पिरामल फाइनेंस ने श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस में 14.72% हिस्सेदारी सैनलम इमर्जिंग मार्केट्स (मॉरीशस) को ₹600 करोड़ में बेचने का ऐलान किया। सौदे के पूरा होने पर सैनलम की हिस्सेदारी 37.72% तक बढ़ जाएगी और कंपनी पर उसका प्रभाव मजबूत होगा।
Piramal Finance: पिरामल फाइनेंस ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह अपनी पूरी 14.72 प्रतिशत हिस्सेदारी श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस में साउथ अफ्रीका स्थित सैनलम इमर्जिंग मार्केट्स (मॉरीशस) लिमिटेड को ₹600 करोड़ में बेचने जा रही है। सैनलम इमर्जिंग मार्केट्स (मॉरीशस) लिमिटेड, सैनलम इमर्जिंग मार्केट्स की 100 प्रतिशत सहायक कंपनी है और यह दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख फाइनैंशल सर्विसेज ग्रुप, सैनलम ग्रुप का हिस्सा है।
सौदा पूरा होने के बाद सैनलम ग्रुप की श्रीराम लाइफ में हिस्सेदारी 37.72 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। यह ट्रांजैक्शन 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही तक पूरा होने की संभावना है। हालांकि इसके लिए भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) समेत अन्य नियामकीय मंजूरियां आवश्यक होंगी।
पिरामल फाइनेंस की रणनीति
पिरामल फाइनेंस ने स्पष्ट किया कि यह सौदा उसकी बैलेंस शीट को मजबूत करने और नॉन-कोर एसेट्स को मॉनेटाइज करने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी ने कहा कि भविष्य में भी वह अपने अन्य नॉन-कोर एसेट्स के लिए इसी तरह की रणनीति अपनाती रहेगी। इस हिस्सेदारी के बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग पिरामल फाइनेंस अपनी वित्तीय स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए करेगी।
श्रीराम लाइफ में प्रमोटर संरचना
श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस का संयुक्त प्रमोशन श्रीराम ग्रुप और दक्षिण अफ्रीका के सैनलम ग्रुप द्वारा किया गया है। फिलहाल श्रीराम कैपिटल सबसे बड़ा शेयरधारक है, जिसके पास लगभग 47 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि सैनलम ग्रुप के पास लगभग 23 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इस सौदे के बाद सैनलम ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़कर 37.72 प्रतिशत हो जाएगी, जिससे कंपनी में इसका प्रभाव और मजबूत होगा।
वित्तीय योगदान और लाभ
कंपनी के अनुसार, 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस का पिरामल फाइनेंस की कुल आय में योगदान ₹12.68 करोड़ रहा। यह योगदान डिविडेंड के रूप में मिला और कुल राजस्व का लगभग 0.12 प्रतिशत था। इस सौदे के बाद पिरामल फाइनेंस की फोकस्ड निवेश रणनीति और वित्तीय लचीलापन बढ़ने की उम्मीद है।
इस हिस्सेदारी की बिक्री से सैनलम ग्रुप को श्रीराम लाइफ में मजबूत नियंत्रण हासिल होगा और कंपनी की नीति एवं संचालन में उसका प्रभाव बढ़ेगा। वहीं पिरामल फाइनेंस की रणनीति के तहत नॉन-कोर एसेट्स का मॉनेटाइजेशन कंपनी को वित्तीय स्थिरता और निवेश के नए अवसर प्रदान करेगा। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि पिरामल फाइनेंस अपनी फोकस्ड और संरचित निवेश रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।











