गयाजी में मुहर्रम को लेकर शटडाउन: बिजली विभाग की अपील- सप्लाई शुरू होने पर बड़े उपकरण एक साथ न चलाएं, फीडर पर बढ़ सकता है लोड

गयाजी में मुहर्रम के अवसर पर बिजली विभाग ने निर्धारित शटडाउन किया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिजली आने के बाद भारी बिजली उपकरण एक साथ चालू न करें, ताकि फीडर और ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त भार न पड़े।
गयाजी में मुहर्रम को लेकर शटडाउन: बिजली विभाग की अपील- सप्लाई शुरू होने पर बड़े उपकरण एक साथ न चलाएं, फीडर पर बढ़ सकता है लोड
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गयाजी में मुहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग ने विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी क्रम में शहर के विभिन्न इलाकों में निर्धारित समय के लिए शटडाउन किया जाएगा। विभाग का कहना है कि यह कदम किसी प्रकार की असुविधा पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि त्योहार के दौरान बिजली व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से स्थिर बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शटडाउन के दौरान आवश्यक रखरखाव, लाइन निरीक्षण और फीडरों की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि जुलूस और अन्य धार्मिक आयोजनों के समय बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।

बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से विशेष अपील करते हुए कहा है कि जैसे ही बिजली आपूर्ति बहाल हो, लोग एयर कंडीशनर, वॉटर पंप, सबमर्सिबल मोटर, गीजर, वेल्डिंग मशीन, बड़ी मोटर या अन्य अधिक बिजली खपत वाले उपकरण एक साथ चालू न करें। विभाग का कहना है कि शटडाउन के बाद जब सप्लाई दोबारा शुरू होती है तो यदि हजारों उपभोक्ता एक साथ भारी लोड वाले उपकरण चालू कर देते हैं, तो अचानक फीडर और ट्रांसफॉर्मर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इससे फीडर ट्रिप होने, ट्रांसफॉर्मर में तकनीकी खराबी आने, फ्यूज उड़ने या कुछ क्षेत्रों में दोबारा बिजली बाधित होने की स्थिति पैदा हो सकती है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं से क्रमवार तरीके से बिजली उपकरणों का उपयोग करने की अपील की गई है।

अधिकारियों का कहना है कि मुहर्रम के दौरान शहर के कई हिस्सों में ताजिया जुलूस, मजलिस और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में अतिरिक्त रोशनी, साउंड सिस्टम और अस्थायी बिजली कनेक्शन का उपयोग किया जाता है। ऐसे समय बिजली नेटवर्क पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दबाव रहता है। यदि बिजली व्यवस्था का पहले से तकनीकी परीक्षण नहीं किया जाए तो किसी भी छोटी खराबी से बड़े क्षेत्र की बिजली प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से विभाग ने त्योहार से पहले सभी प्रमुख फीडरों, ट्रांसफॉर्मरों और वितरण लाइनों का निरीक्षण कराया है तथा जहां आवश्यकता महसूस हुई वहां मरम्मत का कार्य भी कराया गया है।

बिजली विभाग ने यह भी बताया कि मुहर्रम के दौरान शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त तकनीकी टीमें तैनात रहेंगी। प्रत्येक टीम को आवश्यक उपकरण, स्पेयर पार्ट्स और वाहन उपलब्ध कराए गए हैं ताकि किसी भी शिकायत या तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके। इसके अलावा कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखा जाएगा, जहां से पूरे शहर की बिजली व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में ट्रिपिंग, तार टूटने या ट्रांसफॉर्मर से जुड़ी समस्या सामने आती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।

विभाग ने मुहर्रम कमेटियों और जुलूस आयोजकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि ऊंचे ताजिए, अलम या अन्य संरचनाओं को बिजली की हाईटेंशन लाइनों के नीचे से निकालते समय विशेष सावधानी बरती जाए। यदि किसी स्थान पर बिजली लाइन बहुत नीचे दिखाई देती है या जुलूस के मार्ग में कोई तकनीकी बाधा है तो उसकी सूचना पहले ही बिजली विभाग को दी जाए, ताकि आवश्यक व्यवस्था की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में त्योहारों के दौरान कई बार अचानक बिजली बाधित होने से परेशानी हुई थी। ऐसे में यदि विभाग पहले से तकनीकी तैयारियां कर रहा है तो यह स्वागत योग्य कदम है। हालांकि लोगों ने यह भी मांग की है कि शटडाउन की अवधि को पहले से सार्वजनिक किया जाए, ताकि लोग अपने घरेलू और व्यावसायिक कार्यों की योजना उसी के अनुसार बना सकें। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से छोटे कारोबार प्रभावित होते हैं, इसलिए यदि समय की सही जानकारी पहले मिल जाए तो असुविधा कम होगी।

गर्मी के मौसम को देखते हुए भी विभाग ने लोगों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली आने के तुरंत बाद यदि सभी लोग एक साथ एसी, कूलर और मोटर चला देंगे तो पूरे नेटवर्क पर अचानक लोड बढ़ जाएगा। इसलिए उपभोक्ता पहले आवश्यक उपकरणों का उपयोग करें और कुछ मिनट बाद अन्य भारी उपकरण चालू करें। इससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी और ट्रिपिंग की संभावना भी कम होगी।

बिजली विभाग के अनुसार मुहर्रम के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा। जिन मार्गों से प्रमुख जुलूस गुजरेंगे, वहां बिजली व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ही तकनीकी कर्मचारी मौजूद रहेंगे ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों और किसी भी नागरिक को बिजली संबंधी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

विभाग ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं बिजली का तार टूटा हुआ दिखाई दे, ट्रांसफॉर्मर से चिंगारी निकलती दिखे या कोई अन्य तकनीकी समस्या नजर आए तो उसे स्वयं ठीक करने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत स्थानीय बिजली कार्यालय या हेल्पलाइन पर सूचना दें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिजली से जुड़ी लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।

बिजली विभाग का कहना है कि त्योहार के दौरान निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यदि उपभोक्ता भी विभाग की सलाह का पालन करेंगे और बिजली बहाल होने के बाद बड़े उपकरणों का उपयोग धीरे-धीरे करेंगे, तो फीडरों और ट्रांसफॉर्मरों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा तथा पूरे शहर में बिजली व्यवस्था सामान्य बनी रहेगी। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि मुहर्रम के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उसकी टीमें पूरी तरह तैयार हैं और आम लोगों के सहयोग से बिजली आपूर्ति को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखा जाएगा।

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