राजस्थान में क्रिकेट राजनीति का अखाड़ा बना, आरसीए चुनाव में देरी पर अमीन पठान का सरकार पर हमला

अमीन पठान ने आरोप लगाया कि राजस्थान में आरसीए चुनाव नहीं हो रहे और क्रिकेट राजनीति का अखाड़ा बन गया है। उन्होंने सरकार पर खेलों की अनदेखी का आरोप लगाया।

अमीन पठान ने राजस्थान सरकार पर आरसीए चुनाव नहीं कराने और खेलों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट राजनीति का अखाड़ा बन गया है और खिलाड़ियों को नुकसान हो रहा है। सरकार पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

जोधपुर: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री अमीन पठान ने जोधपुर दौरे के दौरान राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में खेल व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है और राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) का चुनाव लंबे समय से लंबित है।

उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है और खेलों के विकास की बजाय राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है।

आरसीए चुनाव में देरी पर उठे सवाल

अमीन पठान ने कहा कि राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव पिछले ढाई साल से नहीं हो पाए हैं, जिससे पूरे क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ा है। उनके अनुसार, इस देरी के कारण एडहॉक कमेटी के माध्यम से ही संगठन का संचालन किया जा रहा है, जो स्थायी समाधान नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव न होने के कारण राज्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की मेजबानी भी प्रभावित हुई है। जयपुर जैसे शहर, जहां पहले नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय मैच होते थे, अब इस अवसर से वंचित हो रहे हैं।

मंत्रियों के बेटों पर दावेदारी का आरोप

पठान ने आरोप लगाया कि कई जिलों के क्रिकेट संगठनों में 8-9 मंत्रियों के बेटे सक्रिय रूप से दावेदारी कर रहे हैं। उनके अनुसार, इसी राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण आरसीए चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि खेल संस्थाओं में बढ़ता राजनीतिक प्रभाव खिलाड़ियों के हितों के खिलाफ है और इससे निष्पक्ष चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।

खेलों के राजनीतिकरण पर चिंता

अमीन पठान ने कहा कि राजस्थान में क्रिकेट और अन्य खेल अब धीरे-धीरे राजनीतिक अखाड़ा बनते जा रहे हैं। उनका कहना था कि इसका सीधा नुकसान खिलाड़ियों को हो रहा है, जो अपने प्रदर्शन के बावजूद अवसरों से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि खेल कोटे से नौकरियों में चयन प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है और खिलाड़ियों के साथ भेदभाव की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

पिछली सरकार की योजनाओं का उल्लेख

पठान ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान ग्रामीण ओलंपिक जैसे कार्यक्रमों ने खेलों को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम किया था। उनके अनुसार, उस समय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई ग्राउंड और स्टेडियम परियोजनाएं शुरू की गई थीं।

लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इन परियोजनाओं की गति धीमी पड़ गई है और कई योजनाएं ठंडे बस्ते में चली गई हैं।

निकाय और पंचायत चुनाव पर भी सवाल

अमीन पठान ने राज्य सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि निकाय और पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव हार के डर से प्रक्रिया को टाल रही है।

उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों का समय पर होना बेहद जरूरी है और देरी से जनता का भरोसा कमजोर होता है।

कोर्ट के निर्देशों के बावजूद चुनाव न होने का दावा

पठान ने दावा किया कि अदालत की ओर से बार-बार चुनाव कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं, इसके बावजूद सरकार चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने वाली स्थिति बताया।

हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

महंगाई और जनता पर दबाव का मुद्दा

मीडिया बातचीत के दौरान अमीन पठान ने महंगाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की “डबल इंजन सरकार” जनता को राहत देने में असफल रही है।

उन्होंने दावा किया कि हाल ही में रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है। उनके अनुसार, बेरोजगारी और महंगाई दोनों मिलकर लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं।

खेल प्रशासन और भविष्य की चुनौतियां

राजस्थान में खेल प्रशासन को लेकर लंबे समय से विवाद और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खेल संस्थाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ता रहा तो इसका सीधा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन और राज्य की खेल पहचान पर पड़ेगा।

आरसीए जैसे संगठन में चुनाव न होने से न केवल प्रशासनिक स्थिरता प्रभावित होती है, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर भी सीमित हो जाते हैं।

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