प्रयागराज में सावन के पहले सोमवार पर आस्था का सैलाब: सुबह से जलाभिषेक, कांवड़ियों के लिए वाराणसी हाईवे की एक लेन रिजर्व

प्रयागराज में सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में सुबह से जलाभिषेक जारी है। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए प्रयागराज-वाराणसी हाईवे की एक लेन रिजर्व की गई।
प्रयागराज में सावन के पहले सोमवार पर आस्था का सैलाब: सुबह से जलाभिषेक, कांवड़ियों के लिए वाराणसी हाईवे की एक लेन रिजर्व
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प्रयागराज से वाराणसी की ओर जाने वाले कांवड़ियों को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया है। प्रयागराज-वाराणसी हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रखी गई है। झूंसी से आगे हाईवे के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग कर कांवड़ यात्रा के लिए अलग रास्ता सुनिश्चित किया गया है। दूसरी लेन से नियंत्रित तरीके से वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है।

शनिवार रात से ही प्रयागराज से वाराणसी की ओर कांवड़ियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हाईवे पर यातायात को नियंत्रित रखने के लिए की गई है।

गंगा घाटों पर भी बड़ी संख्या में कांवड़िए नजर आए। श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद पवित्र जल अपने पात्रों में भरकर काशी की ओर रवाना हो रहे हैं। भगवा कपड़ों में कांवड़ लेकर पैदल चल रहे शिवभक्तों की वजह से प्रयागराज-वाराणसी मार्ग का माहौल पूरी तरह भक्तिमय दिखाई दे रहा है।

कांवड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए हाईवे पर बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों की ओर से वाहनों की गति और आवाजाही पर नजर रखी जा रही है, ताकि पैदल चल रहे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

प्रयागराज में शिव मंदिरों में भी सुबह से विशेष पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्तों ने सुबह जल्दी मंदिरों का रुख किया। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे तो बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं भी पूजा करने के लिए मंदिरों में पहुंचीं।

महिला शिवभक्तों की भी कांवड़ यात्रा में बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। प्रशासन की ओर से महिला श्रद्धालुओं की सहायता के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। घाटों और प्रमुख मार्गों पर महिला पुलिसकर्मियों तथा अन्य सहायता दलों की तैनाती की गई है।

प्रयागराज से वाराणसी जाने वाले कांवड़ियों की वजह से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कराया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने लोगों से निर्धारित मार्ग पर ही चलने और बैरिकेडिंग पार न करने की अपील की है। कांवड़ियों से भी अनुशासन बनाए रखने और यातायात व्यवस्था में सहयोग करने को कहा गया है।

सावन सोमवार के कारण प्रयागराज के प्रमुख शिव मंदिरों में पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रहने की संभावना है। सुबह से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। मंदिरों में दर्शन और पूजा के लिए आने वाले भक्तों को कतार के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है।

प्रयागराज में सावन के पहले सोमवार का धार्मिक उत्साह सिर्फ मंदिरों तक सीमित नहीं है। गंगा घाट, कांवड़ मार्ग और शहर की सड़कें भी शिवभक्ति के रंग में रंगी नजर आ रही हैं। जगह-जगह कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं, जहां पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बीच सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना है। इसी वजह से हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए रिजर्व की गई है, ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से वाराणसी की ओर बढ़ सकें।

सावन के पहले सोमवार पर प्रयागराज में सुबह से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना जारी है। गंगा घाटों पर कांवड़ियों की भीड़ है और प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर उनकी सुरक्षा के लिए एक लेन सुरक्षित रखी गई है। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयकारों के बीच शहर और कांवड़ मार्ग पूरी तरह शिवमय नजर आ रहा है।

 

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