राजस्थान के प्रतापगढ़ में रविवार रात दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर घायल है। मृतकों में दो युवक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सभा से लौट रहे थे। पुलिस ने जांच शुरू की है।
प्रतापगढ़: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में रविवार रात हुए सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। देवगढ़ थाना क्षेत्र में धरियावद रोड पर बंबोरी के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान तीन युवकों ने दम तोड़ दिया।
रविवार रात करीब 9 बजे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार दुर्घटना रविवार रात करीब 9 बजे बंबोरी स्थित एक वेयरहाउस के पास हुई। दोनों बाइक विपरीत दिशाओं से आ रही थीं और इसी दौरान उनकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि दोनों मोटरसाइकिलों पर सवार पांच युवक घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलने के बाद देवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को प्रतापगढ़ जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जोगीखेड़ा खतौड़ी निवासी 25 वर्षीय अनिल और देवगढ़ क्षेत्र के शाहजी का पठार निवासी 25 वर्षीय विकास को मृत घोषित कर दिया।
उदयपुर रेफर किए गए तीन युवक
हादसे में गंभीर रूप से घायल बादल, कुलदीप और निलेश मीणा की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर किया गया। तीनों को इलाज के लिए आगे भेजा गया, लेकिन रास्ते और उपचार के दौरान स्थिति बिगड़ती चली गई।
पुलिस के मुताबिक शाहजी का पठार निवासी 24 वर्षीय निलेश मीणा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद जोगीखेड़ा खतौड़ी निवासी 19 वर्षीय कुलदीप की भी सोमवार तड़के इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में अब तक चार युवकों की जान जा चुकी है। 20 वर्षीय बादल गंभीर रूप से घायल है और उसका उपचार उदयपुर में जारी है।
देवाक माता मंदिर और सभा से लौट रहे थे युवक
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार मृतकों में शामिल अनिल, उसका भाई बादल और चचेरा भाई कुलदीप रविवार को अपने गांव जोगीखेड़ा खतौड़ी से देवाक माता मंदिर गए थे। गांव से मंदिर की दूरी करीब 40 किलोमीटर बताई गई है।
तीनों युवक मंदिर में दर्शन करने के साथ वहां आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सभा में भी शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे बाइक से अपने गांव वापस लौट रहे थे। इसी दौरान घर से करीब 15 किलोमीटर पहले बंबोरी के पास उनकी मोटरसाइकिल सामने से आ रही दूसरी बाइक से टकरा गई।
दूसरी मोटरसाइकिल पर निलेश मीणा और उसके चचेरे भाई विकास मीणा सवार थे। दोनों बाइक की भिड़ंत के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
एक परिवार में शादी के बाद छाया मातम
हादसे में जान गंवाने वाले अनिल की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह है कि उसकी पत्नी गर्भवती है। परिवार के लिए यह घटना बेहद मुश्किल समय लेकर आई है। अनिल तीन भाइयों में से एक था, जबकि उसका भाई बादल इस हादसे में गंभीर रूप से घायल है।
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अनिल के परिवार में एक साथ दो स्तर पर संकट खड़ा हो गया है। एक ओर परिवार ने अपने सदस्य को खो दिया, वहीं दूसरी ओर बादल के इलाज को लेकर परिजन चिंतित हैं। अस्पताल में उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सक नजर बनाए हुए हैं।
कुलदीप की भी हादसे में मौत
हादसे में जान गंवाने वाला 19 वर्षीय कुलदीप भी परिवार का अहम सदस्य था। बताया गया कि उसकी करीब एक साल पहले सगाई हुई थी। वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा था और इसके बाद मैकेनिक का काम करता था।
कुलदीप का एक बड़ा भाई है। परिवार ने भविष्य को लेकर उसके लिए कई उम्मीदें संजो रखी थीं, लेकिन सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया। एक ही घटना में परिवार के युवा सदस्य की मौत से गांव में भी शोक का माहौल है।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
देवगढ़ थाना पुलिस ने दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों मोटरसाइकिलों की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई। हादसे के कारणों में सड़क की स्थिति, वाहनों की गति और अन्य संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस ने मृतकों के शवों का आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की। हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाने के लिए पुलिस घटनास्थल और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की भी जांच कर रही है।
अशोक गहलोत ने जताया दुख
घटना की जानकारी सामने आने के बाद राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से हादसे पर दुख जताया। चूंकि मृतकों में दो युवक उनकी सभा में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे, इसलिए घटना ने राजनीतिक कार्यक्रम से जुड़े लोगों का भी ध्यान खींचा है।
गहलोत ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल युवक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर भी पीड़ित परिवारों के प्रति लोगों ने शोक और संवेदना व्यक्त की।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
प्रतापगढ़ की यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल भी सामने लाती है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रात के समय दोपहिया वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए सड़क सुरक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। आमने-सामने की टक्कर अक्सर गंभीर परिणामों का कारण बनती है, खासकर जब वाहन तेज गति से चल रहे हों या सड़क पर पर्याप्त सावधानी न बरती जाए।
हालांकि इस हादसे की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन एक ही दुर्घटना में चार युवाओं की मौत ने परिवारों और स्थानीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक युवक अभी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। पुलिस जांच के निष्कर्षों से दुर्घटना के कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।









