NCERT विवाद फिर उछला, ब्राह्मणों के शास्त्र सौंपने पर ब्रिटानिया ने किया स्पष्टिकरण

सोशल मीडिया पर NCERT की पुरानी किताब का पेज वायरल, ब्राह्मण संगठनों ने आपत्ति जताई। NCERT ने बताया नई किताबें NEP 2020 के अनुसार संशोधित।

सोशल मीडिया पर NCERT की पुरानी इतिहास की किताब का पेज वायरल होने के बाद ब्राह्मण संगठनों ने आपत्ति जताई। पेज में बताया गया था कि ब्राह्मणों ने ब्रिटिश शासकों को भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए आमंत्रित किया। NCERT ने स्पष्ट किया कि यह पुरानी किताब का हिस्सा था और नई पाठ्यपुस्तकें NEP 2020 के अनुसार संशोधित कर दी गई हैं।

NCERT Controversy: सोशल मीडिया पर NCERT की पुरानी इतिहास की किताब का पेज वायरल होने के बाद ब्राह्मण संगठनों और शिक्षाविदों ने आपत्ति जताई। पेज में बताया गया था कि ब्राह्मणों ने ब्रिटिश शासकों को भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए आमंत्रित किया। यह घटना भारत में शिक्षा और इतिहास पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा की आवश्यकता पर बहस छेड़ रही है। NCERT ने कहा कि यह पुरानी किताब “हमारे अतीत-3” का हिस्सा थी और नई पाठ्यपुस्तकें NEP 2020 के अनुसार तैयार की गई हैं।

वायरल पेज और ब्राह्मण संगठनों की आपत्ति

सोशल मीडिया पर NCERT की एक पुरानी इतिहास की किताब का पेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस पेज में बताया गया कि ब्राह्मणों ने अंग्रेजों को भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए आमंत्रित किया और ब्रिटानिया को शास्त्र सौंपे। ब्राह्मण समाज के कई संगठनों और शिक्षाविदों ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह भारतीय इतिहास की समझ के लिहाज से गलत और संवेदनशील है।

कई लोगों ने सवाल उठाया कि इस तरह की सामग्री बच्चों की शुरुआती शिक्षा में शामिल करना उचित है या नहीं। सामाजिक विज्ञान की किताब में ऐसी जानकारी बच्चों के इतिहास और संस्कृति के प्रति दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकती है।

NCERT विवाद फिर उछला, ब्राह्मणों के शास्त्र सौंपने पर ब्रिटानिया ने किया स्पष्टिकरण

NCERT की सफाई और पुरानी किताब का संदर्भ

NCERT ने स्पष्ट किया है कि विवादित पेज पुरानी किताब का हिस्सा था। यह किताब “हमारे अतीत -3” के नाम से NCF 2005 के आधार पर तैयार की गई थी और अब इसका उपयोग नहीं हो रहा है। एनसीआरटी ने कहा कि NEP 2020 के अनुरूप नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक भाग-1 में इसे पुनर्लिखित कर दिया गया है।

NCERT ने यह भी कहा कि विवादित पेज वर्तमान में छात्रों की शिक्षा में शामिल नहीं है। संगठन ने भरोसा दिलाया कि नई पाठ्यपुस्तकें संवेदनशीलता और ऐतिहासिक सटीकता के आधार पर तैयार की गई हैं।

समीक्षा और शिक्षा में गंभीरता के सवाल

इस विवाद के बाद यह सवाल उठे हैं कि पुरानी किताब को पब्लिश करने से पहले इसकी समीक्षा क्यों नहीं की गई। देश के संविधान के आदर्शों के अनुसार शिक्षा व्यवस्था में समानता और संवेदनशीलता होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के लिए शुरुआती स्तर की किताबों में इस तरह की विवादास्पद सामग्री गंभीर दृष्टिकोण के बिना शामिल करना सही नहीं है।

शिक्षाविदों और इतिहासकारों का सुझाव है कि पाठ्यपुस्तकों में हमेशा ऐतिहासिक सटीकता, संवेदनशीलता और तथ्यात्मक निष्पक्षता का ध्यान रखा जाना चाहिए।

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