Sanjay Gupta Death: 'कांटे' और 'आतिश' के डायरेक्टर संजय गुप्ता का निधन, 57 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

Sanjay Gupta Death News: 'कांटे', 'आतिश' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी फिल्मों के निर्देशक संजय गुप्ता का निधन हो गया। घर पर सिर में चोट लगने की खबर सामने आई है।

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म डायरेक्टर संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात घर में गिरने से उनके सिर पर चोट लगी थी। संजय गुप्ता ने 'आतिश', 'कांटे', 'काबिल' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी कई फिल्में बनाई थीं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्माता और निर्देशक संजय गुप्ता अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की रात उनका निधन हो गया। वह 57 साल के थे। उनके निधन की खबर शनिवार सुबह सामने आई, जिसके बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने दुख जताया। संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में करीब तीन दशक तक काम किया। 

खासकर एक्शन और अपराध की कहानियों पर बनी फिल्मों के लिए उन्हें काफी पसंद किया जाता था। उन्होंने 23 अक्टूबर को ही अपना 57वां जन्मदिन मनाया था। जन्मदिन के एक सप्ताह बाद उनके निधन की खबर ने उनके चाहने वालों को दुखी कर दिया।

घर में गिरने से सिर पर लगी थी चोट

संजय गुप्ता के निधन को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक शुक्रवार रात वह अपने घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे। बताया जा रहा है कि गिरने से उनके सिर पर चोट लगी थी। हालांकि, उनके साथ उस रात क्या हुआ और मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर परिवार की तरफ से अभी पूरी जानकारी नहीं दी गई है।

फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी सोशल मीडिया पर उनके निधन की खबर साझा की। उन्होंने अपने दोस्त को याद करते हुए लिखा कि संजय गुप्ता के जाने की खबर सुनकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। अशोक पंडित के मुताबिक, घर में सिर पर चोट लगने के बाद उनका निधन हुआ। उन्होंने संजय को एक अच्छा कहानीकार और जिंदगी को खुलकर जीने वाला इंसान बताया। साथ ही कहा कि वह अपने काम को लेकर हमेशा जुनूनी रहते थे।

संजय गुप्ता के अंतिम संस्कार को लेकर भी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अशोक पंडित ने बताया कि अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

संजय दत्त की 'आतिश' से शुरू हुआ था फिल्मी सफर

Sanjay Gupta Death: 'कांटे' और 'आतिश' के डायरेक्टर संजय गुप्ता का निधन, 57 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

संजय गुप्ता का जन्म 23 अक्टूबर 1969 को मुंबई में हुआ था। फिल्मों में उनकी शुरुआत साल 1994 में हुई। उनकी पहली निर्देशित फिल्म 'आतिश: फील द फायर' थी, जिसमें संजय दत्त और आदित्य पंचोली ने मुख्य किरदार निभाए थे। इस फिल्म के बाद संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में अपना काम जारी रखा और एक्शन फिल्मों की तरफ ज्यादा ध्यान दिया।

साल 1995 में उन्होंने 'राम शास्त्र' का निर्देशन किया। इसके बाद 'हमेशा', 'खौफ' और 'जंग' जैसी फिल्में भी बनाईं। संजय गुप्ता की फिल्मों में अक्सर अपराध की दुनिया, दोस्ती, दुश्मनी और बदले की कहानी दिखाई देती थी। उनकी कई फिल्मों में संजय दत्त नजर आए। दोनों ने लंबे समय तक साथ काम किया।

संजय गुप्ता को अपनी फिल्मों में एक्शन सीन अलग अंदाज में दिखाने के लिए जाना जाता था। उनके निर्देशन में बनी फिल्मों का संगीत और बैकग्राउंड म्यूजिक भी चर्चा में रहता था। यही वजह रही कि हिंदी फिल्मों में काम करते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

'कांटे' ने दिलाई बड़ी पहचान, कई फिल्मों के निर्माता भी रहे

संजय गुप्ता के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में 'कांटे' का नाम आता है। यह फिल्म साल 2002 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसमें अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, कुमार गौरव और लकी अली जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म में अपराध और दोस्ती की कहानी दिखाई गई थी। इसके गाने और एक्शन सीन भी काफी चर्चा में रहे।

'कांटे' के बाद उन्होंने 'मुसाफिर' और 'जिंदा' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। साल 2007 में आई 'शूटआउट एट लोखंडवाला' से भी उनका नाम जुड़ा रहा। हालांकि, इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया था, जबकि संजय गुप्ता इसके निर्माता और लेखन टीम का हिस्सा थे।

इसके बाद 2013 में संजय गुप्ता ने 'शूटआउट एट वडाला' का निर्देशन किया। फिल्म में जॉन अब्राहम, अनिल कपूर और कंगना रनौत मुख्य भूमिकाओं में थे। उन्होंने 'प्लान', 'वुडस्टॉक विला', 'एसिड फैक्ट्री' और 'पंख' जैसी फिल्मों के निर्माण में भी काम किया।

संजय गुप्ता ने अपने करियर में 'जज्बा', 'काबिल' और 'मुंबई सागा' जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया। लंबे समय तक बॉलीवुड में सक्रिय रहे इस फिल्ममेकर के अचानक निधन से उनके साथ काम करने वाले कलाकार और प्रशंसक दुखी हैं। उनकी बनाई फिल्में अब उनके काम और फिल्मी सफर की याद दिलाती रहेंगी।

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