ऋषभ पंत हादसे वाली सड़क पर फिर भीषण टक्कर, गड्ढों से बचने में कार डिवाइडर से टकराई; 5 घायल

रुड़की के गुरुकुल नारसन हाईवे पर गड्ढों से बचने में स्विफ्ट कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में चार कार सवार और एक बाइक सवार घायल हुए।
ऋषभ पंत हादसे वाली सड़क पर फिर भीषण टक्कर, गड्ढों से बचने में कार डिवाइडर से टकराई; 5 घायल
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उत्तराखंड के रुड़की में उस हाईवे पर एक बार फिर सड़क हादसा हुआ है, जहां कुछ साल पहले भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। शुक्रवार सुबह गुरुकुल नारसन कस्बे के पास हाईवे पर गड्ढों से बचने के प्रयास में एक स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर सर्विस रोड के डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कार में सवार चार लोग घायल हो गए, जबकि अनियंत्रित कार की चपेट में आने से एक बाइक सवार भी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने घायलों की मदद की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

बताया गया है कि हादसा गुरुकुल नारसन क्षेत्र में हुआ और दुर्घटना वाली जगह ऋषभ पंत के हादसे के स्थान से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। इसी वजह से घटना सामने आने के बाद एक बार फिर इस सड़क की स्थिति और यहां मौजूद गड्ढों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि मौजूदा हादसे की प्रारंभिक जानकारी में गड्ढों से बचने के दौरान कार के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

जानकारी के अनुसार स्विफ्ट कार में चार लोग सवार थे और सभी रुड़की के रहने वाले बताए गए हैं। ये लोग खाटू श्याम के दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहे थे। शुक्रवार सुबह जब उनकी कार गुरुकुल नारसन हाईवे पर पहुंची तो सड़क पर बने गड्ढों से बचने के दौरान चालक ने कार को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सर्विस रोड के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर के बाद कार क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चार लोग घायल हो गए।

हादसा यहीं तक सीमित नहीं रहा। कार के अनियंत्रित होने के दौरान वह सड़क किनारे मौजूद एक बाइक सवार की चपेट में भी आ गई। बाइक सवार कुआंहेड़ी निवासी अंकित त्यागी बताया गया है, जो अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए बस स्टॉप पर खड़े थे। कार की टक्कर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल भेजा गया।

पुलिस ने दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में लेकर चौकी में खड़ा करा दिया है। मौके का निरीक्षण भी किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक गड्ढों से बचने की कोशिश के दौरान कार का संतुलन बिगड़ना हादसे की वजह बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस की जांच में सड़क की स्थिति के अलावा वाहन की गति, चालक का नियंत्रण और दुर्घटना के समय आसपास की परिस्थितियों को भी देखा जा सकता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर हादसे को लेकर कोई अंतिम जांच निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने एक बार फिर नारसन बॉर्डर से लेकर हरिद्वार तक हाईवे की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि सड़क के कई हिस्सों में गहरे गड्ढे बने हुए हैं। बारिश और लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण इन गड्ढों की स्थिति और खराब होने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। उनका कहना है कि वाहन चालक अक्सर गड्ढों से बचने के लिए अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहनों या आसपास मौजूद लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने हाईवे की मरम्मत और गड्ढों को जल्द भरने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति केवल वाहन चालकों के लिए परेशानी नहीं है, बल्कि यह दुर्घटना का कारण भी बन सकती है। खासतौर पर ऐसे स्थानों पर जहां सर्विस रोड, डिवाइडर, बस स्टॉप और मुख्य हाईवे आसपास हों, वहां सड़क पर बने गड्ढों से बचने के दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ने पर हादसे का खतरा बढ़ सकता है। शुक्रवार की घटना में भी कार डिवाइडर से टकराने के बाद एक बाइक सवार घायल हुआ।

गुरुकुल नारसन और आसपास का यह मार्ग इसलिए भी चर्चा में रहा है क्योंकि दिसंबर 2022 में इसी क्षेत्र में क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार का भीषण एक्सीडेंट हुआ था। उस समय पंत दिल्ली से रुड़की की ओर जा रहे थे और उनकी कार नारसन के पास डिवाइडर से टकराकर पलट गई थी। बाद में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया था कि पंत ने उनसे कहा था कि कार गड्ढे से बचने की कोशिश के दौरान अनियंत्रित हुई थी।

ऋषभ पंत के हादसे के बाद भी इस मार्ग की सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा होती रही है। अब उसी रूट के पास एक और दुर्घटना में पांच लोगों के घायल होने से स्थानीय स्तर पर सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव का मुद्दा फिर सामने आया है। हालांकि दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं और मौजूदा हादसे को सीधे 2022 की दुर्घटना से जोड़ना उचित नहीं होगा। इस बार पुलिस की प्रारंभिक जानकारी में गड्ढों से बचने के दौरान कार के अनियंत्रित होने की बात कही गई है।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल सक्रिय हुए। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें कार में सवार चार लोग और बाइक सवार शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार बाइक सवार को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों के उपचार और उनकी स्थिति के बारे में आगे की जानकारी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों के आकलन पर निर्भर करेगी।

सड़क हादसे के बाद क्षतिग्रस्त वाहन को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटा रही है। मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी लेने के साथ सड़क की स्थिति और वाहन के क्षतिग्रस्त हिस्सों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। अगर हादसे की वजह सड़क पर मौजूद गड्ढे ही सामने आती है, तो संबंधित सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी और मरम्मत की स्थिति भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय बन सकती है।

इस घटना ने यह भी दिखाया है कि हाईवे पर सड़क की छोटी सी खराबी किस तरह गंभीर दुर्घटना का रूप ले सकती है। तेज गति से चल रहे वाहन के सामने अचानक गड्ढा आने पर चालक को तुरंत दिशा बदलनी पड़ सकती है। यदि उसी समय बगल में सर्विस रोड, डिवाइडर या कोई दूसरा वाहन मौजूद हो तो टक्कर की आशंका बढ़ जाती है। गुरुकुल नारसन की इस घटना में भी कार डिवाइडर से टकराने के बाद बाइक सवार इसकी चपेट में आ गया।

फिलहाल पांच घायलों का इलाज चल रहा है और पुलिस हादसे की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि हाईवे के खराब हिस्सों की पहचान कर तत्काल मरम्मत कराई जाए और गहरे गड्ढों को भरा जाए। उनका कहना है कि सड़क की स्थिति सुधरने से वाहन चालकों को बार-बार अचानक दिशा बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी और दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम हो सकता है। इस हादसे के बाद अब संबंधित विभाग की ओर से सड़क की स्थिति को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर लोगों की नजर रहेगी।

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