RCOM पर फिर सरकारी कार्रवाई, SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा को बैंक गारंटी भुनाने का निर्देश; जानें पूरा मामला

RCOM पर DoT की एक और कार्रवाई हुई है। SBI से ₹5.55 करोड़ और Bank of Baroda से ₹16.25 लाख की बैंक गारंटी आंशिक रूप से भुनाने के निर्देश दिए गए हैं। जानें मामला।

दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) ने स्पेक्ट्रम लाइसेंस से जुड़े मामले में नया अपडेट साझा किया है।

Reliance Communications: अनिल अंबानी की दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही Reliance Communications (RCOM) को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने कंपनी और उसकी सहायक इकाई Reliance Telecom Ltd (RTL) से जुड़े बकाया लाइसेंस शुल्क की वसूली के लिए बैंक गारंटी भुनाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

इस कार्रवाई में State Bank of India (SBI) और Bank of Baroda (BoB) का नाम सामने आया है। दूरसंचार विभाग ने दोनों बैंकों को अलग-अलग बैंक गारंटी से निर्धारित राशि निकालने के निर्देश दिए हैं। यह कदम वित्त वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के बकाया लाइसेंस शुल्क के भुगतान में डिफॉल्ट के बाद उठाया गया है।

RCOM को मिली DoT की नई सूचना

कंपनी ने अपने हालिया अपडेट में बताया कि उसे दूरसंचार विभाग की ओर से बैंक गारंटी को आंशिक रूप से भुनाने से संबंधित सूचना मिली है। ये गारंटियां RCOM और उसकी सहायक कंपनी RTL की ओर से संबंधित बैंकों को दी गई थीं। यह घटनाक्रम उस नोटिस के बाद सामने आया है, जिसमें दूरसंचार विभाग ने स्पेक्ट्रम और लाइसेंस से जुड़े बकाये के भुगतान में चूक को लेकर बैंक गारंटी के इस्तेमाल की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी थी। नई सूचना में विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित बैंकों को बैंक गारंटी का भुगतान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

SBI और Bank of Baroda से कितनी राशि मांगी गई?

दूरसंचार विभाग ने 17 अगस्त 2026 को SBI और Bank of Baroda को पत्र भेजकर बैंक गारंटी भुनाने के निर्देश दिए। SBI को RCOM की ओर से दी गई बैंक गारंटी में से ₹5,55,42,271 की राशि भुनाने का निर्देश दिया गया है। Bank of Baroda को Reliance Telecom Ltd की बैंक गारंटी से ₹16,25,000 भुनाने को कहा गया है।

दोनों बैंकों को यह प्रक्रिया दो कार्य दिवसों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इस तरह दोनों बैंक गारंटियों से मांगी गई कुल राशि करीब ₹5.72 करोड़ बैठती है।

DoT की यह कार्रवाई RCOM और RTL द्वारा संबंधित वित्त वर्षों के लाइसेंस शुल्क का भुगतान नहीं किए जाने से जुड़ी है। दूरसंचार क्षेत्र में कंपनियों को अपने लाइसेंस और अन्य नियामकीय दायित्वों के तहत निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होता है। भुगतान में डिफॉल्ट की स्थिति में सरकार के पास बैंक गारंटी के जरिए बकाया राशि की वसूली का विकल्प मौजूद होता है। इसी प्रक्रिया के तहत अब SBI और Bank of Baroda को निर्देश भेजे गए हैं।

दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है RCOM

Reliance Communications पहले से ही वित्तीय संकट के कारण insolvency resolution process से गुजर रही है। कंपनी पर लंबे समय से भारी कर्ज और विभिन्न वित्तीय दायित्वों का दबाव रहा है। ऐसे में बैंक गारंटी भुनाने का नया आदेश कंपनी की वित्तीय स्थिति के लिए एक और चुनौती माना जा रहा है। हालांकि, बैंक गारंटी से संबंधित यह कार्रवाई बकाया सरकारी देनदारी की वसूली से जुड़ी है और इसका प्रभाव कंपनी की चल रही दिवालिया प्रक्रिया के व्यापक ढांचे के तहत देखा जाएगा।

कंपनी के शेयर में भी निवेशकों की दिलचस्पी और जोखिम दोनों जुड़े हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मार्च 2026 तक RCOM में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 0.78% थी। वहीं पब्लिक शेयरहोल्डिंग करीब 93.97% बताई गई है। इसके अलावा DII की हिस्सेदारी 4.38% और FII की हिस्सेदारी 0.07% थी।RCOM का शेयर लंबे समय से बेहद निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है और इसमें काफी अधिक जोखिम एवं उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए कंपनी की दिवालिया प्रक्रिया, सरकारी दावों और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।

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