रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों से यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई क्षेत्रों में बिजली और ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा। यूक्रेन ने ऊर्जा युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया। इस बीच, अमेरिकी खुफिया सहयोग और स्टारलिंक सेवाओं पर भी सवाल उठे।
कीव: रूस ने यूक्रेन के कई क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें राजधानी कीव के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, कीव में हमलों के कारण चार लोगों की मौत हुई और कम से कम 6 लाख लोगों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित कथित ऊर्जा युद्धविराम की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच सैन्य सहयोग तथा खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। यूक्रेनी अधिकारियों ने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में मिसाइल हमलों से पहले चेतावनी नहीं मिली। इसके अलावा, यूक्रेन की सेना के इस्तेमाल वाले कुछ स्टारलिंक इंटरनेट टर्मिनलों की सेवाएं प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।
कीव में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने कीव में ऊर्जा प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर बैलिस्टिक मिसाइलों तथा हमलावर ड्रोन से हमले किए। इन हमलों में बिजली से जुड़े उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा और कम से कम 6 लाख लोगों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमलों के पैमाने को जानबूझकर की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि रूस ने अमेरिका के प्रति पहले कभी इस तरह की खुली अवहेलना नहीं दिखाई थी।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि रूस अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों को मजबूत संदेश के रूप में नहीं देखता। उनका बयान उस समय आया, जब ट्रंप ने सप्ताहांत में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने से जुड़े एक कथित युद्धविराम की घोषणा की थी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस युद्धविराम की शर्तों, औपचारिक सहमति और दोनों पक्षों की प्रतिबद्धताओं का पूरा विवरण नहीं है।
खार्किव समेत कई क्षेत्रों में बिजली और हीटिंग व्यवस्था प्रभावित
यूक्रेन के प्रधानमंत्री सर्गेई कोरेत्स्की के अनुसार, पूर्वी खार्किव क्षेत्र में बिजली संयंत्रों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। इन हमलों से बिजली और हीटिंग से जुड़ा बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ।
इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र झितोमिर, उत्तर-पूर्वी सुमी और उत्तरी चेर्निहिव में भी हमलों की खबरें सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, मध्य क्षेत्र निप्रोपेत्रोव्स्क में दो लोगों की मौत हुई, जबकि दक्षिण-पूर्वी जापोरिज्जिया में एक अन्य व्यक्ति की जान गई।
यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले सर्दियों से पहले विशेष चिंता पैदा कर रहे हैं। देश में पहले भी बिजलीघरों और हीटिंग नेटवर्क को निशाना बनाया गया है, जिससे बिजली और गर्मी की आपूर्ति बाधित हुई थी। सर्दियों के दौरान कुछ क्षेत्रों में तापमान शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिर सकता है।
यूक्रेन अपने सहयोगी देशों से अधिक सैन्य सहायता और उन्नत इंटरसेप्टर प्रणालियां उपलब्ध कराने की मांग करता रहा है, ताकि मिसाइलों और तेज गति वाले ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया जा सके।
जेलेंस्की ने रूस पर युद्धविराम का मौका गंवाने का आरोप लगाया
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन रूसी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, लेकिन उनके मुताबिक मॉस्को ने तनाव कम करने का अवसर गंवा दिया।
ट्रंप ने रविवार को कथित ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा की थी। इससे पहले रूस से डीजल ईंधन की आपूर्ति से जुड़े एक समझौते की खबर सामने आई थी, जिस पर यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों के बीच नाराजगी की बात कही गई।
