पुर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहां कि राजस्थान में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से ज्यादा उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी की चलती है. लेकिन यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है. सीएम और अन्य मंत्री अपनी मर्जी से कोई काम नहीं कर पा रहे है. अशोक गहलोत ने अपनी पार्टी के नेताओं को नसीहत देते हुए कहां कि जो भी पार्टी छोड़कर जाना चाहता है अभी चले जाए. क्योकि हम भी कंफ्यूजन में रहते है कि कौन जाएगा या फिर नहीं जाएगा। भारत में इस बार लोकसभा चुनाव फिर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनी तो भविष्य में कभी भी चुनाव नहीं होंगे।
भजनलाल शर्मा केवल नाममात्र के सीएम
जानकारी के अनुसार गहलोत ने कहां कि जिन लोगों का पार्टी में मन नहीं लग रहा वह छोड़कर जा सकते है. ईडी और सीबीआई के डर से जो पार्टी से जाएंगे उनके बाद नई जनरेशन तैयार होगी। पूर्व सीएम श्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार (1 मार्च,2024) को मुख्यमंत्री का अधिकारिक आवास को खाली करके नए आवास में रहने के लिए चले गए हैं।
Subkuz.com कि मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने बताया कि इन दिनों राजस्थान में भजन लाल सरकार दिल्ली के रिमोट कंट्रोल से चल रही है. सीएम श्री भजनलाल शर्मा सतरंज के सिर्फ एक प्यादे की तरह है. प्रदेश के मुख्य सचिव सुधांश कुमार पंत वास्तविक (डिफेक्टो) सीएम बनकर सरकार में सारे फैसले कर रहे है. भजनलाल शर्मा का तो महज नाममात्र के लिए सीएम बनाया गया हैं।
नहीं होंगे भविष्य में चुनाव
मीडिया से बात करते हुए पुर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहां कि राजस्थान सरकार में मुख्यमंत्री श्री भजन लाल से ज्यादा तो उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी का बोलबाला है. यह बात लोकतंत्र के लिए सही (उचित) नहीं है. सीएम और अन्य मंत्री अपनी मर्जी से कोई भी काम नहीं कर सकते है. उन्होंने कहां कि यदि इस बार लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो भविष्य में चुनाव न होकर लोकतंत्र की जगह राजतंत्र आ जाएगा।
गहलोत जी ने बताया कि ऐसा ही चलता रहा तो भारत में रूस और चीन जैसे हालात हो जाएंगे। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने असत्य बातें करके जनता को अपने बहकावे में ले लिया जिस कारण कांग्रेस की हार हुई। बताया कि भाजपा की सरकार बनते ही पांच हजार राजीव गांधी युवा मित्रों को नौकरी से स्थगित (हटा) दिया। यदि भारतीय जनता पार्टी की सरकार को राजीव गांधी से नाराजगी है तो उनका नाम बदल देते, लेकिन युवाओं को नौकरी से निकाल कर उनके भविष्य के साथ क्यों खिलवाड़ किया।











