SBI Credit Card Rules: 1 दिसंबर से SBI क्रेडिट कार्ड के नियम बदलेंगे, फ्यूल और ट्रांसपोर्ट पेमेंट पर लगेगा 1% चार्ज

1 दिसंबर 2026 से SBI क्रेडिट कार्ड पर 30 हजार से ज्यादा के ट्रांसपोर्ट पेमेंट और बिलिंग साइकिल में 50 हजार से अधिक फ्यूल खर्च पर 1% चार्ज लगेगा।

SBI क्रेडिट कार्ड से पेट्रोल-डीजल भरवाने या ट्रांसपोर्ट का बड़ा पेमेंट करने पर अब ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं। कंपनी 1 दिसंबर 2026 से कुछ लेन-देन पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त फीस लगाने जा रही है। इसके लिए खर्च की सीमा भी तय की गई है।

SBI Credit Card Rules: SBI का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो दिसंबर से होने वाले बदलावों के बारे में जान लीजिए। कंपनी ने पेट्रोल-डीजल और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कुछ पेमेंट पर नया चार्ज लगाने का फैसला किया है। 1 दिसंबर से ट्रांसपोर्ट का बड़ा बिल क्रेडिट कार्ड से चुकाने पर 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। 

वहीं, पेट्रोल-डीजल पर एक बिलिंग साइकिल में तय रकम से ज्यादा खर्च करने वालों को भी यह चार्ज देना पड़ेगा। हालांकि, हर फ्यूल पेमेंट पर यह फीस नहीं लगेगी। SBI कार्ड ने 27 अक्टूबर को अपनी वेबसाइट पर नोटिस डालकर नए नियमों की जानकारी दी है।

ट्रांसपोर्ट के कितने रुपये के भुगतान पर लगेगी फीस?

SBI कार्ड के नए नियमों के अनुसार, 1 दिसंबर से 30 हजार रुपये से ज्यादा के प्रत्येक पात्र ट्रांसपोर्ट ट्रांजैक्शन पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त फीस लगेगी। मान लीजिए आपने अपने क्रेडिट कार्ड से ट्रांसपोर्ट से जुड़ा 35 हजार रुपये का कोई पात्र भुगतान किया है। ऐसी स्थिति में 350 रुपये फीस लगेगी। लागू टैक्स इससे अलग हो सकते हैं।

यहां एक बात समझना जरूरी है। ट्रांसपोर्ट के मामले में फीस हर ट्रांजैक्शन के हिसाब से तय होगी। अगर एक भुगतान 30 हजार रुपये या उससे कम है, तो उस पर यह नया चार्ज नहीं लगेगा। हालांकि, सभी तरह के ट्रैवल पेमेंट इस नियम में शामिल नहीं हैं। SBI कार्ड ने इसके लिए कुछ खास मर्चेंट कैटेगरी कोड तय किए हैं।

किन ट्रांसपोर्ट पेमेंट पर लागू होगा नया नियम?

कंपनी ने ट्रांसपोर्ट से जुड़े भुगतान के लिए MCC 4111, 4784 और 4131 को शामिल किया है। इन कोड के अंतर्गत लोकल और उपनगरीय यात्री परिवहन, टोल और ब्रिज फीस तथा बस सेवाओं से जुड़े भुगतान आ सकते हैं। कुछ FASTag ट्रांजैक्शन भी संबंधित MCC के आधार पर इस श्रेणी में शामिल हो सकते हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर बस टिकट, ट्रेन टिकट या FASTag रिचार्ज पर अपने आप अतिरिक्त फीस लग जाएगी। भुगतान की रकम और मर्चेंट का कैटेगरी कोड दोनों तय करेंगे कि शुल्क लगेगा या नहीं।

पेट्रोल-डीजल पर 50 हजार से ज्यादा खर्च किया तो कितनी फीस लगेगी?

