NEET Protest Case: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों को तुरंत रिहा करने का दिया निर्देश

NEET Protest Case: सुप्रीम कोर्ट ने NEET विरोध प्रदर्शन मामले में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों को तुरंत रिहा करने का

दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है।

नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा हस्तक्षेप किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन छात्रों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया था और जिनके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक विरोध के दौरान यदि किसी छात्र के खिलाफ केवल प्रदर्शन में शामिल होने के आधार पर कार्रवाई की गई है, तो ऐसे मामलों में कानून का संतुलित तरीके से पालन किया जाना चाहिए। अदालत ने संबंधित राज्यों को इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है।

कई राज्यों को नोटिस जारी

NEET प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सहित कई राज्यों को नोटिस जारी किया है। इनमें बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और केरल शामिल हैं। अदालत ने सभी संबंधित राज्यों को प्रदर्शन से जुड़े CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। कोर्ट ने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले घटनाओं के पूरे तथ्य सामने आना जरूरी है।

निर्दोष छात्रों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन छात्रों के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और जिनके खिलाफ प्रदर्शन के दौरान ही मामले दर्ज किए गए हैं, उनके खिलाफ फिलहाल कठोर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।अदालत का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करने के लिए उचित प्रक्रिया और निष्पक्ष जांच जरूरी है। केवल आरोपों के आधार पर छात्रों के भविष्य को प्रभावित नहीं किया जा सकता।

CJI ने निष्पक्ष जांच पर दिया जोर

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून की सीमा पार की है या निर्दोष लोगों के साथ गलत व्यवहार किया है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, CJI ने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाई के लिए जांच पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना जवाबदेही तय किए किसी भी जांच का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।

CJI ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच आवश्यक है और इसकी प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो सके। जांच एजेंसी या कमेटी के गठन को लेकर अदालत बाद में फैसला बताएगी।

NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में हुआ था विरोध

NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई शहरों में छात्रों और युवा संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनों के दौरान कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी और पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद छात्रों और विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे।

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