प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा से पहले छात्रों को तनाव मुक्त रहने और सफलता पाने के लिए “पहले मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो, फिर जो पढ़ना है उसे रखो” का गुरु मंत्र दिया। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के 9वें संस्करण में उन्होंने छात्रों को पढ़ाई में अनुशासन, मानसिक तैयारी और आत्मविश्वास बढ़ाने के टिप्स साझा किए।
PM मोदी का परीक्षा मंत्र: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के 9वें संस्करण में छात्रों को पढ़ाई और मानसिक तैयारी पर मार्गदर्शन दिया। दिल्ली और अन्य राज्यों के छात्रों के साथ संवाद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले मन को जोटें, फिर उसे केंद्रित करें और अंत में पढ़ाई के विषय रखें। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को तनाव मुक्त माहौल देना और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करना है। छात्रों ने इसे प्रेरक और उपयोगी बताया।
पहले मन को जोतो, फिर पढ़ाई में लगाओ ध्यान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा से पहले छात्रों को तनाव मुक्त रहने और सफलता पाने का मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में सफलता पाने के लिए सबसे पहले मन को जोटना और फिर उसे विषयों के अनुसार केंद्रित करना जरूरी है। उनका कहना था कि “पहले मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो, फिर जो पढ़ना है उसे रखो,” इस सूत्र का पालन करने से छात्र हमेशा सफल होंगे।
मोदी ने यह भी बताया कि परीक्षा से जुड़ी चर्चाओं का उनका पैटर्न बदलता रहा है, लेकिन मूल सिद्धांत हमेशा वही रहे। उन्होंने अलग-अलग राज्यों के छात्रों से संवाद कर उन्हें उत्साहित किया और पढ़ाई में अनुशासन अपनाने पर जोर दिया।

तनाव कम करने का मंच
प्रधानमंत्री ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के 9वें संस्करण में छात्रों के साथ संवाद किया। यह कार्यक्रम ‘एग्जाम वारियर्स’ अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं के लिए परीक्षा का माहौल तनाव मुक्त बनाना है। छात्रों को पढ़ाई और परीक्षा के दौरान मानसिक तैयारी पर ध्यान देने के टिप्स दिए गए।
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो, लेकिन पकड़ में न हो। उन्होंने बताया कि परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत के बाद पैटर्न को धीरे-धीरे बदला गया, ताकि ज्यादा छात्रों तक मार्गदर्शन पहुंचे।
छात्रों को मिल रहा प्रेरणा और मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम में शामिल छात्रों ने पीएम मोदी के अनुभवों और सुझावों को बेहद प्रेरक बताया। उन्होंने कहा कि यह न केवल परीक्षा की तैयारी में मदद करता है, बल्कि मानसिक रूप से छात्रों को मजबूत बनाता है। परीक्षा पे चर्चा छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें सकारात्मक सोच अपनाने में मददगार साबित हो रही है।








