पुणे नगर निगम चुनाव से पहले महायुति गठबंधन में टिकट बंटवारे को लेकर विवाद गहरा गया। भाजपा नेता मुरलीधर मोहोल ने एनसीपी अजित पवार गुट पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने का आरोप लगाया।
Maharashtra: पुणे नगर निगम चुनावों को लेकर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। उम्मीदवारों के चयन को लेकर भारतीय जनता पार्टी और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इस विवाद ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है और गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
भाजपा नेता मुरलीधर मोहोल का सीधा हमला
भाजपा के वरिष्ठ नेता और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एनसीपी अजीत पवार गुट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक ओर पुणे में अपराध खत्म करने और आपराधिक गिरोहों पर सख्ती की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी ऐसे लोगों को चुनावी टिकट दे रही है जिनकी पृष्ठभूमि पर सवाल उठते रहे हैं। मोहोल के इस बयान को महायुति के भीतर बढ़ते असंतोष के रूप में देखा जा रहा है।
डिप्टी सीएम होते हुए भी आमने-सामने
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र की राजनीति में यह स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि अजित पवार राज्य सरकार में भाजपा के साथ डिप्टी सीएम हैं। इसके बावजूद नगर निगम चुनावों में उनकी पार्टी कई सीटों पर भाजपा के खिलाफ ही उम्मीदवार उतार रही है। इस विरोधाभास ने गठबंधन की रणनीति को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है।
आपराधिक पृष्ठभूमि पर सवाल
मुरलीधर मोहोल से जब यह सवाल किया गया कि भाजपा ने भी एक कथित आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की पत्नी को टिकट क्यों दिया, तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए पलटवार सीधे एनसीपी अजीत पवार गुट पर किया। उन्होंने कहा कि अगर पुणे के पालक मंत्री अजित पवार वास्तव में शहर को अपराध-मुक्त बनाना चाहते हैं, तो फिर ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने का फैसला समझ से परे है।
'किस क्राइटेरिया में फिट बैठता है'

मुरलीधर मोहोल ने तीखे शब्दों में कहा कि अगर पूर्वी पुणे से लेकर दक्षिण और फिर उत्तरी पुणे तक एनसीपी द्वारा घोषित उम्मीदवारों की सूची देखी जाए, तो यह साफ दिखाई देता है कि किस तरह के लोगों को टिकट दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे उम्मीदवार आखिर किस क्राइटेरिया में फिट बैठते हैं। मोहोल ने कहा कि यह बात जनता को बतानी चाहिए कि टिकट देने का आधार क्या है।
अपराध खत्म करने के दावों पर सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि अजित पवार सार्वजनिक मंचों से कोयता गैंग जैसे अपराधी गिरोहों को खत्म करने की बात करते हैं। लेकिन जब उम्मीदवारों की सूची सामने आती है, तो वही दावे कमजोर पड़ते नजर आते हैं। मोहोल के अनुसार यह विरोधाभास जनता के बीच गलत संदेश भेजता है और राजनीति की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता है।
162 वार्डों में चुनाव की तैयारी
पुणे नगर निगम के कुल 162 वार्डों में चुनाव होने हैं। इन चुनावों में भाजपा, शिवसेना शिंदे गुट और एनसीपी अजीत पवार गुट मिलकर महायुति के रूप में मैदान में हैं। तीनों दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची घोषित कर दी है। लेकिन कई उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि को लेकर सवाल उठने के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है।
विपक्ष का आक्रामक रुख
महायुति के भीतर चल रहे इस विवाद का फायदा विपक्षी दल भी उठाने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ गठबंधन सत्ता बचाने के लिए ऐसे लोगों को भी टिकट दे रहा है जिनका नाम पहले विवादों में रहा है। विपक्ष इसे नैतिकता और सुशासन के दावों के खिलाफ बता रहा है।
पिंपरी-चिंचवड़ में अलग समीकरण
दिलचस्प बात यह है कि पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों में अजित पवार की एनसीपी, शरद पवार की एनसीपी के साथ गठबंधन में है। जबकि अन्य क्षेत्रों में वही पार्टी भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ महायुति का हिस्सा है। इस अलग-अलग राजनीतिक समीकरण ने मतदाताओं को भी असमंजस में डाल दिया है।











