प्रयागराज कमिश्नरेट में पुलिस व्यवस्था में एक बार फिर बदलाव किया गया है। पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने चार आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल में हाल ही में आगरा से स्थानांतरित होकर प्रयागराज आए आईपीएस अधिकारी सोनम कुमार को डीसीपी गंगानगर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अब तक डीसीपी गंगानगर की जिम्मेदारी संभाल रहे कुलदीप सिंह गुनावत को डीसीपी क्राइम बनाया गया है। डीसीपी क्राइम एवं साइबर क्राइम की जिम्मेदारी संभाल रहे मनीष कुमार शांडिल्य को डीसीपी ट्रैफिक, लाइंस और यूपी-112 का दायित्व सौंपा गया है। वाराणसी से प्रयागराज आईं आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव को अपर पुलिस उपायुक्त नगर बनाया गया है।
प्रयागराज में हुए इस प्रशासनिक बदलाव का असर कमिश्नरेट की कई अहम पुलिस शाखाओं पर पड़ेगा। गंगानगर जोन जिले के महत्वपूर्ण पुलिस क्षेत्रों में शामिल है, जबकि अपराध और साइबर अपराध की निगरानी के लिए अलग से जिम्मेदारी तय की गई है। इसी तरह ट्रैफिक, पुलिस लाइंस और यूपी-112 जैसी सेवाओं को भी एक अधिकारी के अधीन किया गया है। प्रयागराज जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी डीसीपी गंगानगर, डीसीपी नगर, डीसीपी यमुनानगर, ट्रैफिक एवं यूपी-112 तथा अपराध से जुड़ी पुलिस जिम्मेदारियों का ढांचा दर्ज है।
आईपीएस सोनम कुमार 2016 बैच के अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार उनकी वर्तमान रैंक एसपी दर्ज है और 19 सितंबर 2026 से उन्हें प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी के पद पर तैनात किया गया है। इससे पहले वह आगरा पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी के पद पर कार्यरत थे। प्रदेश में 19 सितंबर को हुए बड़े आईपीएस फेरबदल में भी सोनम कुमार को आगरा से प्रयागराज भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब सोनम कुमार को गंगानगर जोन की जिम्मेदारी मिलने के बाद इस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग और स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में रहेगा। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार उनके जिम्मे साइबर अपराध से जुड़े मामलों की निगरानी भी रहेगी। गंगानगर क्षेत्र में ग्रामीण और तेजी से विकसित हो रहे शहरी इलाकों का मिश्रण होने के कारण यहां पुलिसिंग की जरूरतें भी अलग-अलग प्रकार की हैं। ऐसे में नई जिम्मेदारी के साथ क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को लेकर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
कुलदीप सिंह गुनावत को डीसीपी गंगानगर से हटाकर डीसीपी क्राइम की जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार कुलदीप सिंह गुनावत 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और सितंबर 2026 तक प्रयागराज कमिश्नरेट में डीसीपी के पद पर तैनात रहे हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड में उनकी प्रयागराज पोस्टिंग की शुरुआत 10 सितंबर 2024 से दर्ज है।
डीसीपी क्राइम के रूप में कुलदीप सिंह गुनावत अब अपराध से संबंधित मामलों की निगरानी करेंगे। उनके अधीन क्राइम ब्रांच और अपराध से जुड़ी पुलिस कार्रवाई की मॉनिटरिंग होगी। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार उन्हें क्राइम के साथ साइबर अपराध से जुड़ी जिम्मेदारियों का भी दायित्व दिया गया है। इसका मतलब है कि पारंपरिक आपराधिक मामलों के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों पर भी पुलिस की निगरानी और जांच व्यवस्था उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा होगी।
प्रयागराज कमिश्नरेट में अपराध और निर्वाचन से संबंधित जिम्मेदारी के लिए अलग डीसीपी स्तर की व्यवस्था भी दर्ज है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर अपर पुलिस उपायुक्त अपराध एवं निर्वाचन के पद का उल्लेख है। ऐसे में नई व्यवस्था में डीसीपी स्तर पर अपराध शाखा की निगरानी और विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय को लेकर जिम्मेदारियों का वितरण किया गया है।
मनीष कुमार शांडिल्य को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। अब तक डीसीपी अपराध और साइबर अपराध की जिम्मेदारी संभाल रहे मनीष कुमार शांडिल्य को डीसीपी ट्रैफिक बनाया गया है। उनके जिम्मे पुलिस लाइंस और यूपी-112 की जिम्मेदारी भी रहेगी। इससे यातायात व्यवस्था के साथ-साथ इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम और पुलिस लाइंस से जुड़े प्रशासनिक कामकाज की निगरानी भी उनके कार्यक्षेत्र में आएगी।
