SGPC ने गुरबाणी लाइव प्रसारण पर GTC चैनल को भेजा लीगल नोटिस, बिना अनुमति प्रसारण पर सख्त चेतावनी

SGPC ने गुरबाणी के कथित लाइव प्रसारण पर GTC चैनल को कानूनी नोटिस भेजा। बिना अनुमति प्रसारण पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

हरिमंदिर साहिब से गुरबाणी के कथित लाइव प्रसारण को लेकर SGPC ने GTC चैनल को कानूनी नोटिस भेजा है। संस्था ने बिना अनुमति प्रसारण रोकने और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

अमृतसर: गुरबाणी लाइव प्रसारण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने GTC चैनल को कानूनी नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि हरिमंदिर साहिब से गुरबाणी का लाइव प्रसारण या री-स्ट्रीमिंग केवल संस्था की अनुमति से ही संभव है। बिना अनुमति प्रसारण होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिना अनुमति लाइव प्रसारण पर SGPC का सख्त रुख

श्री हरिमंदिर साहिब से गुरबाणी के कथित लाइव प्रसारण को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने GTC चैनल को कानूनी नोटिस जारी किया है। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि संस्था को चैनल की ओर से एक पत्र मिला था, जिसमें गुरबाणी का लाइव प्रसारण शुरू करने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद एसजीपीसी ने स्पष्ट कर दिया कि इस तरह की किसी भी गतिविधि के लिए संस्था की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई चैनल बिना अनुमति प्रसारण करता है या री-स्ट्रीमिंग जारी रखता है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक दल या उसके प्रवक्ता का बयान एसजीपीसी का आधिकारिक निर्णय नहीं माना जा सकता।

प्रसारण अधिकार केवल SGPC के पास

एसजीपीसी के अनुसार 14 जुलाई 2023 को कार्यकारिणी समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव संख्या 763 के तहत यह तय किया गया था कि श्री हरिमंदिर साहिब से गुरबाणी के लाइव प्रसारण और उसके सभी अधिकार पूरी तरह संस्था के पास सुरक्षित रहेंगे। किसी भी निजी चैनल, संस्था या डिजिटल प्लेटफॉर्म को गुरबाणी डाउनलोड कर अपने स्तर पर लाइव प्रसारित करने या री-स्ट्रीम करने की अनुमति नहीं है।

हालांकि एसजीपीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके आधिकारिक यूट्यूब चैनल का लिंक साझा करने पर कोई रोक नहीं है। संस्था का कहना है कि धार्मिक मर्यादा और प्रसारण व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

पुराने समझौते की अवधि खत्म, यूट्यूब से हो रहा प्रसारण

धामी ने बताया कि वर्ष 2000 में तत्कालीन ETC चैनल के साथ 11 वर्षों का प्रसारण समझौता किया गया था, जिसे वर्ष 2012 में अगले 11 वर्षों के लिए बढ़ाया गया। यह अनुबंध जुलाई 2023 में समाप्त हो गया। इसके बाद एसजीपीसी ने अपना आधिकारिक यूट्यूब चैनल शुरू किया, जिसके माध्यम से देश और विदेश में संगत तक गुरबाणी का सीधा प्रसारण पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जुलाई 2023 के बाद पीटीसी या जी नेक्स्ट मीडिया के साथ कोई नया प्रसारण समझौता नहीं किया गया है। मौजूदा तकनीकी व्यवस्था के कारण एसजीपीसी को बिना अतिरिक्त खर्च के सैटेलाइट फीड उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे संस्था के करोड़ों रुपये की बचत हुई है।

स्वतंत्र सैटेलाइट चैनल की तैयारी, अफवाहों से बचने की अपील

एसजीपीसी लंबे समय से अपना स्वतंत्र सैटेलाइट चैनल शुरू करने का प्रयास कर रही है। हालांकि वर्तमान नियमों के तहत किसी धार्मिक संस्था को सीधे सैटेलाइट चैनल का लाइसेंस मिलने में कानूनी अड़चनें हैं। इस संबंध में केंद्र सरकार के साथ लगातार संवाद जारी है।

प्रेस वार्ता के दौरान एसजीपीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें और निजी चैनल जानबूझकर संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरबाणी प्रसारण जैसे धार्मिक विषय को राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने संगत और आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें और केवल एसजीपीसी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।

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