संसद में भगवा प्रदर्शन को लेकर विवाद, कीर्ति आजाद ने पप्पू यादव पर साधा निशाना; बोले- 'उन्होंने डकैती का तरीका दिखाया'

संसद परिसर में भगवा प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है। टीएमसी सांसद Kirti Azad ने निर्दलीय सांसद Pappu Yadav पर निशाना साधते हुए उनकी कार्रवाई को लेकर

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद Pappu Yadav द्वारा संसद परिसर में गेरुआ वस्त्र पहनकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर किए गए प्रदर्शन पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस मामले में टीएमसी सांसद Kirti Azad ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

पटना: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले पर कीर्ति आजाद ने प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि कथित तौर पर किस तरह की चोरी या अनियमितता होती है।

पप्पू यादव ने संसद परिसर में गेरुआ वस्त्र पहनकर कथित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। उनके इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई। विपक्ष और सत्तापक्ष के नेताओं ने इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।

कीर्ति आजाद ने भगवा पहनने पर उठाए सवाल

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कीर्ति आजाद ने कहा कि भगवा वस्त्र कई सम्मानित धार्मिक और आध्यात्मिक व्यक्तियों से जुड़े हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई संत और धार्मिक प्रतिनिधि भगवा पहनते हैं और धार्मिक संस्थानों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भगवा केवल किसी विरोध प्रदर्शन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा हुआ पहनावा है।

 इसी संदर्भ में उन्होंने पप्पू यादव के प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने तरीके से यह दिखाने की कोशिश की कि किस तरह की कथित डकैती होती है।

सरकार पर भी साधा निशाना

कीर्ति आजाद ने अपने बयान में सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों और उनसे जुड़े मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कुछ घटनाएं संस्थानों की गरिमा को प्रभावित करती हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल और राजनीतिक विरोध के तरीकों पर भी सवाल उठाए। हालांकि, पप्पू यादव अपने प्रदर्शन को धार्मिक भावनाओं और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश बता रहे हैं।

संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर प्रदर्शन करने के बाद पप्पू यादव के खिलाफ वाराणसी में एफआईआर दर्ज होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद उन्होंने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भगवा पहनना किसी व्यक्ति का अधिकार है और इसके लिए किसी को रोका नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर कुछ लोगों को भगवा पहनने की अनुमति है तो उन्हें भी इसे पहनकर अपनी बात रखने का अधिकार है। पप्पू यादव ने कहा था कि वह एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं और जनहित के मुद्दों को उठाते रहेंगे।

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