प्रयागराज जैसे बड़े शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पुलिस के सामने लगातार बनी रहने वाली प्रमुख चुनौतियों में शामिल है। शहर में प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, धार्मिक स्थलों, विश्वविद्यालय और अन्य व्यस्त क्षेत्रों में यातायात का दबाव रहता है। इसके अलावा कुंभ और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भी प्रयागराज में यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस की भूमिका बढ़ जाती है। डीसीपी ट्रैफिक के रूप में मनीष कुमार शांडिल्य के सामने अब इन व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी होगी।
यूपी-112 की जिम्मेदारी भी इसी कार्यक्षेत्र में शामिल किए जाने से आपातकालीन पुलिस प्रतिक्रिया व्यवस्था पर भी ध्यान देना होगा। किसी घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की प्रतिक्रिया, संबंधित थानों और फील्ड यूनिट के बीच समन्वय तथा पुलिस रिस्पांस सिस्टम की निगरानी इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। प्रयागराज की आधिकारिक पुलिस व्यवस्था में ट्रैफिक एवं यूपी-112 के लिए अलग पद भी दर्ज है।
इसी फेरबदल में आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव को अपर पुलिस उपायुक्त नगर की जिम्मेदारी दी गई है। वह हाल ही में वाराणसी से प्रयागराज स्थानांतरित होकर आई हैं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार उन्हें लाइंस और अपराध से संबंधित जिम्मेदारियां भी दी गई हैं। इस तरह चार अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव के जरिए कमिश्नरेट के गंगानगर, अपराध, यातायात और नगर क्षेत्र से जुड़े कामकाज में नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब सितंबर में उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर आईपीएस अधिकारियों का फेरबदल किया गया था। 19 सितंबर को राज्य में 35 आईपीएस अधिकारियों के तबादले हुए थे। इसमें पुलिस कमिश्नरेट, जिलों और पुलिस की विभिन्न शाखाओं से जुड़े अधिकारी शामिल थे। उसी फेरबदल में सोनम कुमार को आगरा से प्रयागराज डीसीपी के पद पर भेजा गया था।
उस व्यापक फेरबदल में प्रयागराज से डीसीपी नीरज कुमार पांडेय को पुलिस मुख्यालय प्रयागराज में एसपी बनाया गया था, जबकि सोनम कुमार को प्रयागराज कमिश्नरेट में डीसीपी की जिम्मेदारी मिली थी। इसके अलावा श्रुति श्रीवास्तव को भी प्रयागराज कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
प्रयागराज में इससे पहले भी पुलिस प्रशासन के स्तर पर कई बदलाव हुए हैं। सितंबर की शुरुआत में कमिश्नरेट की चारों एसओजी टीमों को भंग किया गया था और कुल 44 पुलिसकर्मियों को इन टीमों से हटाकर संबंधित डीसीपी के सामने रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद अब आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में यह बदलाव हुआ है। हालांकि दोनों फैसलों को सीधे एक-दूसरे से जोड़ने के लिए आधिकारिक तौर पर कोई कारण सामने नहीं आया है।
नई व्यवस्था में गंगानगर, क्राइम और ट्रैफिक जैसे अलग-अलग महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कमान अलग अधिकारियों को दी गई है। पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था में इस तरह जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र पर ज्यादा फोकस करने का अवसर देता है। हालांकि इन बदलावों का वास्तविक असर आने वाले दिनों में पुलिस की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और शिकायतों के निस्तारण के स्तर पर देखा जाएगा।
प्रयागराज पुलिस की आधिकारिक व्यवस्था के मुताबिक जिले में डीसीपी नगर, डीसीपी गंगानगर, डीसीपी यमुनानगर और अन्य पुलिस अधिकारियों के स्तर पर क्षेत्रवार जिम्मेदारियां निर्धारित हैं। इसके अलावा ट्रैफिक एवं यूपी-112 और अपराध से संबंधित पद भी अलग से निर्धारित हैं। नई तैनाती के बाद इन पदों पर अधिकारियों के बीच समन्वय आने वाले दिनों में कमिश्नरेट की पुलिसिंग के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
फिलहाल सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सोनम कुमार को गंगानगर, कुलदीप सिंह गुनावत को क्राइम और मनीष कुमार शांडिल्य को ट्रैफिक की जिम्मेदारी मिली है। वहीं श्रुति श्रीवास्तव को एडीसीपी नगर की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में यह बदलाव 29 सितंबर 2026 को सामने आया है और प्रयागराज कमिश्नरेट की आधिकारिक व्यवस्था में संबंधित पदों की मौजूदगी भी दर्ज है।











