स्कॉटिश कंज़र्वेटिव्स की ऐतिहासिक जीत: 50 वर्षों बाद वेस्टमिंस्टर उपचुनाव में बड़ी सफलता, SNP और लेबर दोनों को झटका

स्कॉटिश कंजर्वेटिव्स ने 50 साल बाद वेस्टमिंस्टर उपचुनाव जीतकर एबरडीन साउथ सीट SNP से छीन ली। अन्य सीटो पर SNP ने जीत बरकरार रखी और ब्रिटेन राजनीति में हलचल बढ़ी

स्कॉटिश कंजर्वेटिव्स ने 50 साल बाद वेस्टमिंस्टर उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज करते हुए एबरडीन साउथ सीट SNP से छीन ली। वहीं अन्य सीटों पर SNP ने बढ़त बनाए रखी। इस नतीजे से स्कॉटलैंड की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है।

एडिनबर्ग: स्कॉटलैंड की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है, जहां स्कॉटिश कंज़र्वेटिव्स ने वेस्टमिंस्टर उपचुनाव में 50 से अधिक वर्षों बाद पहली जीत दर्ज की है। एबरडीन साउथ सीट, जो पहले स्कॉटिश नेशनल पार्टी (SNP) के पास थी, अब कंज़र्वेटिव उम्मीदवार और स्कॉटिश सांसद Douglas Lumsden के हाथों में चली गई है।

यह सीट SNP के स्टीफन फ्लिन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके बाद हुए उपचुनाव में कंज़र्वेटिव पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। इस परिणाम को स्कॉटिश राजनीति में एक बड़ा उलटफेर माना जा रहा है, क्योंकि यह जीत कंज़र्वेटिव्स के लिए दशकों बाद वेस्टमिंस्टर उपचुनाव में पहली सफलता है।

SNP को झटका, लेकिन एक और सीट पर वापसी

इसी दौरान, स्कॉटिश नेशनल पार्टी (SNP) ने एबरडीन साउथ के नुकसान के बाद अरब्रॉथ और ब्राउटी फेरी उपचुनाव में अपनी सीट बरकरार रखी। यह सीट उम्मीदवार लारा बर्ड ने कंज़र्वेटिव उम्मीदवार को 5,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर जीत ली।

SNP की उम्मीदवार Lara Bird ने जीत के बाद कहा कि मतदाताओं ने “विभाजन और नफरत की राजनीति” को खारिज कर दिया है और स्कॉटलैंड का भविष्य स्वतंत्रता की दिशा में देखा जाना चाहिए। इस तरह SNP को एक सीट का नुकसान और एक सीट का फायदा—दोनों परिणाम एक ही रात में देखने को मिले, जिससे पार्टी की स्थिति मिली-जुली रही।

डगलस लम्सडेन की जीत: ऊर्जा नीति पर बड़ा राजनीतिक संदेश

एबरडीन साउथ से जीत दर्ज करने वाले Douglas Lumsden पहले से ही स्कॉटिश संसद (Holyrood) के सदस्य हैं और उन्होंने इस जीत को ऊर्जा नीति पर जनादेश के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने यह संदेश दिया है कि “तेल और गैस उद्योग के विनाश को तुरंत रोका जाना चाहिए।” एबरडीन क्षेत्र लंबे समय से यूके की ऊर्जा नीति और उत्तरी सागर तेल उद्योग का केंद्र रहा है, इसलिए यह बयान राष्ट्रीय बहस में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

डबल जनादेश नियम के कारण इस्तीफा तय

स्कॉटलैंड में लागू “डुअल मैंडेट” नियम के तहत कोई भी व्यक्ति एक साथ वेस्टमिंस्टर सांसद और स्कॉटिश सांसद नहीं रह सकता। इसलिए Douglas Lumsden को अपनी Holyrood सीट से इस्तीफा देना होगा।

कानून के अनुसार, उन्हें 49 दिनों के भीतर स्कॉटिश संसद छोड़नी होगी। उनकी जगह कंज़र्वेटिव पार्टी की क्षेत्रीय सूची से फ्रेजरबर्ग के काउंसलर जेम्स एडम्स को नियुक्त किया जाएगा।

स्कॉटिश कंज़र्वेटिव्स की ऐतिहासिक जीत: 50 वर्षों बाद वेस्टमिंस्टर उपचुनाव में बड़ी सफलता, SNP और लेबर दोनों को झटका

SNP की प्रतिक्रिया और राजनीतिक आत्ममंथन

SNP नेता स्टीफन फ्लिन, जो अब स्कॉटलैंड के अर्थव्यवस्था सचिव भी हैं, ने एबरडीन साउथ हार को लेकर कहा कि यह परिणाम “कठिन रात” था और पार्टी को गहराई से आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2017 में यह सीट कंज़र्वेटिव्स के पास थी और 2019 में SNP ने इसे वापस जीत लिया था। उनके अनुसार, भविष्य में पार्टी फिर से इस सीट को जीत सकती है, यदि रणनीति सही दिशा में रखी जाए।

लेबर पार्टी का गिरता प्रदर्शन

इन उपचुनावों में लेबर पार्टी का प्रदर्शन भी कमजोर रहा। अरब्रॉथ और ब्राउटी फेरी में लेबर पार्टी दूसरे से चौथे स्थान पर खिसक गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में रिफॉर्म यूके ने तीसरा स्थान हासिल किया। यह परिणाम लेबर के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि स्कॉटलैंड में पार्टी पहले ही संघर्ष कर रही है और यह प्रदर्शन उसकी चुनौतियों को और बढ़ाता है।

यूके की ऊर्जा नीति के केंद्र में एबरडीन

एबरडीन साउथ सीट केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि ब्रिटेन की ऊर्जा रणनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। ब्रिटिश सरकार ने इसी शहर को अपनी नई सार्वजनिक ऊर्जा कंपनी “GB Energy” का मुख्यालय बनाने का फैसला किया है। इस वजह से यहां का उपचुनाव केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय ऊर्जा नीति, तेल-गैस उद्योग और रोजगार से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया।

ऐतिहासिक संदर्भ: 50 वर्षों बाद कंज़र्वेटिव्स की वापसी

यह जीत ऐतिहासिक इसलिए भी है क्योंकि स्कॉटिश कंज़र्वेटिव्स ने पिछले 50 वर्षों में वेस्टमिंस्टर उपचुनाव में पहली बार कोई सीट जीती है। आंकड़ों के अनुसार, कंज़र्वेटिव्स ने आखिरी बार 1973 में एडिनबर्ग नॉर्थ सीट उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। इससे पहले 1967 में ग्लासगो पोलॉक सीट पर भी जीत मिली थी। इसके बाद दशकों तक पार्टी को ऐसी सफलता नहीं मिली थी।

SNP के भीतर वित्तीय विवाद की छाया

इन चुनावी परिणामों के बीच SNP एक बड़े वित्तीय विवाद से भी जूझ रही है। पार्टी के पूर्व मुख्य कार्यकारी पीटर मुरेल ने अदालत में स्वीकार किया है कि उन्होंने 12 वर्षों में पार्टी फंड से £400,000 से अधिक की राशि का दुरुपयोग किया। उनकी सजा अगले सप्ताह तय होनी है, जिससे पार्टी की छवि पर और दबाव बढ़ सकता है।

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