NSE IPO Subscription: आखिरी दिन 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन, GMP गिरकर 55 रुपये पर आया

NSE IPO Subscription: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के IPO को आखिरी दिन कुल 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं NSE IPO का GMP गिरकर ₹55 पर आ गया। जानें पूरी डिटेल।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 22,569 करोड़ रुपये के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में तेज गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, GMP में इस कमजोरी के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत बनी रही।

NSE IPO Subscription: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के बहुप्रतीक्षित Initial Public Offering (IPO) को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। बोली प्रक्रिया समाप्त होने तक NSE IPO कुल 5.67 गुना सब्सक्राइब हुआ। हालांकि, इश्यू को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहने के बावजूद ग्रे मार्केट में इसके प्रीमियम में काफी गिरावट दर्ज की गई है। NSE IPO का GMP घटकर 55 रुपये पर आ गया है, जबकि बोली प्रक्रिया के दौरान यह 285 रुपये तक पहुंच गया था।

NSE का यह IPO करीब 22,569 करोड़ रुपये का है और इसकी लिस्टिंग को लेकर बाजार में काफी चर्चा है। ग्रे मार्केट में प्रीमियम में आई गिरावट के बावजूद संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी से इश्यू को पर्याप्त समर्थन मिला है।

18 कारोबारी सत्र में GMP 230 रुपये नीचे

ग्रे मार्केट के उपलब्ध संकेतकों के अनुसार, 21 सितंबर को NSE IPO का GMP करीब 55 रुपये था। यह बोली अवधि के दौरान दर्ज किए गए 285 रुपये के उच्चतम स्तर से 230 रुपये कम है। GMP में यह गिरावट अनौपचारिक बाजार में निवेशकों की धारणा में बदलाव का संकेत देती है। हालांकि, ग्रे मार्केट आधिकारिक शेयर बाजार का हिस्सा नहीं है और यहां के प्रीमियम में लिस्टिंग तक लगातार उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसलिए केवल GMP के आधार पर किसी IPO की लिस्टिंग या भविष्य के प्रदर्शन का निश्चित अनुमान लगाना उचित नहीं माना जाता।

1,840 रुपये के आसपास हो सकती है अनुमानित लिस्टिंग

NSE IPO का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। यदि 1,785 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड और 55 रुपये के मौजूदा GMP को आधार माना जाए, तो अनुमानित कीमत करीब 1,840 रुपये प्रति शेयर बैठती है। इस गणना के अनुसार इश्यू के ऊपरी मूल्य की तुलना में लगभग 3.08 फीसदी का संभावित प्रीमियम बनता है। 

हालांकि यह केवल ग्रे मार्केट आधारित अनुमान है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की स्थिति, मांग-आपूर्ति और लिस्टिंग के समय निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।

NSE IPO को मिला 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन

बोली बंद होने तक NSE IPO को कुल मिलाकर 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। अलग-अलग निवेशक श्रेणियों में मांग का स्तर अलग रहा। सबसे ज्यादा रुचि Qualified Institutional Buyers (QIB) की ओर से देखने को मिली। QIB श्रेणी में आरक्षित हिस्से के मुकाबले 12.68 गुना आवेदन प्राप्त हुए। यह IPO में संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।

वहीं Non-Institutional Investors (NII) के हिस्से को 6.54 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। खुदरा निवेशकों यानी Retail Individual Investors (RII) की श्रेणी में कुल 1.33 गुना आवेदन आए। इन आंकड़ों से पता चलता है कि NSE IPO में सबसे अधिक मांग संस्थागत और गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से रही, जबकि खुदरा निवेशकों की भागीदारी तुलनात्मक रूप से सीमित रही।

पूरी तरह OFS है NSE IPO

NSE का यह IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) के रूप में संरचित है। यानी इस इश्यू के जरिए कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। इश्यू के लिए शेयर का प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये तय किया गया था और निवेशकों के लिए लॉट साइज 8 शेयर का रखा गया था। इस आधार पर ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए निवेश राशि करीब 14,280 रुपये बनती है।

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