झारखंड के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का द्वादशा श्राद्ध कार्यक्रम आज गिरिडीह में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत राज्य सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक, अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल होने पहुंचे हैं। गिरिडीह में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और आयोजकों की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और भोजन-प्रसाद की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम में 30 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान है।
द्वादश श्राद्ध का आयोजन गिरिडीह स्थित सुदिव्य कुमार सोनू के रिसॉर्ट उत्सव उपवन में किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके साथ ही सांसदों, विधायकों, पक्ष और विपक्ष के नेताओं तथा प्रशासनिक अधिकारियों के भी पहुंचने की संभावना है। बड़ी संख्या में आम लोगों के कार्यक्रम में शामिल होने को देखते हुए आयोजन स्थल पर अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं।
कार्यक्रम को लेकर तैयारियों का जायजा पहले ही प्रशासनिक स्तर पर लिया जा चुका है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने बुधवार को आयोजन स्थल का निरीक्षण किया था। इस दौरान गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, डीडीसी स्मृति कुमारी और झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह सहित कई अधिकारी और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम में आने वाले लोगों की भीड़, सुरक्षा व्यवस्था, वाहनों के आवागमन और पार्किंग समेत कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई।
द्वादश श्राद्ध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए प्रसाद की व्यवस्था भी बड़े स्तर पर की गई है। रिपोर्ट के अनुसार एक समय में करीब 1500 लोगों के बैठकर प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भी अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोग व्यवस्थित तरीके से दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दे सकें।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद से ही गिरिडीह और उनके राजनीतिक क्षेत्र में शोक का माहौल रहा है। उनके समर्थकों, परिचितों और राजनीतिक सहयोगियों की ओर से लगातार श्रद्धांजलि दी जाती रही है। अब द्वादश श्राद्ध के अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना है। कार्यक्रम में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के अलावा स्थानीय नागरिकों के भी पहुंचने की उम्मीद है।
कार्यक्रम की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक गिरिडीह शहर में सुबह 9 बजे से रात 12 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसका उद्देश्य कार्यक्रम के दौरान शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव कम करना और लोगों के आवागमन को सुचारु बनाए रखना है। दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए अलग-अलग मार्गों पर पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
गिरिडीह के सभी प्रखंडों के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से भी लोगों के कार्यक्रम में पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को व्यवस्थित रखना और आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर यातायात को नियंत्रित करना है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
कार्यक्रम स्थल पर आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने इस बात का ध्यान रखा है कि आयोजन स्थल के आसपास अनावश्यक जाम की स्थिति न बने। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पहुंचने की स्थिति में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, इसलिए पार्किंग और रूट व्यवस्था को पहले से व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है। भारी वाहनों पर अस्थायी रोक भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। वीआईपी और वीवीआईपी लोगों के कार्यक्रम में पहुंचने के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर तैयार किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम से पहले सुरक्षा और यातायात से जुड़े इंतजामों का निरीक्षण किया, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
द्वादश श्राद्ध कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पहुंचने से राजनीतिक स्तर पर भी कार्यक्रम की अहमियत बढ़ गई है। हालांकि यह मुख्य रूप से दिवंगत मंत्री की स्मृति में आयोजित धार्मिक और पारिवारिक कार्यक्रम है, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में राजनीतिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। राज्य सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक भी कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पक्ष और विपक्ष के नेताओं के भी शामिल होने की बात सामने आई है।
आयोजन स्थल पर लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धांजलि और प्रसाद ग्रहण करने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। 1500 लोगों के एक साथ प्रसाद ग्रहण करने की क्षमता वाली व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ को चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना है। इससे एक ही समय में बहुत अधिक भीड़ एक स्थान पर जमा होने की संभावना कम की जा सकेगी।
प्रशासन के सामने कार्यक्रम के दौरान शहर की सामान्य गतिविधियों को भी बनाए रखने की चुनौती है। एक ओर हजारों लोग दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचेंगे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और सामान्य यातायात को भी व्यवस्थित रखना होगा। इसी कारण भारी वाहनों के लिए निर्धारित समय तक प्रतिबंध और अलग-अलग पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है।
द्वादश श्राद्ध के अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का अनुमान आयोजन से जुड़े लोगों और प्रशासनिक तैयारियों में भी दिखाई दे रहा है। पहले जहां करीब 25 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना बताई जा रही थी, वहीं ताजा रिपोर्ट में यह संख्या 30 हजार से अधिक रहने का अनुमान दिया गया है। इतनी बड़ी भीड़ के लिए भोजन, पानी, बैठने, श्रद्धांजलि और सुरक्षा की व्यवस्थाएं पहले से तैयार की गई हैं।
सुदिव्य कुमार सोनू के समर्थकों और स्थानीय लोगों के लिए यह कार्यक्रम उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग दिवंगत नेता की स्मृतियों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोगों की मौजूदगी के कारण गिरिडीह में आज दिनभर गतिविधियां बढ़ी रहने की संभावना है।
फिलहाल गिरिडीह में द्वादश श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई प्रमुख लोगों के पहुंचने और 30 हजार से अधिक लोगों के जुटने के अनुमान को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को विशेष जिम्मेदारियां दी गई हैं। भारी वाहनों पर रोक, अलग-अलग पार्किंग स्थल, पुलिस बल की तैनाती और बड़े स्तर पर प्रसाद की व्यवस्था के जरिए कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारी है।











