पुष्कर घाटी में फिर हादसा: सुरक्षा दीवार तोड़कर खाई में गिरा बजरी से भरा डंपर, बड़ा हादसा टला

राजस्थान के पुष्कर घाटी मार्ग पर बजरी से भरा डंपर सुरक्षा दीवार तोड़कर खाई मे गिरा। चालक घायल हुआ, जबकि स्थानीय लोगों ने भारी वाहनों पर सख्त नियंत्रण की मांग की

राजस्थान के पुष्कर घाटी मार्ग पर बजरी से भरा एक डंपर नियंत्रण खोने के बाद सुरक्षा दीवार तोड़कर खाई में गिर गया। चालक को मामूली चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्त निगरानी की मांग की है।

अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित पुष्कर घाटी मार्ग पर मंगलवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। बजरी से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए घाटी में जा गिरा। राहत की बात यह रही कि घटना के समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही बेहद कम थी, जिससे किसी अन्य वाहन या राहगीर को नुकसान नहीं पहुंचा।

यह हादसा नौसर गांव और नोसर माता मंदिर के बीच हुआ। जानकारी के अनुसार डंपर पुष्कर से अजमेर की ओर जा रहा था। रात करीब 2:30 बजे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद डंपर सुरक्षा दीवार तोड़ते हुए नीचे घाटी में जा गिरा।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलने के बाद हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि हादसे में चालक को मामूली चोटें आई हैं। डंपर बजरी से भरा हुआ था। मामले की जांच के लिए खनन विभाग को भी सूचना दी गई है। विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा दीवार तोड़कर नीचे जा गिरा वाहन

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर की रफ्तार काफी तेज थी। नियंत्रण बिगड़ने के बाद वाहन सीधे सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार से टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दीवार का हिस्सा टूट गया और डंपर नीचे घाटी में जा गिरा।

घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय सड़क पर अधिक यातायात होता तो हादसा कहीं अधिक गंभीर हो सकता था।

भारी वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल

हादसे के बाद एक बार फिर पुष्कर घाटी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि घाटी मार्ग घुमावदार और ढलान वाला है, जहां भारी वाहनों के कारण लगातार खतरा बना रहता है।

लोगों का कहना है कि बजरी और निर्माण सामग्री से भरे डंपर अक्सर तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। उनका मानना है कि प्रशासन को इस मार्ग पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करनी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और पुलिस से घाटी क्षेत्र में सख्त निगरानी की मांग की है। उनका कहना है कि रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार हो रहे हादसों के बावजूद पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने घाटी मार्ग पर गति सीमा का कड़ाई से पालन करवाने और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है।

पहले भी हो चुके हैं कई हादसे

पुष्कर घाटी मार्ग पर इससे पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। घुमावदार मोड़ और तीखी ढलान के कारण यह मार्ग पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वाहनों के लिए इस मार्ग पर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

मंगलवार रात का हादसा भले ही बड़े नुकसान में नहीं बदला, लेकिन इसने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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