जर्मन रक्षा कंपनी राइनमेटल के प्रमुख आर्मिन पैपरगर ने कथित रूसी धमकियों के बावजूद पीछे हटने से इनकार किया है। यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर रही कंपनी के प्रमुख को चौबीसों घंटे सुरक्षा मिल रही है।
बर्लिन: जर्मनी की प्रमुख रक्षा कंपनी राइनमेटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर्मिन पैपरगर ने अपनी सुरक्षा को लेकर सामने आई धमकियों के बावजूद पद से पीछे हटने से इनकार किया है। पैपरगर ने कहा कि रक्षा उद्योग में काम करने वालों को दबाव का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए और डरकर पीछे हटना उनके लिए विकल्प नहीं है। 63 वर्षीय पैपरगर को सुरक्षा एजेंसियों की ओर से लगातार सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें कथित रूसी हत्या की साजिशों से जुड़े खतरे के कारण चौबीसों घंटे सुरक्षा मिली हुई है। यहां तक कि राइनमेटल के डसेलडोर्फ मुख्यालय में भी उनके साथ सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते हैं। उनकी सुरक्षा व्यवस्था जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के स्तर की सुरक्षा के समान बताई गई है।
धमकियों के बावजूद पीछे हटने को तैयार नहीं
पैपरगर ने रविवार को कहा कि उनके काम में दबाव से घबराना या पीछे हटना स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना है कि जिन जिम्मेदारियों को पूरा करना जरूरी है, उन्हें करना ही होगा। उन्होंने संकेत दिया कि जो व्यक्ति इस स्तर के दबाव को नहीं संभाल सकता, उसके लिए इस तरह की भूमिका उपयुक्त नहीं है। उन्होंने अपनी सुरक्षा से जुड़े कुछ घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। पैपरगर के अनुसार, उनके घर के बगीचे में मौजूद एक शेड में आग लगाई गई थी और उनके घर के बाहर प्रदर्शन भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन घटनाओं को खतरे के रूप में देखा जाए तो शायद उन्हें खुद भी खतरा महसूस करना चाहिए।
हालांकि, पैपरगर का कहना है कि जर्मन सरकार उनकी सुरक्षा के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने माना कि अगर वह किसी दूसरे क्षेत्र में काम कर रहे होते तो उनकी सुरक्षा को लेकर जोखिम निश्चित रूप से कम होता।
यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर रही राइनमेटल
राइनमेटल यूक्रेन को बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने वाली प्रमुख जर्मन रक्षा कंपनियों में शामिल है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान कंपनी की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हुई है। राइनमेटल यूक्रेन में उत्पादन सुविधाएं स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है।
यूक्रेन के लिए हथियारों की आपूर्ति और वहां उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजनाओं ने कंपनी को यूरोप की रक्षा नीति से जुड़े प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल कर दिया है। इसी वजह से कंपनी के शीर्ष अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं।
जर्मनी की खुफिया एजेंसियों ने जारी की चेतावनी
जर्मनी की घरेलू खुफिया सेवाओं ने हाल में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूसी सरकारी एजेंसियों की ओर से जासूसी और तोड़फोड़ की गतिविधियों का खतरा बढ़ सकता है। सुरक्षा सलाह में यह भी कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध की दिशा और परिस्थितियों के आधार पर रक्षा कंपनियों के कर्मचारियों को निशाना बनाने वाले हमलों की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए जोखिम अधिक हो सकता है।
इस चेतावनी के बाद राइनमेटल जैसी कंपनियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा और तेज हुई है। पैपरगर की सुरक्षा पहले से ही काफी कड़ी है, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया है कि खतरे के कारण वह अपने काम से पीछे हटने के बारे में नहीं सोच रहे हैं।
2013 से राइनमेटल की कमान संभाल रहे हैं पैपरगर
