राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR की मांग को लेकर कोर्ट पहुंची बार एसोसिएशन, 26 सितंबर तक मांगी रिपोर्ट

अयोध्या रामजन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले में FIR की मांग को लेकर बार एसोसिएशन कोर्ट पहुंची। CJM ने पुलिस से 26 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी है।

अयोध्या में रामजन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बार एसोसिएशन ने FIR दर्ज कराने की मांग के साथ न्यायालय का रुख किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस से 26 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी है।

अयोध्या: रामजन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की ओर से FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर बार एसोसिएशन ने न्यायालय का रुख किया है। बार एसोसिएशन के महामंत्री की अर्जी में चंपतराय, अनिल मिश्र, गोपाल राव, कृष्णमोहन और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष त्रिपाठी ने पुलिस से 26 सितंबर तक आख्या मांगी है।

FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कोर्ट पहुंची बार एसोसिएशन

अयोध्या में रामजन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बार एसोसिएशन ने पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर न्यायालय का रुख किया है। बार एसोसिएशन के महामंत्री की ओर से दाखिल अर्जी में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपतराय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्र, गोपाल राव, कृष्णमोहन और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष त्रिपाठी ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए पुलिस से 26 सितंबर तक आख्या तलब की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब मामले को लेकर अयोध्या में बार एसोसिएशन की ओर से कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जा रही है।

जुलाई में दी गई थी पुलिस को तहरीर

बार एसोसिएशन की ओर से इससे पहले 2 जुलाई को रामजन्मभूमि थाने में चंपतराय, अनिल मिश्र, गोपाल राव और कृष्णमोहन के खिलाफ तहरीर दी गई थी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर लेने के बाद भी उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की और न ही उन्हें विवेचना में शामिल किया।

इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ताओं ने सड़क पर प्रदर्शन और जाम का भी सहारा लिया था। बाद में पुलिस कार्रवाई को लेकर असंतोष बना रहा। जुलाई में पुलिस से कार्रवाई नहीं होने के बाद बार एसोसिएशन की ओर से अदालत का रुख करने की बात सामने आई थी।

17 सितंबर को अधिवक्ताओं के बयान दर्ज

मामले में जांच से जुड़े घटनाक्रम के तहत 17 सितंबर को अधिवक्ताओं के बयान भी दर्ज किए गए। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, नौ अधिवक्ताओं ने विवेचनाधिकारी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए और SSP को शपथपत्र भी सौंपा था।

बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं का आरोप है कि मामले में पुलिस की कार्रवाई धीमी रही है। उनका कहना है कि FIR दर्ज कराने के लिए पहले पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

मामले में पहले से चल रही है जांच

राम मंदिर चढ़ावा मामले में अलग स्तर पर जांच भी चल रही है। जून 2026 में रामजन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने इसके बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस FIR में चंपतराय और अनिल मिश्र के नाम शामिल नहीं थे।

बाद में चंपतराय और अनिल मिश्र से पुलिस ने मामले में पूछताछ भी की थी।

वहीं, अगस्त में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपतराय का नाम नहीं होने की बात सामने आई थी, जबकि अनिल मिश्र की भूमिका को लेकर जांच में सवाल बने रहने की जानकारी दी गई थी।

इस बीच, बार एसोसिएशन की नई अर्जी पर अब अदालत की ओर से पुलिस से 26 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। आगे की कार्रवाई पुलिस की रिपोर्ट और अदालत के निर्देशों पर निर्भर करेगी।

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