वेनेजुएला लौटने की मचाडो की कोशिश नाकाम, ट्रंप से मिलीं डेल्सी रोड्रिगेज; सत्ता हस्तांतरण पर बढ़ी चुनौती

वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने 24 घंटे मे 3 बार देश लौटने की कोशिश की, लेकिन सफल नही हुईं। राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने ट्रंप से मुलाकात की

वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने 24 घंटे में तीन बार देश लौटने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुईं। इसी दौरान कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की।

न्यूयॉर्क: वेनेजुएला की निर्वासित विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने देश लौटने के लिए 24 घंटे के भीतर तीन बार प्रयास किया, लेकिन वह अपनी यात्रा पूरी नहीं कर सकीं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क पहुंचीं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की।

मचाडो की वापसी की कोशिशें और रोड्रिगेज की वॉशिंगटन के साथ बढ़ती नजदीकी वेनेजुएला में चल रहे राजनीतिक संक्रमण की दो अलग दिशाओं को सामने रखती हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, मचाडो ने पनामा से अलग-अलग रास्तों के जरिए वेनेजुएला पहुंचने की कोशिश की। इनमें समुद्री मार्ग और कैरेबियाई द्वीपों के रास्ते आगे बढ़ने की योजनाएं शामिल थीं।

24 घंटे में तीन बार वापसी की कोशिश

मचाडो ने कथित तौर पर पनामा से वेनेजुएला लौटने के लिए तीन अलग-अलग प्रयास किए। प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के अनुसार, उनकी योजनाओं में नाव के जरिए यात्रा करना और कैरेबियाई द्वीप अरूबा तथा कुरासाओ तक विमान से पहुंचने के बाद समुद्र के रास्ते वेनेजुएला जाने की योजना शामिल थी।

कोलंबिया के समाचार चैनल NTN24 ने भी मंगलवार को इन प्रयासों की जानकारी दी थी।

मचाडो की बेटी आना कोरीना सोसा ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में कहा कि उनकी मां देश लौटने की सक्रिय कोशिश कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि यह प्रक्रिया आसान नहीं है और इसमें कई पक्ष शामिल हैं।

ट्रंप और रोड्रिगेज की पहली प्रमुख मुलाकात

मचाडो की वापसी की कोशिशों के बीच डेल्सी रोड्रिगेज ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में ट्रंप से मुलाकात की। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के कार्यक्रमों से इतर हुई। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने मुलाकात की पुष्टि की।

बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट भी शामिल हुए। यह मुलाकात वॉशिंगटन और कराकस के बीच बढ़ते संपर्क का अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।

रोड्रिगेज की अमेरिका यात्रा ऐसे समय हुई है जब उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रही है। न्यूयॉर्क में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और इंटर-अमेरिकन डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।

अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में बदलाव

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने रोड्रिगेज की सत्ता को मान्यता दी है, प्रतिबंधों में कुछ ढील दी है और वेनेजुएला सरकार के साथ आर्थिक संपर्क बढ़ाया है। हाल में एक बड़े तेल समझौते के जरिए दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और आगे बढ़ाया गया है।

ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान रोड्रिगेज सरकार के साथ सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कराकस में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के संदर्भ में तेल समझौते को भी जोड़ा।

स्रोत के अनुसार, ट्रंप ने इस संदर्भ में कहा कि “To the victor belong the spoils” यानी जीतने वाले को लाभ मिलता है। यह बयान वेनेजुएला में अमेरिका की भूमिका और रोड्रिगेज सरकार के साथ उसके बदलते संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया है।

मचाडो के लिए वापसी क्यों मुश्किल?

मचाडो के लिए वेनेजुएला लौटना लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। इसके बाद उनके स्थान पर उतारे गए उम्मीदवार को भी चुनाव में जीत से वंचित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

मचाडो ने विवादित चुनाव के बाद खुद को छिपा लिया था। उनका कहना था कि मादुरो सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही थी और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर था।

जून में भी उनकी वेनेजुएला वापसी की एक कोशिश सफल नहीं हो सकी थी। उनकी उड़ान को रास्ता बदलना पड़ा था। पिछले सप्ताह प्रकाशित वॉल स्ट्रीट जर्नल के एक इंटरव्यू में मचाडो ने कहा था कि वह किसी भी समय वेनेजुएला लौटने के लिए तैयार हैं और जमीन, समुद्र या हवाई मार्ग में से किसी भी विकल्प का इस्तेमाल कर सकती हैं।

क्या अमेरिका ने मचाडो को सुरक्षा आश्वासन दिया?

