटामिया सभ्यता
- मिस्र की सभ्यता
- प्राचीन चीन की सभ्यता
इन अध्यायों में छात्रों को इन सभ्यताओं का कालक्रम, भौगोलिक विस्तार, सामाजिक संगठन, सिंचाई व्यवस्था और निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
पुस्तक में भारतीय ज्ञान परंपरा को भी विशेष स्थान दिया गया है। छात्रों को पंचमहाभूत—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—की अवधारणा के माध्यम से प्रकृति और मानव जीवन के संबंध को समझाया जाएगा।











