केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस के अवसर पर देश के युवाओं को मादक पदार्थों के खतरे से बचाने के लिए सरकार की मजबूत और अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर भारत में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे राष्ट्रीय अभियान को और तेज करने पर जोर दिया गया है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश नशे के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है और सरकार का लक्ष्य न सिर्फ तस्करी नेटवर्क को खत्म करना है, बल्कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना है।
इसी के साथ देशभर में ‘नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत कई जागरूकता कार्यक्रम और नीतिगत पहलें शुरू की गई हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को नशे के खतरे से बचाना और समाज में इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना है।
ड्रग्स के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर जोर
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ “निर्मम कार्रवाई” कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की रणनीति दोहरी है—एक तरफ ड्रग्स सप्लाई चेन को खत्म करना और दूसरी तरफ नशे की लत से प्रभावित लोगों को सहानुभूति और उपचार प्रदान करना।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश नशे के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत लड़ाई लड़ रहा है। सरकार का उद्देश्य एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण करना है, जहां युवा पीढ़ी को नशे के जाल से दूर रखा जा सके।
एनसीओआरडी बैठक और 2026–2029 विजन डॉक्यूमेंट
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इस अभियान के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा आयोजित नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक भी अहम रही। इस बैठक की अध्यक्षता अमित शाह ने की। बैठक में देशभर के 44 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 100 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।
इस दौरान सरकार ने “ड्रग्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026–2029” जारी करने की घोषणा की, जिसमें नशे के खिलाफ रणनीति को तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित बताया गया है:
- ड्रग्स की मांग में कमी (Demand Reduction)
- आपूर्ति में कमी (Supply Reduction)
- नुकसान में कमी (Harm Reduction)
सरकारी बयान के अनुसार यह रोडमैप विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाएगा।
अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस पर संदेश
अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर कई नेताओं ने देशवासियों से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। अमित शाह ने सभी “नशा विरोधी योद्धाओं” को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन समाज को नशामुक्त बनाने के संकल्प को और मजबूत करता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी इस अवसर पर शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है जब समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाएं। साथ ही, नशे की लत से जूझ रहे लोगों के प्रति सहानुभूति और सहयोग का वातावरण बनाने पर जोर दिया।
तमिलनाडु में जागरूकता कार्यक्रम और ‘स्टार्ट रन, स्टॉप ड्रग्स’
इस अभियान के तहत तमिलनाडु में भी बड़े स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई के मरीना बीच पर ‘Start Run, Stop Drugs’ अभियान को हरी झंडी दिखाई। इस आयोजन में हजारों युवाओं और नागरिकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री स्वयं भी प्रतिभागियों के साथ दौड़ते नजर आए, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और बढ़ गया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, खेल और सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करना और नशे से दूर रखना है।









