19वें दिन TGT-PGT अभ्यर्थियों का अनशन खत्म डीएम-पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर तुड़वाया, पुरानी नियमावली की मांग पर हड़ताल थी

प्रयागराज में पुरानी नियमावली की मांग पर TGT-PGT अभ्यर्थियों का 19वें दिन आमरण अनशन खत्म हुआ। डीएम और पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
19वें दिन TGT-PGT अभ्यर्थियों का अनशन खत्म डीएम-पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर तुड़वाया, पुरानी नियमावली की मांग पर हड़ताल थी
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प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी शिक्षक भर्ती की पुरानी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर लंबे समय से चल रहा प्रतियोगी छात्रों का आमरण अनशन बुधवार को खत्म हो गया। शिक्षा निदेशालय परिसर में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर दीपक मोर्डिया भी मौजूद रहे। अभ्यर्थियों ने पांच सितंबर से आमरण अनशन शुरू किया था और 23 सितंबर को यह आंदोलन अपने 19वें दिन पहुंचा।

टीजीटी-पीजीटी भर्ती में नई नियमावली लागू किए जाने के विरोध में प्रयागराज में प्रतियोगी छात्र कई दिनों से धरना और अनशन कर रहे थे। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग थी कि शिक्षक भर्ती परीक्षा पुरानी नियमावली और पहले लागू पात्रता शर्तों के आधार पर कराई जाए। छात्रों का कहना था कि नियमों में बदलाव से उन अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं, जो लंबे समय से टीजीटी और पीजीटी भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर चार अभ्यर्थी पांच सितंबर से आमरण अनशन पर बैठे थे।

आंदोलन के शुरुआती दिनों में अभ्यर्थी प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर के पास धरने पर बैठे थे। इसके बाद सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा निदेशालय परिसर पहुंच गए और वहीं धरना शुरू कर दिया। सोमवार की रात भी कई छात्र शिक्षा निदेशालय में मौजूद रहे। छात्रों ने जिलाधिकारी से धरनास्थल पर आकर बातचीत करने का आग्रह किया था। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

मंगलवार को शिक्षा निदेशालय परिसर में छात्रों की संख्या और बढ़ गई थी। पुलिस ने परिसर के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था संभाली। छात्रों और पुलिस के बीच गेट को लेकर गहमागहमी की स्थिति भी बनी। आंदोलनकारी लगातार पुरानी नियमावली से भर्ती कराने की मांग पर कायम रहे।

इसी बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रतियोगी छात्रों की मांग से संबंधित बयान सामने आया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई को पत्र लिखा जाए। मुख्यमंत्री की ओर से एक बार के लिए प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए राहत की व्यवस्था तलाशने की बात कही गई। इसके बाद बुधवार को प्रशासन की ओर से अनशन खत्म कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

बुधवार को जिलाधिकारी मनीष वर्मा शिक्षा निदेशालय पहुंचे। उनके साथ पुलिस कमिश्नर दीपक मोर्डिया भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों से बातचीत की और उन्हें जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया। इस दौरान छात्रों को उनकी मांगों के संबंध में सरकार की ओर से की जा रही प्रक्रिया और आश्वासन की जानकारी दी गई।

आंदोलन समाप्त होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आगे होने वाली सरकारी प्रक्रिया पर रहेगी। छात्रों की मूल मांग पुरानी नियमावली के अनुसार टीजीटी-पीजीटी भर्ती कराने की है। मुख्यमंत्री की ओर से एनसीटीई को पत्र लिखने और प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए एक बार की राहत की संभावना पर विचार करने की बात सामने आई है। हालांकि अंतिम रूप से भर्ती की नियमावली, पात्रता और अवसर से संबंधित व्यवस्था किस तरह लागू होगी, यह संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई और निर्णय से स्पष्ट होगा।

अभ्यर्थियों के आंदोलन का एक बड़ा मुद्दा यह रहा कि नई नियमावली के कारण पहले से तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए भर्ती प्रक्रिया में अवसर और पात्रता की स्थिति बदल सकती है। प्रदर्शनकारियों ने इसी वजह से पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्रों ने कहा था कि वे मांग पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

पांच सितंबर से आमरण अनशन पर बैठे चार छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर भी आंदोलन के दौरान चिंता बनी हुई थी। कई दिनों तक लगातार भूख हड़ताल के बाद बुधवार को प्रशासन की मौजूदगी में अनशन समाप्त कराया गया। इससे पहले आंदोलनकारी छात्रों ने शिक्षा निदेशालय परिसर में रात भी गुजारी थी और बड़ी संख्या में दूसरे अभ्यर्थी उनके समर्थन में वहां पहुंचे थे।

इस आंदोलन को लेकर पिछले दिनों प्रयागराज में छात्रों की गतिविधियां लगातार बढ़ती गईं। अलग-अलग संगठनों और लोगों ने भी प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचकर उनकी मांगों को लेकर अपनी बात रखी। हालांकि अनशन खत्म होने के साथ फिलहाल आमरण अनशन का चरण समाप्त हो गया है, लेकिन पुरानी नियमावली और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अंतिम निर्णय आने तक अभ्यर्थियों की नजर सरकार और संबंधित शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर बनी रहेगी।

टीजीटी और पीजीटी शिक्षक भर्ती से जुड़ा यह विवाद केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं रहा है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से अभ्यर्थी आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचे। छात्रों का कहना है कि भर्ती नियमों में बदलाव का असर उन उम्मीदवारों पर पड़ता है जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से सामने आए ताजा रुख में प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए संबंधित संस्थाओं से प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

बुधवार को डीएम और पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी में जूस पिलाकर अनशन खत्म कराए जाने के बाद अब इस पूरे मामले का अगला चरण प्रशासनिक और शैक्षिक प्रक्रिया से जुड़ा होगा। एनसीटीई को पत्र भेजे जाने और आगे मिलने वाले जवाब के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि अभ्यर्थियों को किस तरह की राहत मिलती है और टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली अथवा अन्य व्यवस्था को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है। फिलहाल 19 दिनों से चला आ रहा आमरण अनशन समाप्त हो गया है और अभ्यर्थियों ने प्रशासन के आश्वासन के बाद अपना अनशन खत्म किया है।

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