लखनऊ विश्वविद्यालय ने रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के लिए संबद्ध कॉलेजों से शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं की जानकारी मांगी है। स्पष्ट पात्रता और चयन मानक नहीं मिलने से कॉलेज प्राचार्य प्रक्रिया को लेकर असमंजस में हैं।
लखनऊ: रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के तहत छात्राओं के चयन की प्रक्रिया को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। विश्वविद्यालय ने स्नातक पाठ्यक्रमों की शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं का विवरण मांगा है, लेकिन चयन वर्ष, आय सीमा और पात्रता समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। कॉलेजों ने इस संबंध में विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
लवि ने कॉलेजों से मांगी शीर्ष छात्राओं की जानकारी
राज्य सरकार की रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक स्तर की छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय ने लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली और लखीमपुर खीरी के संबद्ध कॉलेजों से छात्राओं की जानकारी मांगी है।
विश्वविद्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्नातक स्तर के प्रवेश पाठ्यक्रमों में शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ छात्राओं की ABC ID, आधार संख्या, वार्षिक आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है।
हालांकि, कॉलेजों का कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन वर्षों में पढ़ने वाली छात्राओं को योजना में शामिल किया जाना है। चयन का आधार और पात्रता की पूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
गाइडलाइन स्पष्ट नहीं, प्राचार्यों ने उठाए सवाल
योजना को लेकर कॉलेजों की सबसे बड़ी चिंता चयन प्रक्रिया को लेकर है। खुन खुन जी गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अंशु केडिया ने विश्वविद्यालय की कुलसचिव को पत्र लिखकर कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है।
कॉलेज की ओर से पूछा गया है कि स्नातक की किस कक्षा या किस वर्ष की छात्राओं को सूची में शामिल किया जाना है। इसके अलावा योजना में आय सीमा क्या रखी गई है और क्या बीएड की छात्राएं भी इसके दायरे में आएंगी, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
प्राचार्य के अनुसार, कुछ छात्राओं की मार्कशीट भी अभी कॉलेजों को उपलब्ध नहीं हुई हैं। ऐसे में कम समय में मांगी गई सभी जानकारियां जुटाना भी चुनौती बन रहा है।
Google Form का लिंक भी नहीं खुल रहा
कॉलेजों को छात्राओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक Google Form का लिंक भी दिया गया है। लेकिन कई कॉलेजों ने शिकायत की है कि यह लिंक काम नहीं कर रहा है। इससे ऑनलाइन जानकारी भेजने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
नवयुग कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने भी विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर इन समस्याओं की जानकारी दी है। उनका कहना है कि स्पष्ट गाइडलाइन के बिना छात्राओं का चयन करना मुश्किल है।
कॉलेजों का कहना है कि आधार, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जुटाने में भी समय लगेगा। ऐसे में विश्वविद्यालय को पात्रता, चयन मानक, संबंधित शैक्षणिक वर्ष और दस्तावेजों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी करने की जरूरत है, ताकि योजना की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सके।










