Neelam Kothari ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें आज के मुकाबले पहले का दौर ज्यादा पसंद आता है। अपने यूट्यूब व्लॉग में उन्होंने उस समय की सादगी, अपनापन और रिश्तों की गर्माहट को याद करते हुए कहा कि पहले लोगों के बीच जुड़ाव अधिक था और जीवन की रफ्तार भी अपेक्षाकृत शांत हुआ करती थी।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: 1980 और 1990 के दशक की लोकप्रिय बॉलीवुड अभिनेत्री नीलम कोठारी ने हाल ही में अपने फिल्मी करियर के सुनहरे दिनों को याद करते हुए उस दौर की सादगी, मेहनत और शूटिंग के अनुभवों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि तकनीकी सुविधाओं के लिहाज से आज का दौर कहीं अधिक उन्नत है, लेकिन उनके दिल के सबसे करीब आज भी वही पुराना समय है, जब सीमित संसाधनों के बावजूद कलाकार पूरी लगन और जुनून के साथ काम किया करते थे।
अपने हालिया यूट्यूब व्लॉग में नीलम ने बताया कि 80 और 90 के दशक में फिल्म सेट का माहौल आज की तुलना में बिल्कुल अलग होता था। उस समय कलाकारों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, फिर भी काम के प्रति सभी का समर्पण देखने लायक होता था।
बिना एसी और वैनिटी वैन के होती थी शूटिंग
नीलम कोठारी ने बताया कि उस दौर में अधिकांश फिल्म सेट पर एयर कंडीशनिंग या वैनिटी वैन जैसी सुविधाएं नहीं होती थीं। कलाकारों को लंबे समय तक गर्म मौसम में काम करना पड़ता था और कई बार मेकअप तथा हेयरस्टाइल तैयार करने में घंटों लग जाते थे। उन्होंने कहा कि सेट पर पहुंचते ही पसीना आने लगता था, जिससे मेकअप बार-बार खराब हो जाता था और उसे दोबारा ठीक करना पड़ता था। इसके बावजूद कलाकारों का उत्साह कभी कम नहीं होता था।
नीलम के अनुसार, आज की सुविधाओं के मुकाबले उस समय काम करना कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उसी दौर में फिल्म निर्माण की एक अलग आत्मीयता और सादगी देखने को मिलती थी, जिसे वह आज भी बेहद याद करती हैं।
"80-90 का दौर मेरे दिल के सबसे करीब"
अभिनेत्री ने कहा कि यदि उन्हें अपने करियर का कोई एक दौर चुनना हो, तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के 80 और 90 के दशक को ही चुनेंगी। उनका मानना है कि उस समय कलाकारों के बीच प्रतिस्पर्धा जरूर थी, लेकिन उसमें स्वस्थ भावना और आपसी सम्मान भी शामिल था। फिल्म सेट पर सभी कलाकार और तकनीकी टीम एक परिवार की तरह काम करती थी, जिससे काम का अनुभव बेहद खास बन जाता था। नीलम ने कहा कि उस दौर की सादगी, मेहनत और टीमवर्क आज भी उनके लिए अनमोल यादें हैं।
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गोविंदा के साथ डांस में होता था दोस्ताना मुकाबला
नीलम कोठारी ने अभिनेता गोविंदा के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन साझेदारी को भी याद किया। उन्होंने बताया कि दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और उनके बीच विशेष रूप से डांस सीक्वेंस के दौरान दोस्ताना प्रतिस्पर्धा रहती थी। उन्होंने कहा कि जब भी किसी गाने की शूटिंग होती थी, तो दोनों कलाकार यह कोशिश करते थे कि उनका प्रदर्शन सबसे बेहतर हो।
यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और शानदार तालमेल दर्शकों को बेहद पसंद आया। नीलम के मुताबिक, गोविंदा अपनी ऊर्जा और बेहतरीन डांस के लिए जाने जाते थे, जबकि दोनों की केमिस्ट्री ने कई गानों और फिल्मों को यादगार बना दिया।
'आप के आ जाने से' आज भी है दर्शकों की पसंद
नीलम ने अपने सबसे लोकप्रिय गीतों में से एक "आप के आ जाने से" का भी जिक्र किया। यह सुपरहिट गीत वर्ष 1987 में रिलीज हुई फिल्म "खुदगर्ज" का हिस्सा था, जिसका निर्देशन राकेश रोशन ने किया था। गोविंदा और नीलम पर फिल्माया गया यह गीत अपनी शानदार कोरियोग्राफी, आकर्षक संगीत और दोनों कलाकारों की बेहतरीन स्क्रीन प्रेजेंस के कारण आज भी बेहद लोकप्रिय माना जाता है।
दशकों बाद भी यह गाना सोशल मीडिया, संगीत प्लेटफॉर्म और लाइव परफॉर्मेंस में पसंद किया जाता है तथा इसे हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित डांस नंबरों में गिना जाता है।