SBI क्रेडिट कार्ड से गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं तो अब खर्च का हिसाब रखना होगा। नए नियम के मुताबिक, एक बिलिंग साइकिल में तेल पर 50 हजार रुपये से ज्यादा का भुगतान करने पर 1 फीसदी अतिरिक्त चार्ज लगेगा। मान लीजिए, आपने एक बिल की अवधि में अपने कार्ड से 60 हजार रुपये का पेट्रोल-डीजल भरवाया। इस पर 600 रुपये अलग से देने होंगे। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि चार्ज पूरे 60 हजार रुपये पर लगेगा, न कि केवल सीमा से ऊपर खर्च हुए 10 हजार रुपये पर।

वहीं, अगर आपका फ्यूल खर्च 50 हजार रुपये तक ही रहता है तो यह अतिरिक्त फीस नहीं लगेगी। यानी 50 हजार की सीमा पार होने पर ही नया चार्ज लागू होगा।

SBI Credit Card Rules: 1 दिसंबर से SBI क्रेडिट कार्ड के नियम बदलेंगे, फ्यूल और ट्रांसपोर्ट पेमेंट पर लगेगा 1% चार्ज

पेट्रोल-डीजल के किन भुगतानों पर लगेगा चार्ज?

SBI कार्ड ने फ्यूल पेमेंट के लिए चार MCC कोड रखे हैं। ये 5172, 5541, 5542 और 5983 हैं। इनमें पेट्रोल पंप पर कार्ड से किया गया भुगतान, मशीन से तेल भरवाने और पेट्रोलियम सामान बेचने वाले डीलरों से जुड़े लेन-देन आते हैं। आम तौर पर अपनी गाड़ी में थोड़ा-बहुत पेट्रोल भरवाने वाले ग्राहकों पर इस नए शुल्क का असर नहीं पड़ेगा, जब तक उनका पात्र फ्यूल खर्च तय सीमा में रहता है।

लेकिन जिन लोगों के पास कई गाड़ियां हैं या जो ट्रांसपोर्ट और टैक्सी का कारोबार करते हैं, उनके लिए यह नियम जरूरी है। अगर सभी गाड़ियों का तेल एक ही क्रेडिट कार्ड से भरवाया जाता है तो 50 हजार रुपये की सीमा जल्दी पार हो सकती है। ऐसे में कार्ड का बिल आने से पहले यह देख लेना बेहतर होगा कि पेट्रोल-डीजल पर कुल कितना पैसा खर्च हुआ है। इससे अतिरिक्त चार्ज का अंदाजा पहले ही लग जाएगा।

बिलिंग साइकिल और कैलेंडर महीने में क्या अंतर है?

फ्यूल फीस की गणना समझने के लिए बिलिंग साइकिल का मतलब जानना जरूरी है। क्रेडिट कार्ड की बिलिंग साइकिल वह अवधि होती है, जिसके दौरान किए गए भुगतान एक स्टेटमेंट में शामिल होते हैं। यह जरूरी नहीं कि हर महीने की पहली तारीख से आखिरी तारीख तक ही हो। मान लीजिए किसी कार्ड का स्टेटमेंट हर महीने की 15 तारीख को बनता है। 

ऐसे में फ्यूल खर्च की गणना उसी कार्ड की संबंधित बिलिंग अवधि के हिसाब से होगी। इसलिए सिर्फ महीने का कुल पेट्रोल खर्च देखने के बजाय कार्ड स्टेटमेंट में दर्ज ट्रांजैक्शन की तारीखों पर ध्यान देना चाहिए।

क्या सभी SBI क्रेडिट कार्ड ग्राहकों पर पड़ेगा असर?

नए नियम SBI कार्ड के तहत किए जाने वाले निर्धारित श्रेणी के भुगतान से जुड़े हैं। हालांकि, हर ग्राहक को अतिरिक्त फीस देना जरूरी नहीं होगा। जो लोग सामान्य घरेलू जरूरतों के लिए सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदते हैं और बड़े ट्रांसपोर्ट भुगतान नहीं करते, उन पर इन नए शुल्कों का असर नहीं पड़ेगा। वहीं, ज्यादा रकम खर्च करने वाले ग्राहकों को संबंधित ट्रांजैक्शन का MCC जरूर जांचना चाहिए। यह कोड कार्ड नेटवर्क और मर्चेंट की भुगतान व्यवस्था के आधार पर तय होता है।

SBI कार्ड इस्तेमाल करने वालों को अपने पिछले स्टेटमेंट में फ्यूल और ट्रांसपोर्ट के भुगतान देख लेने चाहिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नए नियमों के कारण कितना अतिरिक्त खर्च हो सकता है। ग्राहक अपने कार्ड की बिलिंग तारीख, लागू शुल्क और फ्यूल सरचार्ज से जुड़ी शर्तों की भी जांच कर सकते हैं।

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