यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम के इंजीनियर्स ने पारदर्शी Window Coating विकसित की है, जो सूरज की रोशनी को अंदर आने देती है लेकिन गर्मी को रोकती है। टेस्टिंग में इससे कमरे का तापमान 5.4 से 7.2 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ।
Tech: गर्मियों में घर को ठंडा रखने के लिए एसी पर निर्भरता कम करने वाली एक नई तकनीक सामने आई है। यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम के इंजीनियर्स ने ऐसी पारदर्शी और बेहद पतली कोटिंग तैयार की है, जिसे खिड़की के कांच पर लगाया जा सकता है। यह प्राकृतिक रोशनी को अंदर आने देती है, जबकि सूरज की गर्मी को बाहर रखने में मदद करती है।
नई Window Coating से 7 डिग्री तक कम होगा तापमान
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यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम के इंजीनियर्स ने खिड़की के कांच के लिए एक खास पारदर्शी कोटिंग विकसित की है। यह सूरज की रोशनी को कमरे के अंदर आने देती है, लेकिन उसकी गर्मी को रोकने में मदद करती है। टेस्टिंग में इस कोटिंग वाले कांच से कमरे का तापमान 5.4 से 7.2 डिग्री सेल्सियस तक कम पाया गया।
सामान्य डार्क फिल्म से बेहतर है तकनीक
नई कोटिंग बाजार में मिलने वाली सामान्य डार्क विंडो फिल्म से अलग है। मौजूदा फिल्मों में सूरज की रोशनी के साथ अल्ट्रावायलेट और इन्फ्रारेड किरणों को भी रोक दिया जाता है, जिससे कमरे में प्राकृतिक रोशनी कम हो सकती है।
नई तकनीक में विजिबल लाइट को अंदर आने दिया जाता है, जबकि सूरज से आने वाली गर्मी को रोकने पर फोकस किया गया है। इससे कमरे में पर्याप्त रोशनी बनी रहती है और गर्मी का असर कम किया जा सकता है।
AI और क्वांटम तकनीक से तैयार हुई कोटिंग
इस खास कोटिंग को डिजाइन करने के लिए रिसर्चर्स ने क्वांटम एनीलिंग-एन्हांस्ड एक्टिव लर्निंग नाम के AI मॉडल का इस्तेमाल किया। इसकी मदद से ऐसा फॉर्मूला तैयार किया गया, जो अलग-अलग एंगल से आने वाली सूरज की गर्मी को ब्लॉक करने के लिए डिजाइन किया गया है।
कांच पर लगाई जाती हैं कई महीन परतें
कोटिंग को कांच की सतह पर कई बेहद पतली परतों के रूप में लगाया जाता है। इसमें सिलिका, एल्यूमिना और टाइटेनियम ऑक्साइड की महीन परतें शामिल हैं। इसके ऊपर सिलिकॉन से बनी एक खास पॉलीमर फिल्म लगाई जाती है।
यह परत खिड़की द्वारा सोखी गई गर्मी को वापस अंतरिक्ष की ओर रिफ्लेक्ट करने में मदद करती है। इससे बाहर का दृश्य साफ दिखाई देता है और कमरे में प्राकृतिक रोशनी भी आती रहती है।
AC की जरूरत और बिजली की खपत घटने की उम्मीद
टेस्टिंग में बिना कोटिंग वाले कांच की तुलना में तापमान 5.4 से 7.2 डिग्री सेल्सियस तक कम रखने में मदद मिली। ऐसे में भविष्य की इमारतों में इस तकनीक का इस्तेमाल कूलिंग की जरूरत कम करने के लिए किया जा सकता है।
बिना बिजली खर्च किए अंदर का तापमान कम रखने से AC पर निर्भरता और बिजली की खपत घट सकती है। इससे ऊर्जा की बचत के साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।









