पुणे स्थित विंड टर्बाइन निर्माता Suzlon Energy ने सोमवार को जानकारी दी कि उसने कर्नाटक के विजयनगर जिले में S175 (5 MW) विंड टर्बाइन पावरहाउस स्थापित किया है। लगभग 160 मीटर ऊंचा यह टर्बाइन भारत का अब तक का सबसे ऊंचा विंड टर्बाइन पावरहाउस बताया जा रहा है।
बिजनेस न्यूज़: भारत की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी Suzlon Energy ने देश के विंड एनर्जी सेक्टर में एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। कंपनी ने कर्नाटक के विजयनगर जिले में अपना नया S175 (5 MW) विंड टर्बाइन पावरहाउस स्थापित किया है, जिसे भारत का अब तक का सबसे ऊंचा और शक्तिशाली विंड टर्बाइन बताया जा रहा है। इस घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली और बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
160 मीटर ऊंचा S175 टर्बाइन बना चर्चा का केंद्र
Suzlon ने बताया कि नया S175 विंड टर्बाइन 160 मीटर की हब ऊंचाई के साथ स्थापित किया गया है। यह न केवल कंपनी का सबसे एडवांस मॉडल है, बल्कि भारत में अब तक लगाए गए विंड टर्बाइनों में सबसे ऊंचा भी माना जा रहा है। 5 मेगावॉट क्षमता वाला यह टर्बाइन देश के नवीकरणीय ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसे विशेष रूप से अधिक ऊर्जा उत्पादन और बेहतर दक्षता के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह टर्बाइन उनके 30 वर्षों से अधिक के अनुभव और 15.5 GW से अधिक स्थापित टर्बाइन फ्लीट से मिले तकनीकी ज्ञान का परिणाम है।
FDRE-रेडी टेक्नोलॉजी से बढ़ेगी ऊर्जा स्थिरता
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S175 को भारत का पहला FDRE-Ready (Firm and Dispatchable Renewable Energy) विंड टर्बाइन बताया जा रहा है। इसका मतलब है कि यह तकनीक न केवल बिजली उत्पादन को बढ़ाएगी, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति को अधिक स्थिर और नियंत्रित भी बनाएगी। यह विशेषता इसे पारंपरिक विंड टर्बाइनों से अलग बनाती है और इसे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए अधिक उपयोगी बनाती है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक भारत के रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, खासकर तब जब देश तेजी से कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कम हवा वाले क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन
Suzlon के अनुसार, नया टर्बाइन खास तौर पर उन क्षेत्रों में भी प्रभावी है जहां हवा की गति मध्यम या कम होती है। इसका डिजाइन ऐसे इलाकों में भी अधिक ऊर्जा उत्पादन सुनिश्चित करता है जहां पहले पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को सीमित माना जाता था। इससे भारत में विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स का भौगोलिक दायरा और भी बढ़ सकता है, जिससे अधिक राज्यों और क्षेत्रों को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में शामिल किया जा सकेगा।
इस बड़ी घोषणा का सीधा असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कंपनी के स्टॉक में करीब 6% तक की तेजी दर्ज की गई। निवेशकों ने इस तकनीकी उपलब्धि को भविष्य की ग्रोथ के संकेत के रूप में देखा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के इनोवेशन कंपनी की ऑर्डर बुक और रेवेन्यू ग्रोथ पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।









