25 जून को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त दिखाई, लेकिन दिन के अंत तक अधिकांश बढ़त गंवा दी और मामूली मजबूती के साथ बंद हुआ। कारोबार के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके चलते प्रमुख सूचकांकों की तेजी सीमित रह गई।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मामूली बढ़त के साथ दिन का समापन किया। शुरुआती कारोबार में मजबूत तेजी देखने को मिली, लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के दबाव के कारण प्रमुख सूचकांक अपनी अधिकांश बढ़त गंवा बैठे। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी और कुछ चुनिंदा सेक्टर्स में मजबूती के चलते बाजार सकारात्मक दायरे में बंद होने में सफल रहा।
दिन के अंत में बीएसई का प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 109.25 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,100.47 अंक पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत चढ़कर 24,056.00 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, बाजार की चाल को देखें तो दिन के दौरान सेंसेक्स ने 77,803.18 का उच्चतम स्तर छुआ था, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से यह करीब 700 अंक नीचे फिसलकर बंद हुआ।
शुरुआती तेजी के बाद क्यों बढ़ा दबाव?
कारोबार की शुरुआत सकारात्मक वैश्विक संकेतों और घरेलू बाजार में मजबूत निवेशक भावना के साथ हुई थी। ऑटो, एफएमसीजी और एविएशन शेयरों में खरीदारी ने बाजार को ऊंचाई तक पहुंचाया। लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने लाभ बुक करना उचित समझा, जिससे बाजार अपने दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आ गया।
गुरुवार के कारोबार में सबसे अधिक आकर्षण ऑटो और एविएशन सेक्टर में देखने को मिला। बजट-अनुकूल ईंधन लागत और मांग में सुधार की उम्मीदों ने इन सेक्टर्स के शेयरों को समर्थन दिया। निफ्टी में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में InterGlobe Aviation, Mahindra & Mahindra, Max Healthcare Institute, Maruti Suzuki और Tata Consumer Products शामिल रहे।

इन शेयरों में रही कमजोरी
दूसरी ओर कुछ सेक्टर्स में दबाव भी देखने को मिला। ऊर्जा, आईटी और धातु कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का असर दिखाई दिया। गिरावट दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में ONGC, Power Grid Corporation of India, Hindalco Industries, Bharat Electronics Limited और Tech Mahindra शामिल रहे।
बाजार के विभिन्न सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन मिश्रित रहा। ऑटो इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की मजबूती दर्ज हुई। एफएमसीजी इंडेक्स लगभग 0.7 प्रतिशत चढ़ा। रियल्टी इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़त रही। आईटी, एनर्जी, मीडिया, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 0.5 से 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.5 प्रतिशत नीचे बंद हुए।
रुपये में भी आई मजबूती
शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय मुद्रा में भी सुधार देखने को मिला। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 25 पैसे मजबूत होकर 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 94.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता और पूंजी प्रवाह की बेहतर स्थिति ने रुपये को समर्थन दिया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी अभी भी महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि सूचकांक दिन के दौरान 100-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर पहुंचा, लेकिन बंद होने तक वह इस स्तर को निर्णायक रूप से बनाए नहीं रख सका। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि 23,780 से 23,820 के बीच का दायरा मजबूत सपोर्ट के रूप में उभर रहा है। वहीं, ऊपरी स्तरों पर 24,300 के आसपास प्रतिरोध बना हुआ है।











