संसद के मानसून सत्र में पिछले एक हफ्ते से जारी गतिरोध समाप्त हो गया है। इसके बाद लोकसभा में आज परीक्षा सुधारों से जुड़े विधेयक पर चर्चा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण चर्चा के लिए कुल छह घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में पिछले एक सप्ताह से जारी राजनीतिक गतिरोध समाप्त होने के बाद मंगलवार को लोकसभा में परीक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रश्नपत्र लीक रोकने से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पर विस्तृत चर्चा होगी। सरकार और विपक्ष के बीच बनी सहमति के अनुसार, विधेयक पर बहस के लिए छह घंटे का समय निर्धारित किया गया है। चर्चा पूरी होने के बाद विधेयक पर मतदान कराए जाने की संभावना है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के बाद सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध समाप्त हुआ। स्पीकर ने संकेत दिया है कि यदि आवश्यक हुआ तो चर्चा के लिए तय समय को बढ़ाया भी जा सकता है। परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं और छात्रों की चिंताओं से जुड़े मुद्दों के कारण इस बहस पर देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और नीति जगत की भी नजर रहेगी।
सोमवार को हंगामे के बीच पेश हुआ था विधेयक
सोमवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा में परीक्षा सुधार से संबंधित संशोधन विधेयक पेश किया। विधेयक पेश करने के लिए निर्धारित एक घंटे के दौरान विपक्षी सांसदों ने 92 संशोधन प्रस्ताव रखे। हालांकि, उस समय विधेयक पर चर्चा को लेकर सहमति नहीं बन सकी।दिनभर सदन की कार्यवाही बाधित रहने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार विधेयक को लंबे समय तक लंबित नहीं रख सकती और आवश्यकता पड़ने पर इसे बिना विस्तृत बहस के भी पारित कराया जा सकता है। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत की और चर्चा के लिए सहमति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष का सवाल
परीक्षा सुधार विधेयक के साथ-साथ छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी संसद में राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर 20 जुलाई 2026 को संसद मार्च के दौरान हुए छात्र प्रदर्शन पर चर्चा की मांग की है। तिवारी ने आरोप लगाया कि निहत्थे छात्र प्रदर्शनकारियों पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने कथित तौर पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया।
उनके अनुसार, इस घटना में 80 से अधिक लोग घायल हुए। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से विस्तृत जवाब और जवाबदेही की मांग कर रहा है। हालांकि, इन आरोपों और घटना से जुड़े सभी पक्षों के आधिकारिक विवरण पर संसद में होने वाली चर्चा के दौरान और स्पष्टता आने की संभावना है।

परीक्षा सुधारों को लेकर सरकार की नई रणनीति
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक उपायों पर काम किया जा रहा है। सरकार ने डिजिटल टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन निलेकणि के नेतृत्व में एक टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समूह को परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और परीक्षा संचालन में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई है।
परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में 36 दिनों तक आंदोलन चला। आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद सरकार ने छात्रों की चिंताओं को दूर करने और परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए कई सुधारात्मक कदमों की घोषणा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से किया था संवाद
20 जुलाई को छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम वीडियो के माध्यम से युवाओं को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री ने छात्रों को “फ्रेंड्स” कहकर संबोधित करते हुए कहा था कि सरकार उनकी चिंताओं से अवगत है और परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष तथा सुरक्षित बनाने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
सरकार का मानना है कि प्रस्तावित कानून और नई सुधार प्रक्रिया से परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा तथा लाखों छात्रों का विश्वास मजबूत होगा।
राहुल गांधी और युवा सांसद संभालेंगे बहस
लोकसभा में आज होने वाली चर्चा के लिए सरकार और विपक्ष ने व्यापक तैयारी की है। सत्तारूढ़ एनडीए की ओर से युवा सांसद बांसुरी स्वराज और सायोनी घोष को प्रमुख वक्ताओं में शामिल किया गया है। उनसे सरकार के परीक्षा सुधार कार्यक्रम का पक्ष रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की उम्मीद है।वहीं, विपक्ष की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार को घेरने की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के भी बहस में हिस्सा लेने की संभावना है।