आर्मिन पैपरगर 2013 से राइनमेटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1990 में कंपनी के साथ अपना करियर शुरू किया था। लगभग तीन दशकों से अधिक समय के दौरान उन्होंने कंपनी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और धीरे-धीरे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। पैपरगर के नेतृत्व में राइनमेटल ने यूरोप के रक्षा क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की है। यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय देशों द्वारा रक्षा खर्च बढ़ाने की योजनाओं के बीच कंपनी की गतिविधियों और उत्पादन क्षमता पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रही है।
पैपरगर ने संकेत दिया है कि वह अभी कंपनी छोड़ने के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उनके मुताबिक, उनका मौजूदा अनुबंध लगभग साढ़े तीन साल और चलना है। इसलिए फिलहाल उनके पास कंपनी के नेतृत्व में काम जारी रखने के लिए पर्याप्त समय है।
‘अभी खुद को युवा और स्वस्थ महसूस करता हूं’
राइनमेटल प्रमुख ने अपने भविष्य को लेकर भी सकारात्मक रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह खुद को युवा और स्वस्थ महसूस करते हैं तथा युवा कर्मचारियों के साथ काम करने का आनंद ले रहे हैं। उनके बयान से साफ है कि मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद वह अपने पद पर बने रहने को लेकर आश्वस्त हैं।
पैपरगर ने यह भी बताया कि रिटायरमेंट के बाद भी वह पूरी तरह आराम करने की योजना नहीं बना रहे हैं। उनके मुताबिक, राइनमेटल उनके लिए दूसरे परिवार की तरह है, लेकिन उनकी कुछ अन्य कंपनियां भी हैं, जो उन्हें व्यस्त रख सकती हैं। उन्होंने अपने परिवार और पोते-पोतियों के साथ अधिक समय बिताने की संभावना का भी जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल रिटायरमेंट अभी दूर है और उनका ध्यान अपने वर्तमान काम पर ही है।
रक्षा कंपनी के प्रमुख के लिए तीन गुण जरूरी
पैपरगर के अनुसार, किसी रक्षा कंपनी के प्रमुख के पास तीन प्रमुख गुण होने चाहिए। इनमें तकनीकी समझ, राजनीति के साथ संवाद करने की क्षमता और रणनीतिक सोच शामिल है। उन्होंने कहा कि रक्षा उद्योग में राजनीतिक क्षेत्र के साथ करीबी संपर्क रखना स्वाभाविक है। रक्षा कंपनियों के लिए सरकारें महत्वपूर्ण ग्राहक होती हैं। इसलिए पैपरगर का मानना है कि कंपनी के नेतृत्व को राजनीतिक व्यवस्था और सरकारों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने चाहिए। रक्षा क्षेत्र में बड़े अनुबंध और सैन्य खरीद सीधे तौर पर सरकारी फैसलों से जुड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि राइनमेटल सामान्य कारोबारी कंपनी की तरह काम नहीं करती। आम उपभोक्ता कंपनियों के मुकाबले उसके ग्राहकों की संख्या बेहद सीमित है। कंपनी सीधे तौर पर विभिन्न देशों की सरकारों के साथ काम करती है।
राइनमेटल का कारोबार आम कंपनियों से अलग
पैपरगर ने रक्षा उद्योग के कारोबारी मॉडल को समझाते हुए कहा कि अगर वह कार बेच रहे होते तो उनके करोड़ों ग्राहक हो सकते थे, लेकिन रक्षा क्षेत्र में स्थिति बिल्कुल अलग है। राइनमेटल के वैश्विक स्तर पर करीब 120 ग्राहक हैं और ये मुख्य रूप से अलग-अलग देशों की सरकारें हैं। इस वजह से रक्षा कंपनियों के प्रमुखों को कारोबारी समझ के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय राजनीति और रणनीतिक परिस्थितियों की भी गहरी जानकारी रखनी पड़ती है। यूक्रेन युद्ध और यूरोप की बदलती सुरक्षा स्थिति ने इस भूमिका को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
यूरोपीय रक्षा उद्योग में बढ़ती भूमिका
यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर बढ़ा है। कई यूरोपीय देश सैन्य उपकरणों और हथियारों के उत्पादन में निवेश बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे माहौल में राइनमेटल जैसी कंपनियों की भूमिका भी बढ़ी है। कंपनी की बढ़ती गतिविधियों के साथ सुरक्षा चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। जर्मन सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी ने रक्षा उद्योग से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित किया है।
इसके बावजूद आर्मिन पैपरगर ने स्पष्ट किया है कि वह कथित धमकियों के दबाव में अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में काम करने के लिए जिम्मेदारी, रणनीतिक सोच और दबाव झेलने की क्षमता जरूरी है।












