LIVE: राम मंदिर चढ़ावे की गिनती में 3 बड़े बदलाव, चंपत राय अब फैसले नहीं ले रहे; PMO को भेजी गई रिपोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच गिनती प्रक्रिया में 3 बड़े बदलाव किए गए हैं। SIT की रिपोर्ट PMO को भेजे जाने की खबर है, जांच जारी है।
LIVE: राम मंदिर चढ़ावे की गिनती में 3 बड़े बदलाव, चंपत राय अब फैसले नहीं ले रहे; PMO को भेजी गई रिपोर्ट
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अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच चढ़ावे की गिनती और निगरानी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब दान पेटियों को खोलने, नकदी की गिनती और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त बनाया गया है।

चढ़ावे की गिनती में ये 3 बड़े बदलाव

1. गिनती प्रक्रिया की निगरानी बढ़ाई गई
दान पेटियों को खोलने और नकदी गिनने के दौरान अब अधिक स्तर की निगरानी रखी जा रही है। चढ़ावे की गिनती में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं।

2. CCTV और सुरक्षा व्यवस्था सख्त
SIT की जांच के दौरान कथित तौर पर CCTV फुटेज से छेड़छाड़ के संकेत मिलने के बाद निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सुरक्षा कर्मियों और सर्विलांस सिस्टम की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।

3. बैंक जमा और ऑडिट प्रक्रिया पर फोकस
दान राशि की बैंक में जमा प्रक्रिया और रिकॉर्ड रखने के तरीके की दोबारा जांच की जा रही है। ट्रस्ट, बैंक और गिनती में शामिल एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है।

इस बीच, कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय फिलहाल कई प्रशासनिक फैसलों में सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे हैं। हालांकि, ट्रस्ट या सरकार की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि जांच से जुड़ी रिपोर्ट केंद्र सरकार और PMO तक पहुंचाई गई है। लेकिन रिपोर्ट की सामग्री और उस पर आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT गठित की थी। टीम अब तक ट्रस्ट के सदस्यों, बैंक कर्मचारियों और दान राशि की गिनती से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

SIT ने ट्रस्ट से जुड़े कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश भी दिए हैं। जांच के दौरान दान पेटियों की सुरक्षा, नकदी की गिनती, बैंक में जमा प्रक्रिया और निगरानी तंत्र की विस्तार से पड़ताल की जा रही है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि चढ़ावे की कथित चोरी, चंपत राय की भूमिका या PMO को भेजी गई रिपोर्ट से जुड़े कई दावे अभी जांच के दायरे में हैं। किसी भी व्यक्ति या ट्रस्ट पदाधिकारी के खिलाफ अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष या न्यायिक फैसला सामने नहीं आया है।

 
 

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