NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर सरकार पर तीखा निशाना साधा।
NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तीन प्रमुख मांगों का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की है और उनकी कुछ प्रमुख मांगें हैं, जिन पर किसी समझौते की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
राहुल गांधी के मुताबिक, छात्रों की सबसे प्रमुख मांग शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की है। उन्होंने कहा कि छात्रों का मानना है कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार को इस मामले में स्पष्ट कदम उठाने चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय के नेतृत्व में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और ऐसे में जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि सरकार के भीतर शिक्षा मंत्री के मंत्रालय में बदलाव को लेकर चर्चा हो सकती है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि केवल मंत्रालय बदलना समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार, छात्रों और युवाओं को यह भरोसा चाहिए कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। राहुल गांधी ने अपने बयान में धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों ने छात्रों और उनके परिवारों के बीच चिंता पैदा की है। हालांकि, सरकार और संबंधित पक्षों की ओर से इन राजनीतिक आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा

राहुल गांधी ने छात्रों की दूसरी मांग का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बल प्रयोग या बर्बरता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ उचित व्यवहार किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। कांग्रेस नेता ने मांग की कि प्रदर्शन के दौरान हुई किसी भी कथित ज्यादती की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
PM मोदी से सार्वजनिक माफी की मांग
राहुल गांधी ने छात्रों की तीसरी मांग के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर पैदा हुए विवाद ने लाखों छात्रों के भविष्य और उनके परिवारों की चिंताओं को प्रभावित किया है। ऐसे में सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का भविष्य देश की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी में शामिल है और परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर उनकी मेहनत और करियर पर पड़ता है।










