रेवाड़ी में 40 वर्षीय जितेंद्र की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रवीण को पत्नी से जितेंद्र के कथित संबंध का शक था। बीयर पार्टी के बहाने बुलाकर सुनसान जगह पर रॉड से हमला किया गया
रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी में 40 वर्षीय जितेंद्र की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, गांव कमालपुर निवासी प्रवीण उर्फ पपला को शक था कि जितेंद्र का उसकी पत्नी से अवैध संबंध है। इसी रंजिश में उसने अपने भतीजे अमन कुमार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
HPCL रिफाइनरी के पास मिला था शव
पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर को HPCL रिफाइनरी के पास एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद मॉडल टाउन थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की।
मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए सीन ऑफ क्राइम टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाया। मृतक के सिर पर किसी भारी वस्तु से गंभीर चोट के निशान थे और काफी खून बहा हुआ था।
पुलिस को मृतक की पैंट की जेब से एक आईफोन भी मिला। बाद में शव की पहचान गांव कमालपुर निवासी 40 वर्षीय जितेंद्र के रूप में हुई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
चाचा के बयान पर दर्ज हुआ था हत्या का केस
जितेंद्र के चाचा उत्तम सिंह ने पुलिस को दिए बयान में गांव के ही प्रवीण उर्फ पपला और उसके एक अन्य साथी पर संदेह जताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जितेंद्र के सिर पर चोट मारकर उसकी हत्या की गई है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना को आधार बनाकर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया।
सीआईए रेवाड़ी और मॉडल टाउन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में प्रवीण उर्फ पपला और अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया।
पत्नी से संबंध का था शक
ASP दीपिका अग्रवाल के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रवीण उर्फ पपला ने हत्या की वजह और वारदात की पूरी योजना के बारे में जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, प्रवीण को संदेह था कि जितेंद्र के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं। इसी शक और कथित रंजिश के चलते उसने जितेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस का कहना है कि प्रवीण ने वारदात वाले दिन जितेंद्र को बीयर पार्टी के बहाने गांव कमालपुर स्थित शराब के ठेके पर बुलाया। दोनों वहां से बीयर लेकर नहर की पुलिया पर बैठ गए और शराब पी।
इसके बाद प्रवीण ने जितेंद्र के साथ अपने भतीजे अमन कुमार को मिंडा कंपनी से लेने जाने की बात कही। दोनों अमन को साथ लेकर आगे निकले।
सुनसान रास्ते पर ले जाकर हमला करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, अमन को साथ लेने के बाद तीनों एक गाड़ी में सवार होकर रिफाइनरी के पास गांव के एक सुनसान रास्ते पर पहुंचे। वहां भी तीनों ने बीयर पी।
इसी दौरान जितेंद्र शौच के लिए गाड़ी से नीचे उतरा। पुलिस पूछताछ में प्रवीण ने कथित तौर पर बताया कि इसी मौके का फायदा उठाकर उसने गाड़ी में रखी लोहे की भारी रॉड से जितेंद्र के सिर पर पीछे से हमला किया।
हमला इतना गंभीर था कि जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान अमन कुमार आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रहा था। आरोप है कि हत्या के बाद दोनों आरोपी गाड़ी लेकर वहां से फरार हो गए।
पुलिस अब आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान और अन्य साक्ष्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
ASP दीपिका अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच के दौरान सीआईए रेवाड़ी और मॉडल टाउन थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ गुप्त सूचना का इस्तेमाल किया।
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को खंगाला। इसके बाद प्रवीण उर्फ पपला और अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में प्रवीण द्वारा कथित तौर पर हत्या की योजना, जितेंद्र को बुलाने और वारदात को अंजाम देने की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, पुलिस पूछताछ में सामने आए आरोपों को अदालत में दोष सिद्ध होने तक अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। मामले में आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही जारी रहेगी।
तीन दिन की पुलिस रिमांड पर दोनों आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
रिमांड के दौरान पुलिस वारदात में इस्तेमाल गाड़ी, लोहे की रॉड और अन्य संभावित साक्ष्य बरामद करने का प्रयास करेगी। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि हत्या की साजिश कब और कैसे तैयार की गई तथा इसमें दोनों आरोपियों की क्या-क्या भूमिका थी।
मामले में पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे भौतिक और तकनीकी साक्ष्य आगे की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
परिवार की शिकायत से जांच को मिला शुरुआती आधार
जितेंद्र का शव मिलने के बाद उनके परिवार की ओर से हत्या की आशंका जताई गई थी। चाचा उत्तम सिंह ने प्रवीण और उसके एक साथी पर संदेह व्यक्त किया था। इसी आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
बाद में पुलिस की जांच में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान प्रवीण ने हत्या की वजह के तौर पर जितेंद्र और अपनी पत्नी के बीच कथित संबंध का शक बताया। फिलहाल पुलिस इस मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
रेवाड़ी में लगातार ब्लाइंड मर्डर की गुत्थियां सुलझाने का दावा
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब रेवाड़ी पुलिस ने इससे दो दिन पहले एक अन्य युवक की हत्या के मामले को भी सुलझाने का दावा किया था। पुलिस ने उस मामले में भी आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी।
जितेंद्र हत्याकांड में पुलिस की जांच अब बरामदगी और अन्य साक्ष्यों पर केंद्रित है। तीन दिन की रिमांड के दौरान पुलिस यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि हत्या से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकें।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने हत्या के मामले में प्रवीण उर्फ पपला और अमन कुमार को गिरफ्तार किया है। हत्या के पीछे पत्नी से कथित अवैध संबंध का शक मुख्य वजह बताए जाने की बात पुलिस पूछताछ में सामने आई है। मामले की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।











