संसद के 1-19 दिसंबर सत्र में प्रमुख विधेयकों पर होगा फोकस, जानें किन मुद्दों पर होगी चर्चा

संसद का शीतकालीन सत्र 1-19 दिसंबर तक चलेगा। सुरक्षा, वायु प्रदूषण, SIR और प्रमुख विधेयकों पर बहस होगी। विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा।

संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। इसमें सुरक्षा, वायु प्रदूषण और SIR जैसे मुद्दों पर विपक्ष सवाल उठाएगा। सरकार परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा और कॉर्पोरेट कानून के प्रमुख विधेयक पेश करेगी।

New Delhi: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार, 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में सरकार अपने सुधार एजेंडे के तहत कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी, वहीं विपक्ष भी कई गंभीर मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सत्र से पहले कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), दिल्ली में हुए आतंकी हमले और वायु प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजधानी में हाल के धमाके और वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति देशवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

दिल्ली आतंकी हमले की घटना

प्रमोद तिवारी ने संसद में यह मांग जताई कि दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को उजागर किया है और सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उनके अनुसार, सत्र में इन सुरक्षा मुद्दों पर बहस से न केवल जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए नीतियों में सुधार भी संभव होगा।

वायु प्रदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर चर्चा

सत्र में वायु प्रदूषण भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि दिल्ली और अन्य राज्यों में वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है और इसके कारण नागरिकों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाए और सांसदों के समक्ष कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करे। उनका मानना है कि पर्यावरणीय नीतियों और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर गंभीर बहस की आवश्यकता है।

विदेश नीति पर विपक्ष की आलोचना

सत्र में विपक्ष सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाने के लिए तैयार है। तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति कई मामलों में असफल साबित हुई है और इसके कारण देश की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में इस विषय पर खुलकर चर्चा होगी और सरकार को जवाब देना होगा।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का संदेश

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे सत्र के दौरान मर्यादा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सांसदों को "ठंडे दिमाग से काम करना चाहिए" और गरमागरम बहस से बचना चाहिए ताकि कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके। रिजिजू ने कहा कि सर्दियों की शुरुआत में तापमान कम होने के कारण सांसदों का स्वास्थ्य और कार्यक्षमता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

सर्वदलीय बैठक

सर्वदलीय बैठक के दौरान रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार का फोकस मुख्य रूप से विपक्ष की चिंताओं को सुनने पर रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसद शांतचित्त होकर चर्चा करेंगे और किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी। उनका कहना है कि अगर सभी दल सहयोग करेंगे तो यह सत्र देश और लोकतंत्र दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा।

सत्र का एजेंडा और प्रमुख विधेयक

संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी, जिसमें परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा सुधार, कॉर्पोरेट कानून संशोधन और प्रतिभूति बाजार संहिता शामिल हैं। इसके अलावा, मध्यस्थता कानून में बदलाव और अन्य सुधारों पर भी चर्चा होगी। विपक्ष इन विधेयकों के साथ-साथ सुरक्षा, वायु प्रदूषण और SIR जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगा।

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