सप्ताह का पहला दिन यानी सोमवार देवों के देव महादेव और चंद्र ग्रह को समर्पित माना जाता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि भगवान शिव बहुत ही भोले हैं और मात्र एक लोटा जल चढ़ाने से भी प्रसन्न हो जाते हैं। वहीं, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवार का संबंध हमारे मन के कारक 'चंद्रमा' से भी है। इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय न केवल जीवन के कष्टों को दूर करते हैं, बल्कि मानसिक शांति और समृद्धि भी लाते हैं।
सोमवार का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ है। शिव पुराण में कहा गया है कि जो भक्त सोमवार को सच्चे मन से शिवजी का अभिषेक करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, सोमवार का स्वामी ग्रह 'चंद्रमा' है। कुंडली में यदि चंद्रमा कमजोर हो, तो व्यक्ति को मानसिक तनाव, घबराहट और माता के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। सोमवार को शिव पूजा करने से 'चंद्र दोष' के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
महादेव को प्रसन्न करने के 5 अचूक उपाय
यहाँ कुछ बेहद सरल और प्रभावशाली उपाय दिए गए हैं:
- जलाभिषेक: सुबह स्नान के बाद किसी भी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल या कच्चा दूध अर्पित करें। जल में थोड़ा गंगाजल और काले तिल मिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- बिल्व पत्र और शमी: भगवान शिव को बिल्व पत्र (बेलपत्र) अत्यंत प्रिय हैं। 3 पत्तों वाला बेलपत्र, जिस पर चंदन से 'ॐ' या 'राम' लिखा हो, शिवलिंग पर चढ़ाने से विशेष फल मिलता है।
- सफेद वस्तुओं का दान: चूंकि सोमवार का रंग सफेद है और इसका संबंध चंद्रमा से है, इसलिए इस दिन सफेद वस्तुएं जैसे- चावल, चीनी, दूध, दही या सफेद वस्त्र का दान करना चाहिए। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
- मंत्र जाप: पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। यदि संभव हो तो महामृत्युंजय मंत्र का भी पाठ करें।
- नंदी की पूजा: भगवान शिव के साथ उनके गण नंदी की पूजा करना न भूलें। मंदिर से निकलते समय नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहने की परंपरा सदियों पुरानी है।
क्या न करें?
सोमवार के दिन तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, काले रंग के वस्त्र पहनने से बचें और किसी से वाद-विवाद न करें।











