भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। ऑपरेशन सिंदूर अभी भी सक्रिय है। जम्मू-कश्मीर और शक्सगाम घाटी में आतंकवाद का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। भारत ने चीन-पाक CPEC को अस्वीकार किया।
New Delhi: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी सक्रिय है और पाकिस्तान की ओर से किसी भी दुस्साहस का जवाब निर्णायक रूप से दिया जाएगा। जनरल द्विवेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान सीमा पर आतंकवाद का खतरा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और 8 आतंकी कैंप अब भी एक्टिव हैं। इनमें से 6 कैंप लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास और 2 अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक हैं।
उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान की ओर से कोई भी दुस्साहस होगा तो उसके आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी जनरल द्विवेदी ने दिल्ली में अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। इस अवसर पर उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर विस्तार से बात की।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता
जनरल द्विवेदी ने बताया कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में 9 आतंकवादी ठिकानों में से 7 को पूरी तरह नेस्तनाबूद किया गया। ऑपरेशन की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई और कुल 88 घंटों में आतंकवादियों के ढांचे को गहराई तक ध्वस्त किया गया।
सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की तैयारियों, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता को दिखाया। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भी नजरअंदाज नहीं किया गया और हर स्तर पर जवाब देने के लिए तैयारी रखी गई।
भविष्य में किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब

जनरल द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि भविष्य में कोई भी दुस्साहस किया गया तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने भारतीय सुरक्षा बलों के समन्वय की भी सराहना की, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), खुफिया एजेंसियां, गृह मंत्रालय और नागरिक प्रशासन शामिल हैं।
सेना प्रमुख ने कहा कि 2025 में दुनिया भर में बढ़ते सशस्त्र संघर्षों के बीच तैयार रहने वाली राष्ट्र ही जीतती हैं। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रणनीतिक स्पष्टता और तत्परता को साबित किया है।
उत्तरी सीमा और आतंकवाद पर अपडेट
जनरल द्विवेदी ने बताया कि उत्तरी सीमा (LAC) पर स्थिति स्थिर है, लेकिन सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 2025 में कुल 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे। पहलगाम हमले के तीन आतंकवादी ऑपरेशन महादेव में मारे गए। सक्रिय स्थानीय आतंकवादी अब सिंगल डिजिट में हैं और आतंकवादियों की भर्ती लगभग समाप्त हो चुकी है।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि आतंकवाद से पर्यटन की ओर भी बदलाव दिखाई दे रहा है। जम्मू-कश्मीर में विकास कार्य तेजी से हुए हैं और अमरनाथ यात्रा में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जो पिछले पांच साल के औसत से ज्यादा है। उत्तर-पूर्व में भी सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सरकार की पहलों से स्थिति बेहतर हुई है।
पाकिस्तान से मिसाइल की तैयारी
सेना प्रमुख ने पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन्स और न्यूक्लियर बयानबाजी पर भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि DGMO स्तर पर बातचीत में भारतीय सेना की तरफ से कोई न्यूक्लियर बयानबाजी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना मिसाइल और रॉकेट फोर्स तैयार कर रही है और अगर पाकिस्तान कोई गलती करता है, तो जमीनी ऑपरेशन के लिए पूरी तैयारी रखी गई है।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना ने पारंपरिक तैनाती और रणनीति के साथ हर कदम तय किया। पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत किसी भी दुस्साहस को बर्दाश्त नहीं करेगा।
शक्सगाम घाटी पर चीन और पाकिस्तान के संबंध
सेना प्रमुख ने शक्सगाम घाटी पर चीन की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 में हुए समझौते को भारत अवैध मानता है। इसलिए इस क्षेत्र में चल रही किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) के बारे में भी स्पष्ट किया कि भारत इसे स्वीकार नहीं करता और इसे गैर-कानूनी कार्रवाई मानता है।











