चुनाव आयोग ने मंगलवार को राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी। इन सीटों पर चुनाव के बाद अगर आखिरी समय में कोई अप्रत्याशित राजनीतिक गठबंधन नहीं होता है, तो बहुजन समाज पार्टी (BSP) 1989 के बाद पहली बार संसद में बिना किसी प्रतिनिधित्व के रह सकती है।
Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गतिविधियों पर नजरें टिक गई हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इन 12 सीटों में उत्तर प्रदेश की 10, उत्तराखंड की एक और पश्चिम बंगाल की एक सीट शामिल है। मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होगा, जबकि मतगणना भी इसी दिन कराई जाएगी।
इन चुनावों का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिल सकता है, जहां 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच सीटों का गणित महत्वपूर्ण रहेगा। इसी चुनाव के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) के सामने राज्यसभा में अपना एकमात्र प्रतिनिधित्व बनाए रखने की चुनौती है।
16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक राज्यसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी की जानी है।
उत्तर प्रदेश की 10 सीटों में से नौ सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। वहीं एक सीट पहले ही खाली हो चुकी है। यह सीट पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई, जिन्हें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
BSP के सामने राज्यसभा से बाहर होने का खतरा

उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में BSP के सामने राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व बरकरार रखने की चुनौती है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर यदि कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव या अप्रत्याशित गठबंधन नहीं होता है, तो BSP के पास अपनी सीट दोबारा हासिल करने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं मानी जा रही है।
इसका परिणाम यह हो सकता है कि BSP का संसद के उच्च सदन में कोई सदस्य न रहे। यह स्थिति पार्टी के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्यसभा में उसका मौजूदा प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से रामजी गौतम की सीट तक सीमित है।
UP में BJP और SP का सीट गणित
उत्तर प्रदेश की जिन 10 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें वर्तमान में आठ सीटें BJP के पास हैं, जबकि एक-एक सीट SP और BSP के पास है। मौजूदा विधानसभा के संख्याबल के आधार पर BJP नेतृत्व वाला गठबंधन करीब आठ सीटें और SP दो सीटें हासिल करने की स्थिति में बताया जा रहा है। हालांकि अंतिम परिणाम उम्मीदवारों, नामांकन और मतदान के समय बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेंगे।
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की रणनीति और विधानसभा में उनका मौजूदा संख्याबल दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की सीट भी अहम
उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए भी 16 अक्टूबर को चुनाव होगा। मौजूदा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल में एक सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। यह सीट रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। इस सीट पर चुने जाने वाला सदस्य मौजूदा कार्यकाल की शेष अवधि पूरी करेगा।











