रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयर प्राइस आउटलुक: ग्लोबल ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट प्राइस

Reliance Industries Limited के शेयर को लेकर ग्लोबल ब्रोकरेज ने अपना टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है। जानिए स्टॉक का नया आउटलुक, संभावित ग्रोथ ट्रेंड और निवेशकों के

भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक बार फिर निवेशकों और ग्लोबल मार्केट एक्सपर्ट्स के केंद्र में है। हाल ही में कई अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज हाउसों ने कंपनी के शेयर पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इसके टारगेट प्राइस को बढ़ा दिया है। 

बिजनेस न्यूज़: Reliance Industries एक बार फिर निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजरों में है। हाल ही में गोल्डमैन सैक्स सहित कई ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों ने इस कंपनी के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है, जिससे इसके भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। हालांकि यह स्टॉक अपने पीक स्तर से लगभग 15% नीचे आ चुका है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट अस्थायी रही है। 

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस पर कुछ असर जरूर पड़ा था, लेकिन अब हालात सामान्य होने के संकेत दिख रहे हैं।

ग्लोबल ब्रोकरेज का बड़ा भरोसा

ग्लोबल निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को बढ़ाकर 1,910 रुपये कर दिया है। पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर लगभग 1,365 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के डाउनस्ट्रीम और पेट्रोकेमिकल्स बिजनेस में दबाव अब अपने निचले स्तर पर पहुंच चुका है और आगे सुधार की संभावना मजबूत है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण रिलायंस के ऑयल-टू-कैमिकल्स (O2C) कारोबार पर पहले दबाव देखा गया था। लेकिन अब हालात स्थिर होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे इस बिजनेस सेगमेंट में रिकवरी की उम्मीद बढ़ गई है। कंपनी का मजबूत इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल इसे रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स जैसे क्षेत्रों में बेहतर लाभ की स्थिति में रखता है।

जियो आईपीओ बना सबसे बड़ा ट्रिगर

ब्रोकरेज हाउसों का सबसे बड़ा फोकस कंपनी की डिजिटल यूनिट रिलायंस जियो के संभावित आईपीओ पर है। माना जा रहा है कि यह आईपीओ अगले बड़े कैटलिस्ट के रूप में काम कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी जल्द ही जियो के आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल कर सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम न केवल रिलायंस के वैल्यूएशन को बढ़ा सकता है, बल्कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में भी बड़ा बदलाव ला सकता है। कई अन्य वैश्विक और घरेलू ब्रोकरेज भी रिलायंस के प्रति सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं:

  • नोमुरा ने टारगेट प्राइस 1,640 रुपये रखा है
  • सीएलएसए ने 1,800 रुपये का लक्ष्य दिया है
  • मॉर्गन स्टेनली ने 1,803 रुपये का टारगेट दिया है
  • जेपी मॉर्गन ने 1,675 रुपये का लक्ष्य बनाए रखा है

इन सभी रिपोर्ट्स में एक समान बात यह है कि रिलायंस के दीर्घकालिक ग्रोथ आउटलुक पर भरोसा मजबूत बना हुआ है।

शेयर का मौजूदा प्रदर्शन

रिलायंस का शेयर हाल ही में अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर 1,611 रुपये से नीचे आ चुका है। वर्तमान में यह लगभग 1,360 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है। हालांकि इस गिरावट के बावजूद कंपनी का मार्केट कैप इसे भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और मजबूत फंडामेंटल्स के कारण आगे सुधार की संभावना बनी हुई है।

ग्रोथ के प्रमुख कारण

रिलायंस के शेयर में संभावित तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण बताए जा रहे हैं:

  • O2C बिजनेस में रिकवरी: पेट्रोकेमिकल और रिफाइनिंग सेगमेंट में सुधार की उम्मीद।
  • डिजिटल बिजनेस की मजबूती: जियो के आईपीओ से वैल्यू अनलॉकिंग की संभावना।
  • रिटेल बिजनेस का विस्तार: कंपनी का रिटेल नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है।
  • इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल: ऊर्जा, टेलीकॉम और रिटेल का मजबूत संयोजन।

विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज में लंबी अवधि के लिए मजबूत ग्रोथ पोटेंशियल मौजूद है। खासकर जियो आईपीओ और ऊर्जा कारोबार में सुधार कंपनी के लिए बड़े ट्रिगर साबित हो सकते हैं।

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