नोएडा में दिवाली पर जिला अस्पताल में 15 बेड रिजर्व, 24 घंटे ऑन कॉल रहेंगे डॉक्टर; हेल्पलाइन नंबर जारी

नोएडा जिला अस्पताल ने दिवाली और छठ पर आपात स्थिति से निपटने के लिए 15 बेड आरक्षित किए हैं। डॉक्टर 24 घंटे ऑन कॉल रहेंगे और 108 एंबुलेंस मिलेगी।
नोएडा में दिवाली पर जिला अस्पताल में 15 बेड रिजर्व, 24 घंटे ऑन कॉल रहेंगे डॉक्टर; हेल्पलाइन नंबर जारी
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नोएडा में दिवाली और छठ पर्व के दौरान पटाखों से जलने और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल ने विशेष तैयारियां की हैं। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करते हुए 15 बेड आरक्षित किए गए हैं। इन बेड पर खास तौर पर झुलसने वाले और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। त्योहार के दौरान डॉक्टरों को 24 घंटे ऑन कॉल रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को तुरंत बुलाया जा सके।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक दिवाली के दौरान पटाखे जलाते समय हाथ, पैर और चेहरे पर चोट लगने या शरीर के अन्य हिस्सों के झुलसने की घटनाएं सामने आती हैं। इसके अलावा दीये और मोमबत्ती से भी जलने का खतरा रहता है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए पहले से ही बेड और चिकित्सकीय सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं को सक्रिय रखा जाएगा और जरूरत के अनुसार मरीजों को तत्काल उपचार दिया जाएगा।

जिला अस्पताल की ओर से आपातकालीन सहायता के लिए दो हेल्पलाइन नंबर 9266415003 और 9266415010 जारी किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क कर अस्पताल से मदद ली जा सकती है। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पटाखों से दुर्घटना होने या किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने पर देरी किए बिना चिकित्सकीय सहायता लें।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा ने बताया कि त्योहार को देखते हुए वरिष्ठ चिकित्सकों को 24 घंटे ऑन कॉल रहने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर को अस्पताल बुलाया जा सकेगा। सर्जरी विभाग के डॉ. राजेंद्र कुमार को चिकित्सकीय सलाह के लिए नोडल जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. आलोक वर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सतेंद्र कुमार, फिजिशियन डॉ. एसके गुप्ता, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार अत्री और चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दुबे को भी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था से जोड़ा गया है।

अस्पताल में आईसीयू और इमरजेंसी से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी डॉ. असद महमूद को सौंपी गई है। वहीं नर्सिंग स्टाफ को दवाइयों और जरूरी चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि त्योहार के दौरान किसी भी मरीज को इलाज मिलने में देरी न हो। गंभीर मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें इमरजेंसी या आईसीयू में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं के अलावा सड़क हादसों, आंखों में चोट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के मरीज भी अस्पताल पहुंच सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों को अलर्ट रखा गया है। आंखों में पटाखे का कण जाने या जलन होने पर भी तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाएं त्योहार के दौरान भी जारी रहेंगी।

जिला अस्पताल की इस व्यवस्था का उद्देश्य दिवाली और छठ के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना है। अस्पताल में 15 बेड आरक्षित रखने, विशेषज्ञ डॉक्टरों को ऑन कॉल उपलब्ध कराने और एंबुलेंस सेवा तैयार रखने से आपात स्थिति में उपचार की प्रक्रिया तेज करने में मदद मिलेगी

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