फरवरी 2026 तक HDFC Bank में भारी निवेश, इस महीने शेयर में 16.4% गिरावट से नुकसान बढ़ा

HDFC Bank के शेयरों में 16% गिरावट से म्युचुअल फंडों को 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान, निवेशकों को पोर्टफोलियो विविधता और रणनीति पर ध्यान देना जरूरी

HDFC Bank के शेयरों में भारी गिरावट म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो को प्रभावित कर रही है। निवेशकों को करीब 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पोर्टफोलियो में विविधता और जोखिम प्रबंधन जरूरी है।

Mutual Funds: एचडीएफसी बैंक के शेयरों में हालिया भारी गिरावट का असर म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो पर देखने को मिल रहा है। बैंक के यह शेयर कई ऐक्टिव और पैसिव योजनाओं में शीर्ष होल्डिंग्स में शामिल हैं। फरवरी 2026 के अंत तक म्युचुअल फंडों के पास मिलाकर 3.2 लाख करोड़ रुपये के शेयर थे, जिसमें HDFC Bank की हिस्सेदारी सबसे बड़ी थी। इस महीने अब तक बैंक के शेयरों में 16.4 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे अनुमानित तौर पर म्युचुअल फंड निवेशकों को करीब 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो पर प्रभाव

एचडीएफसी बैंक म्युचुअल फंडों के लिए सबसे बड़ी एकल होल्डिंग बनी हुई है। फरवरी के अंत तक लगभग 50 ऐक्टिव इक्विटी और हाइब्रिड योजनाओं ने अपने फंड का लगभग 9 प्रतिशत HDFC Bank में निवेश किया हुआ था। इसी कारण से ये योजनाएं मौजूदा बिकवाली से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस शेयर में पहले से ही भारी निवेश होने के कारण फंड मैनेजरों के लिए निचले स्तर पर और पूंजी लगाना मुश्किल हो जाता है।

निवेश नियमों का असर

मौजूदा नियमों के तहत थीमेटिक फंडों को छोड़कर ऐक्टिव म्युचुअल फंड स्कीमें किसी एक शेयर में 10 प्रतिशत से अधिक निवेश नहीं कर सकतीं। यही कारण है कि फंड मैनेजरों के लिए HDFC Bank के शेयरों में अतिरिक्त निवेश करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। निवेश का यह नियम फंड की विविधता को बनाए रखने और जोखिम कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

सबसे बड़ी होल्डिंग्स

पराग पारिख फ्लेक्सीकैप फंड, HDFC फ्लेक्सीकैप फंड और ICICI प्रूडेंशियल लार्जकैप फंड में HDFC Bank में सबसे अधिक निवेश था। फरवरी 2026 तक इन तीनों फंडों का संयुक्त निवेश करीब 24,750 करोड़ रुपये था। इसी कारण से इन फंडों में सबसे ज्यादा मूल्यह्रास देखने को मिला और निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।

भू-राजनीतिक तनावों का असर

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनावों ने पहले से ही शेयर पर दबाव बढ़ा रखा था। इसके कारण बाजार में अनिश्चितता बढ़ी और HDFC Bank के शेयरों में पहले ही कमजोरी दिखाई दे रही थी। इस माह की शुरुआती सत्रों में बैंक के शेयरों में और गिरावट आई, जब अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।

निवेशकों के लिए संकेत

विशेषज्ञों का कहना है कि HDFC Bank जैसी बड़ी होल्डिंग वाली कंपनियों के शेयरों में अचानक गिरावट म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो पर बड़ा असर डाल सकती है। निवेशकों को चाहिए कि वे अपने पोर्टफोलियो को ध्यान से देखें और आवश्यकता पड़ने पर विविधता बढ़ाने के उपाय करें। म्युचुअल फंड में निवेश करते समय उच्च जोखिम वाले शेयरों का अनुपात सीमित रखना और लंबे समय के लिए निवेश करने की रणनीति अपनाना महत्वपूर्ण है।

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