रांची में 16 जुलाई को निकलेगी जगन्नाथ रथयात्रा, 29 जून से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान

रांची के धुर्वा जगन्नाथ मंदिर में 29 जून से धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे। 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा और इसके साथ 10 दिवसीय पारंपरिक मेले का आयोजन होगा।

रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर में 29 जून से रथयात्रा से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे। 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकलेगी, जबकि इसके साथ दस दिवसीय मेले का भी आयोजन किया जाएगा।

रांची: रांची में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में 29 जून को स्नान यात्रा से धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इसके बाद नेत्रदान, रथयात्रा और दस दिवसीय मेले सहित कई पारंपरिक आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न होंगे।

स्नान यात्रा से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान

रांची के धुर्वा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में 29 जून को देव स्नान यात्रा आयोजित की जाएगी। परंपरा के अनुसार स्नान यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा एक पक्ष तक एकांतवास में रहेंगे। इस अवधि को अनसर काल माना जाता है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए नियमित दर्शन बंद रहते हैं।

रांची में 16 जुलाई को निकलेगी जगन्नाथ रथयात्रा, 29 जून से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान

इसके बाद 15 जुलाई को नेत्रदान की रस्म संपन्न होगी। मान्यता है कि इस अनुष्ठान के बाद भगवान पुनः दर्शन देते हैं। अगले दिन यानी 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

दस दिनों तक सजेगा मेला

रथयात्रा के साथ ही धुर्वा में दस दिवसीय पारंपरिक मेले की शुरुआत होगी। इस मेले में झारखंड के विभिन्न जिलों जैसे रांची, देवघर और दुमका के अलावा पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में व्यापारी और दुकानदार पहुंचते हैं।

मेले में पारंपरिक मिठाइयों, हस्तशिल्प, कृषि उपकरण, घरेलू सामान, तीर-धनुष, मांदर-ढोलक और बच्चों के झूलों सहित कई आकर्षण मौजूद रहेंगे। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस आयोजन में शामिल होते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन जाता है।

मेले के टेंडर पर रहेगी नजर

इस वर्ष मेले के संचालन के लिए टेंडर की बेस प्राइस 1.05 करोड़ रुपये तय की गई है। 29 जून को ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। पिछले कुछ वर्षों में टेंडर राशि में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

वर्ष 2023 में मेले का टेंडर 75 लाख रुपये में हुआ था, जबकि 2024 में यह बढ़कर 1.92 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं 2025 में ठेकेदारों के बीच कम प्रतिस्पर्धा रहने के कारण टेंडर 51 लाख रुपये में आवंटित हुआ। इस बार प्रशासन और आयोजन समिति की नजर इस बात पर रहेगी कि मेले का ठेका किस राशि पर अंतिम रूप लेता है।

धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर वर्ष 1691 में स्थापित माना जाता है और वर्तमान मंदिर का पुनर्निर्माण 1991 में किया गया था। पुरी की परंपरा के अनुरूप यहां हर वर्ष रथयात्रा का आयोजन होता है, जो झारखंड के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है।

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