मचाडो की हालिया वापसी कोशिशों के बारे में यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें अमेरिकी सरकार के साथ समन्वय करके अंजाम दिया गया था या नहीं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें अमेरिका की ओर से किसी तरह की सुरक्षा गारंटी मिली थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा है कि उन्हें मचाडो के वेनेजुएला लौटने पर आपत्ति नहीं है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस बात की पुष्टि नहीं है कि उनकी हालिया यात्रा योजना को अमेरिकी सरकार का औपचारिक समर्थन प्राप्त था।

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदला समीकरण

वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो जनवरी में पकड़े गए थे और फिलहाल न्यूयॉर्क में अमेरिकी संघीय हिरासत में हैं। उन पर नार्कोटेररिज्म और ड्रग तस्करी से जुड़े आरोप हैं।

मादुरो की पूर्व उपराष्ट्रपति रोड्रिगेज के साथ अमेरिका के संबंधों में इसके बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, रोड्रिगेज को 1 अप्रैल को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की प्रतिबंध सूची से हटा दिया गया था।

रोड्रिगेज सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंचीं और 2018 में मादुरो के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने वाली पहली वेनेजुएला की नेता बनीं। उनकी यात्रा का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ वेनेजुएला के संबंधों को फिर से मजबूत करना भी बताया गया है।

रोड्रिगेज की यात्रा का विरोध

रोड्रिगेज और ट्रंप की मुलाकात को लेकर वेनेजुएला के कुछ नागरिकों ने विरोध भी किया। न्यूयॉर्क और कराकस दोनों जगह विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया गया।

विपक्ष के लिए यह सवाल महत्वपूर्ण है कि अमेरिका वेनेजुएला में लोकतांत्रिक बदलाव के अपने घोषित रुख और रोड्रिगेज सरकार के साथ बढ़ते संबंधों के बीच किस तरह संतुलन बनाता है। मचाडो की वापसी की असफल कोशिशों ने इस बहस को और जटिल बना दिया है।

मचाडो की वापसी से बढ़ सकती है राजनीतिक जटिलता

रिपोर्ट के अनुसार, मचाडो की वापसी वेनेजुएला के मौजूदा राजनीतिक संक्रमण में एक नई चुनौती जोड़ सकती है। एक ओर रोड्रिगेज की सरकार अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रही है, वहीं मचाडो विपक्षी राजनीति में एक प्रमुख चेहरा बनी हुई हैं।

मचाडो पिछले वर्ष के अंत में एक गुप्त अभियान के जरिए वेनेजुएला से बाहर निकली थीं। इसके बाद उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार लेने के लिए यात्रा की और वॉशिंगटन में ट्रंप समेत अन्य वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की। जून में वापसी की असफल कोशिश के बाद से वह मुख्य रूप से पनामा में रही हैं।

अब वेनेजुएला की राजनीति पर नजर

मचाडो की वापसी की कोशिश और रोड्रिगेज-ट्रंप मुलाकात ने वेनेजुएला के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई सवाल सामने रखे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मचाडो देश में कब और किस रास्ते से लौट पाएंगी।

दूसरी ओर, रोड्रिगेज की अमेरिकी प्रशासन के साथ बढ़ती बातचीत वेनेजुएला की अंतरराष्ट्रीय स्थिति में बदलाव का संकेत दे रही है। संयुक्त राष्ट्र, IMF, विश्व बैंक और अन्य संस्थानों के साथ कराकस की बातचीत इस बात की ओर इशारा करती है कि नई सरकार अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को फिर से व्यवस्थित करने की कोशिश कर रही है।

मचाडो की वापसी, अमेरिका की नीति और रोड्रिगेज सरकार की वैधता से जुड़े प्रश्न आने वाले समय में वेनेजुएला के राजनीतिक संक्रमण के प्रमुख मुद्दों में बने रह सकते हैं। फिलहाल, दोनों नेताओं की अलग-अलग कूटनीतिक दिशाएं देश में सत्ता परिवर्तन के बाद बन रहे नए राजनीतिक समीकरण को रेखांकित करती हैं।

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