ट्रंप पहले भी रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों को लेकर जेलेंस्की की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने यहां तक कहा था कि यूक्रेन के राष्ट्रपति को बदला जाना चाहिए।
इन घटनाओं के बीच कीव और वॉशिंगटन के संबंधों को लेकर अनिश्चितता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, युद्धविराम की वास्तविक स्थिति और दोनों देशों के बीच बातचीत का पूरा विवरण स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं है।
मिसाइल हमलों से पहले चेतावनी नहीं मिलने पर यूक्रेन की चिंता
यूक्रेन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि वॉशिंगटन ने हाल के दिनों में कीव को मिलने वाली खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था रोकने की धमकी दी थी। यूक्रेन आने वाले हमलों का पता लगाने के लिए इस जानकारी पर निर्भर करता है।

यूक्रेनी अधिकारियों ने यह भी कहा कि सोमवार और मंगलवार की रात कुछ क्षेत्रों में विस्फोटों से पहले हवाई हमले के सायरन नहीं बजे। अधिकारियों ने इसके संभावित कारणों में रूस की ऐसी मिसाइलों के इस्तेमाल का उल्लेख किया, जिनका पता लगाना मुश्किल होता है। तकनीकी समस्याओं की आशंका भी जताई गई।
जेलेंस्की ने मंगलवार शाम कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण के बारे में यूक्रेन को अपने सहयोगियों से पहले चेतावनी नहीं मिली। उन्होंने इसे पूरी तरह अनुचित बताया।
खुफिया सहयोग में संभावित बदलाव की आशंका ऐसे समय बढ़ी है, जब रूस के हमले ऊर्जा प्रतिष्ठानों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर दबाव बना रहे हैं।
स्टारलिंक सेवाओं पर प्रतिबंध का दावा
जेलेंस्की के एक सहयोगी सर्गेई बेस्क्रेस्टनोव ने दावा किया कि रात के दौरान स्टारलिंक इंटरनेट टर्मिनलों के संचालन में कुछ प्रतिबंध दिखाई दिए। उनके मुताबिक, इससे यूक्रेनी रक्षा बलों के कई अभियानों में बाधा आई।
एक अन्य वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने कहा कि स्टारलिंक की इंटरनेट गति सीमित की गई थी। उन्होंने इस घटनाक्रम को रूस के लिए संभावित रूप से फायदेमंद बताया।
यूक्रेनी अधिकारियों ने दावा किया कि सेवा संबंधी प्रतिबंधों की शुरुआत रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के आसपास हुई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सेवा प्रदाता की आधिकारिक पुष्टि या तकनीकी कारणों का विस्तृत विवरण शामिल नहीं है।
इसलिए स्टारलिंक सेवाओं में आई कथित बाधा और उसके पीछे के कारणों को फिलहाल यूक्रेनी अधिकारियों के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
रूस में भी ड्रोन हमलों की खबर
रूस के दक्षिण-पश्चिमी सारातोव क्षेत्र के गवर्नर ने शुरुआती आकलन का हवाला देते हुए कहा कि बालाकोवो शहर में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने दावा किया कि रात के दौरान रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने राजधानी की ओर बढ़ रहे लगभग 500 ड्रोन मार गिराए। रूसी अधिकारियों ने रोस्तोव क्षेत्र में भी करीब 160 अन्य ड्रोन नष्ट किए जाने की जानकारी दी।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं है। दोनों पक्षों की ओर से हमलों और नुकसान को लेकर जारी बयानों का स्वतंत्र सत्यापन महत्वपूर्ण है।
ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर बढ़ा दबाव
ताजा हमलों ने यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और पश्चिमी सहयोगियों से मिलने वाली सैन्य तथा खुफिया सहायता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। बिजली और हीटिंग व्यवस्था को नुकसान पहुंचने से आम लोगों पर दबाव बढ़ सकता है, खासकर सर्दियों के करीब आने के कारण।
जेलेंस्की ने रूस पर तनाव कम करने का अवसर गंवाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, रूस में भी यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण नुकसान होने की खबरें सामने आई हैं।
आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि कथित ऊर्जा युद्धविराम को लेकर दोनों पक्ष क्या रुख अपनाते हैं, अमेरिका और यूक्रेन के बीच खुफिया सहयोग किस स्थिति में रहता है और ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए कौन-से कदम उठाए जाते हैं।










