Prayagraj Flood Alert: गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा, 10 लाख क्यूसेक पानी से बाढ़ का खतरा

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। करीब 10 लाख क्यूसेक पानी आने से बाढ़ का खतरा बढ़ा, प्रशासन ने राहत चौकियां अलर्ट कीं।

प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ी नदियों के उफान और बांधों से छोड़े गए पानी के चलते बाढ़ की आशंका बढ़ी है। प्रशासन ने राहत चौकियों को अलर्ट किया है।

प्रयागराज: गंगा और यमुना में तेजी से बढ़ते जलस्तर के बीच जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। विभिन्न नदियों और बैराजों से करीब 10 लाख क्यूसेक पानी आने के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। बेलन नदी के बढ़ते पानी से कोरांव क्षेत्र में तीन रपटा डूब गए हैं, जिससे 22 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नाव संचालन पर प्रतिबंध लगाते हुए राहत व्यवस्था को अलर्ट कर दिया है।

प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा

प्रयागराज में लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा और यमुना के साथ टोंस, बेलन, टुड़ियारी, गोरमा और लपरी जैसी नदियों में भी उफान की स्थिति है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निचले और तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

गंगा-यमुना में तेजी से बढ़ रहा पानी

सोमवार रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.65 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 78.83 मीटर दर्ज किया गया। छतनाग में दोनों नदियों का जलस्तर 78.39 मीटर रहा। प्रशासन के अनुसार दोनों नदियों में पानी अभी और बढ़ने की संभावना है।

केन, बेतवा और चंबल नदियों के साथ नरौरा व माताटीला बांध तथा कानपुर बैराज से कुल करीब 10 लाख क्यूसेक पानी आने की बात कही गई है। इससे गंगा और यमुना के जलस्तर पर आगे भी दबाव बढ़ सकता है।

बेलन नदी के उफान से 22 गांव प्रभावित

बेलन नदी का जलस्तर बढ़ने से कोरांव क्षेत्र में तीन रपटा डूब गए हैं। इन छोटे पुलों के ऊपर करीब तीन से 10 फीट तक पानी बह रहा है। इसके कारण 22 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और करीब 40 हजार लोगों का आवागमन बाधित हो गया है।

उधर, टोंस नदी भी तेजी से बढ़ रही है। पिछले दो दिनों में इसके जलस्तर में करीब तीन मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। सतना और रीवा क्षेत्र में टोंस के उफान का असर प्रयागराज में गंगा के प्रवाह पर भी पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार इससे गंगा का जलस्तर आगे और बढ़ सकता है।

नाव संचालन पर प्रतिबंध, राहत चौकियां अलर्ट

बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के मद्देनजर प्रशासन ने नदियों में सामान्य नाव संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब केवल बाढ़ राहत कार्य में इस्तेमाल होने वाली नावों को ही चलाने की अनुमति होगी।

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को अलर्ट किया गया है। बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को भी लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

शहर के निचले इलाकों में भी प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। गंगा का जलस्तर 80 मीटर के आसपास या उससे ऊपर पहुंचने पर बघाड़ा, राजापुर, गंगा नगर, नेवादा, बेली और तेलियरगंज-शंकरघाट जैसे इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका जताई गई है। नैनी, झूंसी और फाफामऊ के निचले क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है।

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