SMS अस्पताल में बड़ा रिकॉर्ड, एक साथ 11 मरीजों की ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफल

जयपुर के SMS अस्पताल में एक दिन में 11 मरीजों की ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। 8 घुटने और 3 हिप रिप्लेसमेंट ऑपरेशन कर मरीजों को छुट्टी दी गई।

जयपुर के SMS अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक दिन में 11 मरीजों की सफल ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की। इनमें 8 घुटने और 3 हिप रिप्लेसमेंट शामिल रहे। सभी मरीज स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल ने उन्नत ऑर्थोपेडिक उपचार के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञों की टीम ने एक ही दिन में 11 मरीजों की ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक कर चिकित्सा प्रबंधन, टीमवर्क और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एक साथ इतनी बड़ी संख्या में ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी करना किसी भी सरकारी अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इससे न केवल मरीजों को समय पर उपचार मिला, बल्कि लंबी प्रतीक्षा सूची को कम करने में भी मदद मिली।

8 घुटने और 3 हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की गईं

अस्पताल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुल 11 सर्जरी में 8 मरीजों के घुटनों का प्रत्यारोपण (Knee Replacement) और 3 मरीजों के कूल्हों का प्रत्यारोपण (Hip Replacement) किया गया। ये सभी मरीज लंबे समय से जोड़ों की गंभीर समस्याओं से पीड़ित थे। कई मरीजों को चलने-फिरने में कठिनाई हो रही थी, जबकि कुछ लगातार दर्द और गतिशीलता की कमी से जूझ रहे थे। विशेषज्ञ जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद इन सभी मरीजों को सर्जरी के लिए उपयुक्त पाया गया।

सुबह 8 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन, दोपहर तक पूरा हुआ अभियान

ऑर्थोपेडिक सर्जरी यूनिट-2 की टीम ने यह विशेष सर्जिकल अभियान सुबह 8 बजे शुरू किया और दोपहर लगभग 3 बजे तक सभी ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए। सर्जरी के दौरान अस्पताल की पूरी ऑर्थोपेडिक टीम ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रही। विभिन्न विशेषज्ञों ने समन्वित तरीके से काम करते हुए निर्धारित समय में सभी मरीजों की सर्जरी पूरी की। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बड़े सर्जिकल कार्यक्रम के लिए केवल सर्जनों की दक्षता ही नहीं, बल्कि ऑपरेशन थिएटर प्रबंधन, एनेस्थीसिया सेवाएं, नर्सिंग स्टाफ और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने संभाली जिम्मेदारी

इस उपलब्धि का नेतृत्व ऑर्थोपेडिक सर्जरी यूनिट-2 के प्रमुख डॉ. पंकज जैन ने किया। उनके नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सभी सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सर्जिकल टीम में डॉ. राजकुमार हर्षवाल, डॉ. अमित जैन, डॉ. हीरा लाल धवन, डॉ. मुकेश असवाल और डॉ. बृजेश सांखला सहित कई अनुभवी डॉक्टर शामिल थे। वहीं एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. श्रीफल मीणा, डॉ. ममता खंडेलवाल और डॉ. बी.सी. जैन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय और पूर्व नियोजन को इस सफलता का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

विस्तृत जांच के बाद लिया गया सामूहिक सर्जरी का निर्णय

डॉ. पंकज जैन के अनुसार, सभी मरीज अलग-अलग समय पर अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे थे। प्रत्येक मरीज की विस्तृत चिकित्सकीय जांच, एक्स-रे, रक्त परीक्षण और अन्य आवश्यक मेडिकल मूल्यांकन किए गए। सभी रिपोर्टों का विश्लेषण करने के बाद विशेषज्ञों ने तय किया कि इन मरीजों की सर्जरी एक निर्धारित कार्यक्रम के तहत एक ही दिन में की जा सकती है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हुआ और मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सका। उन्होंने बताया कि सभी 11 सर्जरी पूरी तरह सफल रहीं और मरीजों की रिकवरी भी संतोषजनक रही।

ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी क्या होती है?

ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी आधुनिक ऑर्थोपेडिक चिकित्सा की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें क्षतिग्रस्त या खराब हो चुके जोड़ को कृत्रिम प्रत्यारोपण (इम्प्लांट) से बदला जाता है। घुटने और कूल्हे के जोड़ उम्र बढ़ने, गठिया, चोट या अन्य बीमारियों के कारण क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को लगातार दर्द, सूजन और चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सफल ज्वाइंट रिप्लेसमेंट के बाद मरीजों की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखा जाता है और वे सामान्य गतिविधियों में वापस लौट सकते हैं।

सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सकारात्मक संकेत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह की जटिल और उन्नत सर्जरी का सफल संचालन सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। भारत में जोड़ों से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बड़े सरकारी अस्पतालों द्वारा आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराना लाखों लोगों के लिए राहत का कारण बन सकता है। एसएमएस अस्पताल राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में से एक है और यहां राज्य के विभिन्न जिलों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।

मरीजों को मिला नया जीवन

सर्जरी के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल की चिकित्सा टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। कई मरीज लंबे समय से दर्द और चलने-फिरने की समस्या से परेशान थे और सर्जरी के बाद उन्हें बेहतर जीवन की उम्मीद मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर उपचार और उचित पुनर्वास कार्यक्रम के माध्यम से अधिकांश मरीज सामान्य जीवनशैली में वापस लौट सकते हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती विशेषज्ञता का उदाहरण

एसएमएस अस्पताल की यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत के सरकारी स्वास्थ्य संस्थान जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संचालित करने में लगातार सक्षम होते जा रहे हैं। एक ही दिन में 11 ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी का सफल आयोजन न केवल अस्पताल की चिकित्सा दक्षता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि समर्पित टीमवर्क और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के बल पर बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।

यह उपलब्धि भविष्य में ऐसे और विशेष सर्जिकल अभियानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है तथा देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

Leave a comment